G20 Summit Johannesburg: जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 समिट के कल के सत्र अत्यंत उपयोगी और सार्थक साबित हुए। भारत के प्रतिनिधि के रूप में मेरी भागीदारी न केवल दो प्रमुख सत्रों में रही, बल्कि इस दौरान मैंने दुनिया के शीर्ष नेताओं के साथ महत्वपूर्ण वार्ताएं भी कीं। इन चर्चाओं में वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास, टिकाऊ ऊर्जा समाधान, बहुपक्षीय सहयोग और भविष्य की वैश्विक रणनीतियाँ प्रमुख विषय रहे। समिट के दौरान मैंने भारत की ओर से स्पष्ट संदेश दिया कि आज का विश्व एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है और हम सभी की चुनौतियां भी साझा हैं ऐसे में समाधान भी सामूहिक और समन्वित होने चाहिए।
Read More: अमेरिकी दबाव, रूसी उम्मीदें भारत फिर बोला, रास्ता शांति का है
G20 के सत्रों में मेरी टिप्पणी का मुख्य केंद्र यह रहा कि आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति एक-दूसरे के पूरक हैं। जब हम विकास की रणनीति बनाते हैं, तो हमें केवल जीडीपी वृद्धि नहीं, बल्कि मानव संसाधन विकास, स्किलिंग, नवाचार और प्रौद्योगिकी के समान वितरण पर भी ध्यान देना चाहिए। इसी दृष्टिकोण से मैंने उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए वित्तीय सहयोग तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि ग्लोबल साउथ की आवाज़ न केवल सुनी जाए बल्कि निर्णय प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा भी बने।
इसके साथ ही, समिट में पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा संक्रमण पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मैंने दुनिया के देशों से आग्रह किया कि वे ऊर्जा समाधानों में स्थिरता और न्याय की भावना को प्राथमिकता दें। भारत ने पिछले वर्षों में जिस तीव्रता से नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाई है, वह विश्व समुदाय के लिए एक प्रेरणात्मक मॉडल बनकर उभरी है।
Read More: PM Modi Meloni candid PM मोदी–मेलोनी की अनौपचारिक बातचीत ने G20 समिट की राजनीति में मचा डाली हलचल
सत्रों के अलावा, मेरी कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों से द्विपक्षीय मुलाकातें भी हुईं। इन बैठकों में रक्षा सहयोग, व्यापारिक अवसरों, सांस्कृतिक साझेदारी, रणनीतिक सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और तकनीकी साझेदारी जैसे मुद्दों पर सकारात्मक संवाद हुआ। साझेदार देशों ने भारत के नेतृत्व और वैश्विक मामलों में उसकी भूमिका की सराहना करते हुए और अधिक सहयोग की इच्छा व्यक्त की।
समिट का माहौल न केवल औपचारिक रहा, बल्कि इसमें एक मानवीय और सौहार्दपूर्ण भाव भी शामिल था। दुनिया भर के नेता एक छत के नीचे बैठे विचारों का आदान-प्रदान हुआ, मतभेदों को रचनात्मकता से सुलझाने का प्रयास हुआ और वैश्विक शांति व स्थिरता के लिए सामूहिक संकल्प दोहराया गया।
अंत में, कल के कार्यकलापों ने यह साबित किया कि G20 केवल आर्थिक विमर्श का मंच नहीं बल्कि वैश्विक संतुलन और मानवता-केंद्रित विकास का आधार बन चुका है। मुझे विश्वास है कि यह समिट आने वाले वर्षों में विश्व समुदाय के लिए एक नई राह दिखाएगा और भारत इस दिशा में एक महत्वपूर्ण, समन्वित और निर्णायक भूमिका अदा करता रहेगा। ये प्रमुख झलकियां इसी भावना का प्रमाण हैं सकारात्मक संवाद, सहयोग की इच्छा, दृष्टिगत समाधान और वैश्विक एकता की दिशा में ठोस कदम।
Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
