PM Narendra Modi Himanta Biswa Sarma Guwahati airport inauguration: 20 दिसंबर को गुवाहाटी में आयोजित एयरपोर्ट उद्घाटन समारोह के दौरान Narendra Modi और Himanta Biswa Sarma के बीच हुआ संवाद केवल औपचारिक बातचीत नहीं था, बल्कि यह उस सोच को दर्शाता है जो आज के भारत को “पूर्व से प्रगति” की दिशा में आगे ले जा रही है। मंच पर मौजूद दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज, मुस्कान और आपसी चर्चा ने यह साफ कर दिया कि यह कार्यक्रम सिर्फ एक इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का उद्घाटन नहीं, बल्कि नॉर्थ-ईस्ट के भविष्य की रूपरेखा तय करने वाला अवसर था।
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प्रधानमंत्री मोदी जब गुवाहाटी पहुंचे, तो एयरपोर्ट परिसर में जिस आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ उन्होंने असम के विकास की बात की, उससे यह स्पष्ट हुआ कि केंद्र सरकार नॉर्थ-ईस्ट को अब हाशिये का क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में देख रही है। इसी दौरान मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ हुई बातचीत में कनेक्टिविटी, निवेश, पर्यटन और रोजगार जैसे मुद्दों पर गहन विमर्श हुआ। यह वही शैली है, जिसे राजनीतिक हलकों में “वर्किंग लीडरशिप” कहा जाता है कम शब्द, ज्यादा काम।
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गुवाहाटी एयरपोर्ट, जिसे औपचारिक रूप से Lokpriya Gopinath Bordoloi International Airport के नाम से जाना जाता है, आज असम ही नहीं बल्कि पूरे नॉर्थ-ईस्ट का प्रवेश द्वार बन चुका है। उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच हुई चर्चा का केंद्र भी यही था कि कैसे बेहतर एयर कनेक्टिविटी से असम की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलेगी। पर्यटन से लेकर स्टार्टअप और इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट तक, हर सेक्टर को इससे सीधा फायदा होगा।
अगर कहा जाए, तो यह संवाद कैमरों के लिए नहीं था, यह आने वाले वर्षों की रणनीति पर “ऑन-द-गो मीटिंग” थी। पीएम मोदी जहां ‘विकसित भारत’ के विजन की बात कर रहे थे, वहीं हिमंता बिस्वा सरमा ‘विकसित असम’ के रोडमैप को जमीन पर उतारने की प्रतिबद्धता जता रहे थे। दोनों नेताओं के बीच यह तालमेल बताता है कि केंद्र और राज्य सरकारें एक ही पेज पर हैं।
इस बातचीत का एक अहम पहलू नॉर्थ-ईस्ट की सामरिक और सांस्कृतिक अहमियत भी थी। पीएम मोदी पहले भी कई बार कह चुके हैं कि नॉर्थ-ईस्ट भारत की “अष्टलक्ष्मी” है। गुवाहाटी एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट न सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ाते हैं, बल्कि इस पूरे क्षेत्र को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं। यही वजह है कि इस उद्घाटन को सिर्फ एक भवन या टर्मिनल के उद्घाटन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
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मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के चेहरे पर आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। यह वही असम है, जहां पिछले कुछ वर्षों में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। पीएम मोदी के साथ उनकी बातचीत इस बात का संकेत थी कि आने वाले समय में असम निवेश और रोजगार के नए केंद्र के रूप में उभरेगा।
अंत में, गुवाहाटी एयरपोर्ट उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का यह संवाद एक मजबूत संदेश देता है जब विजन और एक्शन साथ चलते हैं, तो विकास सिर्फ नारे नहीं, हकीकत बनता है। नॉर्थ-ईस्ट अब इंतजार नहीं कर रहा, वह उड़ान भर चुका है।
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