Future of Independent India Governance: स्वतंत्र भारत में व्यवस्थाएं कैसी होनी चाहिए और हमें कैसा भारत चाहिए—यह प्रश्न केवल एक राजनीतिक बहस नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा से जुड़ा हुआ विषय है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब इस संदर्भ में बात करते हैं, तो उनके विचार केवल वर्तमान सरकार की नीतियों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे स्वतंत्र भारत की मूल अवधारणा, उसके निर्माणकर्ताओं और भविष्य की दिशा को एक साथ जोड़ते हैं। उनका यह कथन कि ‘वर्तमान भारत के शिल्पी के रूप में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को सदैव स्मरण किया जाएगा’, केवल इतिहास की पुनरावृत्ति नहीं है, बल्कि एक स्पष्ट संकेत है कि आज के भारत को किस मूल्यबोध और किस प्रशासनिक दृष्टि की आवश्यकता है।
READ MORE: अवैध प्रवासियों की तलाश से विवादों तक, कौन हैं लखनऊ की मेयर सुषमा खड़खड़वाल?
स्वतंत्र भारत की व्यवस्थाओं का पहला और सबसे महत्वपूर्ण आधार मजबूत राष्ट्र-राज्य की अवधारणा होनी चाहिए। आज़ादी के बाद जब देश सैकड़ों रियासतों, अलग-अलग प्रशासनिक इकाइयों और आंतरिक अस्थिरता से जूझ रहा था, तब सरदार पटेल ने अद्वितीय राजनीतिक दृढ़ता और प्रशासनिक कौशल से भारत की एकता को सुनिश्चित किया। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया था कि भारत केवल भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि साझा चेतना, साझा कानून और साझा जिम्मेदारी वाला राष्ट्र है। योगी आदित्यनाथ इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए कहते हैं कि आज भी भारत को मजबूत कानून-व्यवस्था, निर्णायक शासन और राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखने वाली व्यवस्था की आवश्यकता है।
VIDEO
व्यवस्थाओं की दूसरी अहम विशेषता सुशासन होनी चाहिए। सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका ईमानदार और पारदर्शी क्रियान्वयन है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार स्वतंत्र भारत में प्रशासन ऐसा होना चाहिए, जहां कानून सबके लिए समान हो, चाहे वह आम नागरिक हो या प्रभावशाली व्यक्ति। यह वही सोच है जो सरदार पटेल की कार्यशैली में दिखाई देती थी कठोर निर्णय, लेकिन राष्ट्रहित में। वर्तमान भारत में अगर विकास और सुरक्षा दोनों साथ-साथ चल रहे हैं, तो उसके पीछे यही मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति है।
READ MORE: मेसी के कार्यक्रम में अव्यवस्था पर ममता बनर्जी की माफी, साल्ट लेक स्टेडियम हिंसा की जांच के आदेश
हमें ऐसा भारत चाहिए जहां सुरक्षा और सम्मान नागरिक का मूल अधिकार हो। आज़ादी के बाद लंबे समय तक भारत ने तुष्टिकरण और कमजोर निर्णयों का दंश झेला, जिससे आंतरिक सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लगे। योगी आदित्यनाथ बार-बार इस बात पर जोर देते हैं कि स्वतंत्र भारत की व्यवस्थाएं ऐसी हों, जहां अपराध, अराजकता और अलगाववाद के लिए कोई स्थान न हो। सरदार पटेल ने भी अपने समय में स्पष्ट कहा था कि राष्ट्र की एकता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि वे आज भी ‘लौह पुरुष’ कहलाते हैं।
आर्थिक दृष्टि से भी हमें आत्मनिर्भर और सशक्त भारत चाहिए। स्वतंत्र भारत का सपना केवल राजनीतिक आज़ादी तक सीमित नहीं था, बल्कि आर्थिक स्वावलंबन भी उसका मूल उद्देश्य था। आज जब भारत आत्मनिर्भर भारत की बात करता है, तो यह उसी स्वतंत्रता आंदोलन की निरंतरता है। योगी आदित्यनाथ का मानना है कि मजबूत अर्थव्यवस्था ही सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव होती है। उद्योग, कृषि, तकनीक और रोजगार—इन सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता भारत को वैश्विक मंच पर सम्मान दिला सकती है।
READ MORE: जनगणना 2027 को मंजूरी, कोपरा MSP में बढ़ोतरी और कोलसेतु नीति से उद्योगों को राहत
सामाजिक स्तर पर हमें ऐसा भारत चाहिए, जहां सांस्कृतिक पहचान पर गर्व हो और सामाजिक समरसता बनी रहे। सरदार पटेल ने विविधताओं से भरे भारत को एक सूत्र में पिरोया, बिना किसी वर्ग या समुदाय को अलग-थलग किए। योगी आदित्यनाथ भी यही कहते हैं कि स्वतंत्र भारत की व्यवस्थाएं ऐसी हों, जहां सबका सम्मान हो, लेकिन राष्ट्र की मूल संस्कृति और पहचान से कोई समझौता न किया जाए। यह भारत की आत्मा को मजबूत करता है और आने वाली पीढ़ियों को स्पष्ट दिशा देता है।
READ MORE: मेसी के इवेंट में अव्यवस्था मामले पर बाजेपी सख्त, सुवेंदु अधिकारी ने कही बड़ी बात, ममता परेशान !
अंततः, स्वतंत्र भारत की व्यवस्थाएं ऐसी होनी चाहिए जो केवल वर्तमान की चुनौतियों से न निपटें, बल्कि भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त करें। आज का भारत जब डिजिटल, तकनीकी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में आगे बढ़ रहा है, तब उसे सरदार पटेल जैसी दृढ़ता और योगी आदित्यनाथ जैसी स्पष्ट सोच की आवश्यकता है। यही वह भारत है जो आत्मविश्वासी है, सुरक्षित है, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है और विश्व मंच पर मजबूती से खड़ा है। ऐसा भारत ही स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनता है।
Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
