Lok Nirman se Lok Kalyan Newsletter Release: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में आज वह काम किया, जिसे सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम कहकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। क्योंकि जब राज्य का मुखिया किसी दस्तावेज़ का विमोचन करता है, तो उसकी असली कहानी उन पन्नों में नहीं, बल्कि उस सोच में छिपी होती है जो व्यवस्था की दिशा तय करती है। ‘लोक निर्माण से लोक कल्याण’ नवंबर-2025 के इस न्यूज-लेटर का शीर्षक सुनने में जितना सरल लगता है, उतना ही गहरा संदेश अपने भीतर रखता है। और शायद इसी वजह से इसका विमोचन महज़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं का ऐलान रहा।
डॉ. मोहन यादव ने साफ संकेत दिया कि अब मध्यप्रदेश की सरकारी मशीनरी को कागज़ी योजनाओं की जगह धरातली काम से अपनी पहचान बनानी होगी। “लोक निर्माण से लोक कल्याण” का मतलब सिर्फ सड़कें, पुल, भवन बनाना नहीं है बल्कि यह समझना है कि हर ईंट, हर सड़क, हर रास्ता जनता की जिंदगी आसान करने के लिए होना चाहिए। आज विकास की चर्चा अक्सर राजनीति और भाषणों में खो जाती है, लेकिन यह न्यूज-लेटर सीधे बता रहा है कि सरकार अब अपना रिपोर्ट कार्ड पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखने को तैयार है।
साथ ही जारी हुआ ‘लोकपथ इनफार्मेशन ब्रोशर’ सरकार की कार्यशैली में बढ़ती प्रोफेशनल अप्रोच का संकेत दे रहा है। लोकपथ यानी राज्य का वह नेटवर्क, जो गांवों को शहरों से, और जनता को अवसरों से जोड़ता है। यह ब्रोशर सड़क निर्माण, मरम्मत, रखरखाव और भविष्य की परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराता है। यह कदम अपने आप में इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि लंबे समय से आम जनता को यह पता ही नहीं चलता था कि किस सड़क के निर्माण में कितना बजट लगा, किस मार्ग की मरम्मत कब होनी है और किस परियोजना की समय-सीमा क्या है।
मुख्यमंत्री के इस विमोचन में जो बात सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है, वह है उनकी बेबाक कार्यशैली। डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कहा कि विकास अब सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं होगा काम दिखेगा, तभी भरोसा बढ़ेगा। यही वजह है कि यह न्यूज-लेटर विभागीय उपलब्धियों को सजाकर नहीं, बल्कि जमीन की सच्चाई के साथ पेश करता है।
प्रदेश की सड़कों की गुणवत्ता पर अक्सर विपक्ष सवाल उठाता रहा है। ऐसे माहौल में इस तरह के दस्तावेज़ जारी करना सरकार की आत्मविश्वास भरी शैली का परिचायक है। यह मानकर चलिए कि अब विभागों को भी समझ आ गया है कि उनका हर कदम पब्लिक डोमेन में दर्ज होगा और जनता उसके आधार पर अपना मत बनाएगी।
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‘लोक निर्माण से लोक कल्याण’ की अवधारणा मूल रूप से यह कहती है कि विकास जनता-केंद्रित होना चाहिए। जब सड़कें सिर्फ गाड़ियां चलाने के लिए नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की जिंदगी सुधारने के लिए बनें तभी वास्तविक लोककल्याण होता है। मध्यप्रदेश में पर्यटन, कृषि, उद्योग सभी क्षेत्रों की विकास गति सड़कों से ही गुजरती है। इसलिए यह न्यूज-लेटर न केवल विभागीय कार्यों का दस्तावेज है बल्कि यह संकेत भी है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और तेज़ होगा।
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कुल मिलाकर, आज का यह विमोचन कार्यक्रम एक साधारण सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के विकास मॉडल का अगला अध्याय खोलने जैसा है। अगर ‘लोक निर्माण से लोक कल्याण’ की यह सोच उसी दृढ़ता से जमीन पर उतरी जैसा इसका शीर्षक वादा करता है, तो यह राज्य की दिशा बदलने वाला कदम साबित हो सकता है।
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