BJP Suvendu Adhikari statement: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी से जुड़े एक कार्यक्रम में अव्यवस्था और कुप्रबंधन के आरोप सामने आए। इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मेसी के इवेंट में हुई अव्यवस्था की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में यदि अव्यवस्था होती है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि लियोनेल मेसी जैसे विश्वप्रसिद्ध खिलाड़ी से जुड़ा कार्यक्रम न केवल खेल प्रेमियों के लिए अहम होता है, बल्कि यह राज्य और देश की छवि से भी जुड़ा होता है। ऐसे में यदि आयोजन में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो यह बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इवेंट के दौरान आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई नजर आईं।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि सरकार को इस पूरे मामले में राजनीति से ऊपर उठकर निष्पक्ष जांच के आदेश देने चाहिए। उनका कहना था कि यदि आयोजन में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता, वीआईपी कल्चर या सुरक्षा में चूक हुई है, तो उसकी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, केवल जांच की घोषणा करना काफी नहीं है, बल्कि जांच ऐसी होनी चाहिए जिस पर किसी को भी सवाल उठाने का मौका न मिले।
इस बयान के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर विपक्ष इस मामले को प्रशासनिक विफलता बता रहा है, वहीं सरकार की ओर से आयोजन को सफल बताते हुए आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया जा रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरें इवेंट में अव्यवस्था की ओर इशारा कर रही हैं, जिससे यह मुद्दा और भी संवेदनशील बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के किसी भी इवेंट में सुरक्षा और प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मेसी जैसे खिलाड़ी के कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग उमड़ते हैं, ऐसे में छोटी सी चूक भी बड़ी घटना में बदल सकती है। यही कारण है कि सुवेंदु अधिकारी की निष्पक्ष जांच की मांग को केवल राजनीतिक बयान मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बड़े आयोजनों के लिए हमारी प्रशासनिक तैयारियां वाकई पर्याप्त हैं। यदि समय रहते इस घटना से सबक नहीं लिया गया, तो भविष्य में और भी गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और क्या सच में मेसी के इवेंट में हुई अव्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराई जाती है या नहीं।
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