Tv Today Bharat Exclusive: भारत के रक्षा क्षेत्र में पिछले साल एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। स्वीडन स्थित स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की तीन प्रमुख डिफेंस कंपनियों Hindustan Aeronautics Limited (HAL), Bharat Electronics Limited (BEL), और Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDSL) की आय में कुल मिलाकर 8.2% की बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई है। इन कंपनियों की संयुक्त आय $7.5 बिलियन (करीब ₹62,000 करोड़) तक पहुंच गई।
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HAL: भारत का सबसे बड़ा डिफेंस प्रोड्यूसर
HAL ने अपनी बढ़त बरकरार रखी और $3.8 बिलियन की आर्म्स रेवेन्यू दर्ज की, हालांकि इसमें 0.3% की मामूली गिरावट देखी गई। SIPRI की टॉप-100 सूची में HAL की रैंकिंग 44 रही, जो पिछले वर्ष 42 थी। HAL विमानों, हेलीकॉप्टरों, इंजन और अंतरिक्ष उपकरणों का निर्माण करता है। उसकी कुल आय का 95% हिस्सा डिफेंस सेक्टर से आता है, जो भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में इसे एक बुनियादी स्तंभ बनाता है।
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BEL: सबसे तेज़ बढ़ने वाली भारतीय डिफेंस कंपनी
BEL ने भारतीय कंपनियों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की 23.6% की जबरदस्त उछाल! कंपनी की आर्म्स रेवेन्यू $3.8 बिलियन तक पहुंच गई। इस वृद्धि का श्रेय भारत सरकार की ओर से रडार, कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉर सिस्टम्स के बड़े ऑर्डर्स को दिया गया। वैश्विक रैंकिंग में BEL 10 पायदान चढ़कर 68 से 58वें स्थान पर पहुंच गई। BEL की कुल आय का 89.9% हिस्सा रक्षा उत्पादों से आता है।
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MDSL: पनडुब्बियों और युद्धपोतों की रीढ़
भारत की प्रमुख शिपबिल्डिंग कंपनी MDSL की डिफेंस आय में 9.38% की वृद्धि दर्ज की गई, जो $1.12 बिलियन रही। MDSL ने अपनी वैश्विक रैंकिंग 91 बरकरार रखी। इस कंपनी की कुल आय $1.37 बिलियन रही, जिसमें से 89.8% आय रक्षा उत्पादन से जुड़ी रही।
वैश्विक स्थिति: अमेरिका और यूरोप सबसे आगे
SIPRI रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की टॉप-100 डिफेंस कंपनियों की कुल रेवेन्यू 2024 में 5.9% बढ़कर $679 बिलियन तक पहुंच गई।
- सूची में सबसे ऊपर रहा अमेरिकी कंपनी Lockheed Martin, जिसकी आर्म्स रेवेन्यू $62 बिलियन रही।
- शीर्ष पाँच में से चार कंपनियां अमेरिका की हैं।
- ब्रिटेन की BAE Systems चौथे स्थान पर, रूस की Rostec सातवें नंबर पर और चीन की AVIC आठवें स्थान पर रही।
भारत की डिफेंस खर्च स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 2024 में रक्षा पर $86.23 बिलियन खर्च किया। इसके मुकाबले
- पाकिस्तान: $10.16 बिलियन
- चीन: $313.67 बिलियन
यह स्पष्ट करता है कि भारत की रक्षा क्षमता एशिया और विश्व स्तर पर लगातार मजबूत हो रही है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रभावी कदम
TV Today Bharat के आकलन के अनुसार भारत की तीनों डिफेंस कंपनियों की बढ़ती आय यह दिखाती है कि,
- भारत की सैन्य तकनीक लगातार मजबूत हो रही है
- स्वदेशी उत्पादन पर निर्भरता बढ़ रही है
- भविष्य में भारत दुनिया के बड़े डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब में शामिल हो सकता है
यह वृद्धि केवल आर्थिक संकेत नहीं है, बल्कि भारत की सामरिक तथा सुरक्षा क्षमता का विस्तार भी है।
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