Big decisions of Modi government: जनगणना 2027 को मंजूरी, कोपरा MSP में बढ़ोतरी और कोलसेतु नीति से उद्योगों को राहत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने देश के सामाजिक, कृषि और औद्योगिक विकास से जुड़े तीन अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी देकर एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि सरकार विकास, पारदर्शिता और किसान-कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ये फैसले न केवल प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करेंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देंगे।
सबसे अहम निर्णय भारत की जनगणना 2027 को लेकर लिया गया है। केंद्रीय कैबिनेट ने इस विशाल राष्ट्रीय योजना के संचालन के लिए ₹11,718.24 करोड़ की लागत को मंजूरी दी है। यह भारत जैसे विशाल और विविधता से भरे देश के लिए एक ऐतिहासिक कार्य है। जनगणना के माध्यम से जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, आवास, शिक्षा और रोजगार से जुड़ा सटीक डेटा उपलब्ध होगा, जो भविष्य की नीतियों की रीढ़ बनेगा। इस अभियान में लगभग 30 लाख फील्ड फंक्शनरी शामिल होंगी, जो गांव-गांव और शहर-शहर जाकर आंकड़े एकत्र करेंगी। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर करीब 550 दिनों तक लगभग 18,600 तकनीकी श्रमबल की सेवाएं ली जाएंगी। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि डिजिटल और तकनीकी दक्षता को भी मजबूती मिलेगी।
दूसरा बड़ा फैसला किसानों के हित से जुड़ा है। कैबिनेट ने 2026 सीज़न के लिए कोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दी है। सरकार ने मिलिंग कोपरा (Fair Average Quality) का MSP ₹12,027 प्रति क्विंटल और बॉल कोपरा का MSP ₹12,500 प्रति क्विंटल तय किया है। यह निर्णय खासतौर पर नारियल उत्पादक किसानों के लिए राहत लेकर आया है। बढ़ता MSP किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करेगा, आय में स्थिरता लाएगा और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा। सरकार का यह कदम ‘किसान-कल्याण’ की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
तीसरा महत्वपूर्ण निर्णय कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता से जुड़ा है। केंद्रीय कैबिनेट ने कोयला लिंकेज की नीलामी नीति को मंजूरी देते हुए ‘कोलसेतु’ नामक एक नई विंडो शुरू करने का फैसला किया है। इस नीति का उद्देश्य कोयले का निर्बाध, कुशल और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है। ‘कोलसेतु’ के माध्यम से अब किसी भी औद्योगिक उपयोग और निर्यात के लिए कोयले का इस्तेमाल आसान होगा। इसे एनआरएस लिंकेज नीति में शामिल किया गया है, जिससे उद्योगों को एकीकृत और स्पष्ट प्रक्रिया मिलेगी। इससे ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती, उद्योगों को स्थिर आपूर्ति और अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, मोदी सरकार के नेतृत्व में लिए गए ये फैसले भारत के डेटा-आधारित शासन, किसान सशक्तिकरण और औद्योगिक पारदर्शिता की दिशा में बड़े कदम हैं। जनगणना 2027 से नीति-निर्माण को मजबूती मिलेगी, MSP बढ़ोतरी से किसानों की आय सुरक्षित होगी और कोलसेतु नीति से ऊर्जा व उद्योग क्षेत्र को नई रफ्तार मिलेगी। ये निर्णय आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
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