Prashant Kumar Uttar Pradesh Education Service Selection Commission Chairman: उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से राजभवन, लखनऊ में शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है, जब प्रशांत कुमार को हाल ही में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति तीन वर्षों के लिए की गई है और इससे राज्य में शिक्षक भर्तियों की प्रक्रिया को नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है।
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प्रशांत कुमार उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारियों में गिने जाते हैं। पुलिस महानिदेशक (DG) के रूप में उनके कार्यकाल को प्रशासनिक अनुशासन, कानून व्यवस्था में सख्ती और पारदर्शी कार्यशैली के लिए जाना जाता है। अब शिक्षा सेवा चयन आयोग जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण संस्थान की जिम्मेदारी संभालना उनके करियर का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। आयोग पर प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति की बड़ी जिम्मेदारी होती है, ऐसे में एक अनुभवी प्रशासक की तैनाती को सरकार का रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
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राजभवन में हुई शिष्टाचार भेंट के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रशांत कुमार को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने यह अपेक्षा जताई कि शिक्षा सेवा चयन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाएगी। राज्यपाल ने यह भी कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए योग्य शिक्षकों की समय पर नियुक्ति अत्यंत आवश्यक है, और इसमें आयोग की भूमिका निर्णायक होती है।
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प्रशांत कुमार ने भी राज्यपाल को आश्वस्त किया कि उनके कार्यकाल में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना होगा कि अभ्यर्थियों को समय पर अवसर मिले और भर्तियों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या देरी न हो। बीते वर्षों में शिक्षक भर्तियों को लेकर उठे सवालों और कानूनी अड़चनों से सीख लेते हुए, अब प्रक्रिया को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
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विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशांत कुमार का प्रशासनिक अनुभव आयोग के कामकाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। पुलिस विभाग में रहते हुए उन्होंने जिस तरह जटिल चुनौतियों का सामना किया, वही अनुभव अब शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है। खासतौर पर डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देकर और निगरानी तंत्र को मजबूत कर शिक्षक भर्ती प्रणाली में विश्वास बहाल किया जा सकता है।
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कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष के रूप में प्रशांत कुमार की नियुक्ति को राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि उनके नेतृत्व में आयोग अपने लक्ष्यों को हासिल करता है, तो यह न केवल अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर होगी, बल्कि प्रदेश की शिक्षा गुणवत्ता को भी नई मजबूती मिलेगी।
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