India FDI growth 2025–26: दुनिया की नजरें भारत पर टिक गई हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में भारत ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) में $50.36 बिलियन का inflow दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि से 16% अधिक है। यह केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि भारत की निवेश क्षमता और वैश्विक भरोसे का प्रतीक बन चुकी है। संसद में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने इसे पहली छमाही के लिए अब तक का उच्चतम बताया।
2. पिछले दशक की तुलना में छलांग
क्या आप जानते हैं? 2012-13 में भारत में FDI inflows केवल $34 बिलियन थे। आज यह आंकड़ा $80 बिलियन से अधिक हो गया है। यह वृद्धि केवल वित्तीय मापदंड नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक आर्थिक ताकत का संकेत है।

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3. दूसरा तिमाही का आश्चर्य
अप्रैल–सितंबर 2025 की दूसरी तिमाही में FDI में 18% की तेज वृद्धि हुई, कुल inflows $35.18 बिलियन तक पहुंच गए। यह बढ़ोतरी सिर्फ निवेश की संख्या नहीं, बल्कि विदेशी निवेशकों के भरोसे और भारत की आर्थिक स्थिरताकी कहानी कह रही है।
4. प्रतिफल और विदेशी निवेश का समीकरण
जितिन प्रसाद ने बताया कि नेट FDI में यह वृद्धि रेपैट्रिएशन और डिसइंवेस्टमेंट से भी जुड़ी है। भारत में निवेश केवल आकर्षक नहीं रहा, बल्कि निवेशकों को मजबूत रिटर्न भी मिला। यह संकेत देता है कि भारत अब सिर्फ निवेश पाने वाला देश नहीं, बल्कि भरोसेमंद निवेश स्थल बन चुका है।
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5. मुक्त व्यापार समझौतों का जादू
सरकार ने FTA और PTA का लाभ उठाकर निवेशकों को आकर्षित किया। भारत ने अब तक 15 FTA और 6 PTA पर हस्ताक्षर किए हैं। मार्च 2024 में EFTA देशों (स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, लिक्टेंस्टीन और आइसलैंड) के साथ समझौते ने तो इतिहास ही बदल दिया। $100 बिलियन निवेश और 1 मिलियन रोजगार का वचन, 15 वर्षों में!
6. भविष्य की संभावनाएं और वैश्विक मंच
सरकार अब EU, Peru, Chile, New Zealand, Oman जैसी नई FTAs पर बातचीत कर रही है। इसका मतलब साफ है – भारत विनिमय और वैश्विक साझेदारी का केंद्र बन रहा है।
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7. सस्पेंस: क्या भारत की इस चमक के पीछे कोई चुनौती भी है?
जहां एक ओर भारत के FDI आंकड़े ऐतिहासिक हैं, वहीं वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा, अमेरिकी टैरिफ और व्यापार नीति जैसी चुनौतियां भी खड़ी हैं। निवेशकों का भरोसा बना रहेगा या नहीं, यह आने वाले महीनों में तय होगा। भारत की आर्थिक कहानी अब सिर्फ विकास का नहीं, बल्कि विश्वसनीयता, अवसर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का प्रतीक बन चुकी है। जो देश आज $50 बिलियन FDI की नई ऊँचाई छू रहा है, वह कल वैश्विक निवेश के मानचित्र पर सबसे मजबूत जगह बना सकता है।
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