Air Marshal Tejinder Singh Indian Air Force: भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व में एक अहम बदलाव के तहत Air Marshal Tejinder Singh ने 1 जनवरी 2026 को साउथ वेस्टर्न एयर कमांड (South Western Air Command) के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) के रूप में पदभार ग्रहण किया। यह कमांड देश की पश्चिमी वायु सुरक्षा और रणनीतिक तैयारियों में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नए दायित्व संभालने के बाद एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने वॉर मेमोरियल पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी, जो भारतीय सशस्त्र बलों की परंपरा, अनुशासन और बलिदान की भावना को दर्शाता है।
READ MORE: पीएम मोदी ने की सुरेश कुमार की बेंगलुरु–कन्याकुमारी साइकिल यात्रा की सराहना
एयर मार्शल तेजिंदर सिंह का करियर भारतीय वायुसेना में पेशेवर उत्कृष्टता, ऑपरेशनल अनुभव और रणनीतिक सोच का प्रतीक रहा है। वे प्रतिष्ठित National Defence Academy के पूर्व छात्र हैं और 13 जून 1987 को भारतीय वायुसेना के फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हुए। एक कैटेगरी ‘A’ क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर के रूप में उनके पास 4,500 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है, जो किसी भी फाइटर पायलट के लिए असाधारण उपलब्धि मानी जाती है।
READ MORE: रक्षा मंत्रालय ने दर्ज की ऐतिहासिक प्रगति, आधुनिकीकरण से लेकर पेंशन सुधार तक बड़े फैसले
उनकी शैक्षणिक और प्रोफेशनल ट्रेनिंग भी उतनी ही प्रभावशाली रही है। वे Defence Services Staff College और National Defence College के भी पूर्व छात्र हैं। इन संस्थानों से प्राप्त रणनीतिक और संयुक्त संचालन की समझ ने उनके नेतृत्व कौशल को और मजबूत किया है।
अपने लंबे और विशिष्ट करियर के दौरान एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने कई महत्वपूर्ण कमांड और स्टाफ नियुक्तियां संभाली हैं। उन्होंने एक फाइटर स्क्वाड्रन, एक रडार स्टेशन और एक प्रमुख फाइटर बेस की कमान संभाली। इसके अलावा वे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में एयर ऑफिसर कमांडिंग के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं, जो एक संवेदनशील और रणनीतिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र माना जाता है।
स्टाफ भूमिकाओं में भी उनका अनुभव बेहद व्यापक रहा है। उन्होंने कमांड हेडक्वार्टर में ऑपरेशनल स्टाफ, एयर हेडक्वार्टर में एयर कमोडोर (पर्सनल ऑफिसर्स-I), हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डिप्टी असिस्टेंट चीफ (फाइनेंशियल प्लानिंग) के रूप में कार्य किया। इसके अतिरिक्त वे एयर कमोडोर (एयरोस्पेस सेफ्टी), असिस्टेंट चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (ऑपरेशंस–ऑफेंसिव), असिस्टेंट चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (ऑपरेशंस–स्ट्रैटेजी) जैसे अहम पदों पर भी रहे। पूर्वी वायु कमांड में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर और एयर हेडक्वार्टर में डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के रूप में उनका योगदान वायुसेना की नीतिगत और ऑपरेशनल दिशा तय करने में महत्वपूर्ण रहा है।
READ MORE: ममता सरकार पर महिला हिंसा का आरोप, सुधांशु त्रिवेदी का तीखा हमला, कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
साउथ वेस्टर्न एयर कमांड की जिम्मेदारी संभालने से पहले एयर मार्शल तेजिंदर सिंह Indian Air Force Training Command के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यरत थे। प्रशिक्षण कमांड में उनके नेतृत्व के दौरान पायलट ट्रेनिंग, तकनीकी दक्षता और भविष्य की युद्ध आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन विकास पर विशेष जोर दिया गया।
उनकी उत्कृष्ट और समर्पित सेवाओं के लिए उन्हें 2007 में वायु सेना मेडल और 2022 में राष्ट्रपति द्वारा अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। ये सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान को दर्शाते हैं, बल्कि भारतीय वायुसेना के प्रति उनकी निष्ठा और पेशेवर प्रतिबद्धता का भी प्रमाण हैं।
साउथ वेस्टर्न एयर कमांड की कमान संभालना ऐसे समय में हुआ है, जब क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और वायु शक्ति की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। एयर मार्शल तेजिंदर सिंह का अनुभव, रणनीतिक दृष्टि और ऑपरेशनल समझ इस कमांड को और अधिक मजबूत करने में निर्णायक साबित होने की उम्मीद है। उनके नेतृत्व में भारतीय वायुसेना की पश्चिमी सीमाओं पर तैयारियों को नई दिशा और मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।
Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
