Rajasthan Politics: राजस्थान के सवाई माधोपुर में आज सियासत का माहौल गरमा गया, जब इंडियन नेशनल कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं ने G RAM G Act के विरोध में दिन भर का उपवास शुरू किया। इस आंदोलन को कांग्रेस ने जन-विरोधी कानून बताते हुए कहा कि यह एक्ट ग्राउंड लेवल पर आम लोगों, उत्सलार गांव और छोटे शहरों के नागरिकों पर सीधा असर डाल रहा है। पार्टी का कहना है कि जब तक सरकार इस पर पुनर्विचार नहीं करती, तब तक आवाज़ बुलंद होती रहेगी।
READ MORE: लखनऊ में इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग का नया युग
बैकग्राउंड स्नैपशॉट
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि G RAM G Act को लागू करने के बाद लोकल एडमिनिस्ट्रेशन और आम नागरिकों के बीच कन्फ्यूजन बढ़ गई है। पार्टी के मुताबिक, इस एक्ट के कुछ प्रावधान ऐसे हैं जो गांव की सेल्फ-गवर्नेंस और पारंपरिक फैसले लेने की प्रक्रिया को कमजोर करते हैं। सवाई माधोपुर में रखा गया यह उपवास इसी बात का संकेत है कि विपक्ष मैदान पर उतरकर सरकार पर दबाव बनाना चाहती है।
उपवास का मकसद
उपवास पर बैठे कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि यह सिर्फ एक सिंबॉलिक प्रोटेस्ट नहीं, बल्कि एक “जन-जागरण” है। उनकी दवा है कि ग्राम राम जी एक्ट से गांव के लोगों के रोजमर्रा के फैसलों पर सरकारी हस्तक्षेप बढ़ रहा है। कांग्रेस का कहना है कि कानून बनाते वक़्त ज़मीनी हकीकत को नज़रअंदाज़ किया गया, जिसका नुकसान आम नागरिकों को उठा रहा है।
READ MORE: भारत की आस्था, गौरव और अटूट संकल्प का उत्सव, गौरव का पल
पॉलिटिकल मैसेजिंग
प्रोटेस्ट के दौरान नेताओं ने खुले तौर पर सरकार से सवाल पूछे, क्या कानून लागू करने से पहले स्टेकहोल्डर्स से बात की गई? क्या ग्राम सभा और लोकल बॉडीज़ के सुझाव को सीरियसली लिया गया? कांग्रेस ने यह भी कहा कि अगर सरकार सच में डीसेंट्रलाइज़ेशन चाहती है, तो फिर ऐसे कानून क्यों जो लोकल ऑटोनॉमी को लिमिट करें।
READ MORE: CBI जांच की सिफारिश पर CM पुष्कर सिंह धामी का बड़ा फैसला, BJP नेताओं ने किया आभार
पब्लिक रिस्पॉन्स
सवाई माधोपुर के कई जगहों पर प्रोटेस्ट साइट पर पहुंचकर अपना सपोर्ट जताते नज़र आए। लोगों का कहना था कि कानून के कुछ पहलू अभी साफ नहीं हैं और उन्हें डर है कि आगे चलकर इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। कांग्रेस पब्लिक सेंटिमेंट को अपनी ताकत बताते हुए कह रही है कि यह सिर्फ पार्टी पॉलिटिक्स नहीं, बल्कि लोगों की आवाज है।
सरकार पर दबाव
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि अगर सरकार ने G RAM G Act पर बातचीत शुरू नहीं की, तो आंदोलन और तेज होगा। आने वाले दिनों में जिले से राज्य स्तर तक विरोध का रोडमैप तैयार किया जा सकता है। पार्टी का कहना है कि डेमोक्रेटिक तरीके से दबाव बनाना ही उनका उद्देश्य है, ताकि कानून में सुधार हो सके।
READ MORE: टिहरी गढ़वाल से देवभूमि का बड़ा संदेश, CM ने युवा और संस्कृति को बताया उत्तराखंड का फ्यूचर विजन
बड़ी पॉलिटिकल पिक्चर
राजस्थान की राजनीति में यह प्रोटेस्ट सिर्फ एक जिले तक नहीं माना जा रहा है। पॉलिटिकल ऑब्जर्वर के मुताबिक, GRAM G एक्ट पर चल रहा यह विरोध आने वाले समय में पूरे राज्य में नैरेटिव बन सकता है। कांग्रेस इस मुद्दे को गवर्नेंस, लोकल राइट्स और पब्लिक पार्टिसिपेशन डेमोंस्ट्रेट करने के मौके के रूप में देख रही है।
READ MORE: वृन्दावन से उठा हिंदू एकता का महासंदेश, मोहन भागवत का राष्ट्र निर्माण पर बड़ा आह्वान
सवाई माधोपुर का एक दिन का अनशन यह दिखाता है कि राजस्थान में GRAM G एक्ट पर संघर्ष अब ज़मीन पर आ चुका है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक सरकार लोगों की बात नहीं सुनती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब सबकी नज़र सरकार के अगले कदम पर है क्या डायलॉग होगा या सियासत और गरमाएगी।
Follow Us: YouTube| Tv today Bharat Live | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
