Tv Today Bharat Breaking: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर जनता-केन्द्रित प्रशासनिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए ‘बिजली बिल राहत योजना’ की घोषणा की है। यह योजना 1 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 28 फरवरी 2026 तक चलेगी। इसका उद्देश्य घरेलू और छोटे वाणिज्यिक बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिलों के बोझ से वास्तविक राहत प्रदान करना है। इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पहली बार 100% ब्याज माफी, पूर्ण सरचार्ज माफी और मूल धन पर 25 प्रतिशत की छूट दी गई है। 2 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन और 1 किलोवाट तक के छोटे व्यापारी उपभोक्ता इस योजना के प्रमुख लाभार्थी होंगे। योगी सरकार का संकेत स्पष्ट है उपभोक्ता केवल भुगतानकर्ता नहीं, बल्कि सम्मानित साझेदार हैं।
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ब्याज माफी + मूलधन में छूट = सीधी राहत
इस योजना के तहत जिन उपभोक्ताओं पर पूर्व में बिजली बिल का बकाया था और जिनके बिल पर ब्याज और सरचार्ज लगातार बढ़ रहा था उन्हें अब पूरी तरह से राहत मिलेगी। यह कदम उन गरीब परिवारों, छोटे दुकानदारों, किसान उपभोक्ताओं और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली उपभोग करने वालों के लिए बड़ी राहत बनकर आया है। योजना के अंतर्गत यह व्यवस्था भी की गई है कि यदि किसी उपभोक्ता का बिल अचानक बढ़ गया है तो वह औसत खपत के आधार पर स्वतः संशोधित किया जाएगा। इससे बिलिंग के असमान तरीकों से उपजे विवाद खत्म होंगे।
मुकदमों से परेशान उपभोक्ताओं को राहत
कई उपभोक्ता वर्षों से अनधिकृत उपयोग जैसी श्रेणियों में फंसकर कानूनी उलझनों से गुजर रहे थे। अब ऐसे मामलों को इस योजना के अंतर्गत निपटाया जाएगा। इसका अर्थ है कि affected परिवारों को न तो अदालतों के चक्कर काटने पड़ेंगे और न ही अनिश्चितता का तनाव सहना पड़ेगा।
आसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
योजना का पंजीकरण अत्यंत सरल है। उपभोक्ता www.uppcl.org पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या अपने निकटतम विद्युत वितरण कार्यालय में जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। राज्य सरकार द्वारा व्यापक सूचना अभियान के तहत,
- नोटिस
- पत्रक
- सूचनात्मक पत्र
- ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में विशेष शिविर
आयोजित किए जा रहे हैं ताकि हर उपभोक्ता इस योजना से जुड़ सके।
असली फायदा किसको?
इस योजना का सीधा आर्थिक प्रभाव पड़ेगा
- गरीब परिवारों पर
- छोटे दुकानदारों पर
- सीमित खपत वाले ग्रामीण उपभोक्ताओं पर
- किसान परिवारों पर
कम मासिक किस्तों और घटे हुए बिलों के कारण उपभोक्ताओं को न सिर्फ आर्थिक राहत मिलेगी बल्कि भुगतान की प्रक्रिया सरल एवं सम्मानजनक होगी।
विश्वास और ऊर्जा-न्याय का मॉडल
यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है जिसमें उपभोक्ता और सरकार के बीच भरोसे का रिश्ता स्थापित किया जा रहा है। बिजली जैसी आवश्यक सेवा को केवल राजस्व संग्रह का साधन नहीं बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास का उपकरण माना जा रहा है। योजना यूपी के बिजली वितरण तंत्र में अनुशासन, पारदर्शिता और उपभोक्ता-मैत्रीभाव बढ़ाएगी। हर नागरिक को सुलभ और सरल ऊर्जा प्रणाली उपलब्ध हो इस लक्ष्य की दिशा में यह एक निर्णायक कदम है।
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‘बिजली बिल राहत योजना’ सिर्फ एक सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक-आर्थिक राहत कार्यक्रम है। यह उन परिवारों की मदद करेगा जो वर्षों से बिजली बिलों के दबाव, ब्याज के बोझ और भुगतान में असमता से जूझ रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि सरकार जनता के साथ खड़ी है और यूपी के हर घर तक आर्थिक सम्मान और ऊर्जा सुरक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि आप उत्तर प्रदेश के उपभोक्ता हैं, तो याद रखें, 1 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच आवेदन करें और बिजली बिल के बोझ से मुक्ति पाएं।
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