India Spiritual Heritage Global Recognition: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रदर्शनी के अवसर पर भारत की आध्यात्मिक चेतना और वैश्विक भूमिका पर सशक्त विचार रखे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज अपनी प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को विश्व-पटल पर नए गौरव, आत्मविश्वास और गरिमा के साथ प्रस्तुत कर रहा है। यह परिवर्तन केवल सांस्कृतिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सॉफ्ट पावर, कूटनीतिक दृष्टि और वैश्विक संवाद का भी सशक्त माध्यम बन चुका है।
READ MORE: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, उत्तराखण्ड में सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की नई पहचान
मुख्यमंत्री धामी ने नई दिल्ली में पवित्र पिपरहवा अवशेषों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी “प्रकाश और कमल जागृत व्यक्ति के अवशेष’ के उद्घाटन को ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की उस चेतना का सजीव प्रमाण है जो सहस्राब्दियों से मानवता को करुणा, शांति और सह-अस्तित्व का संदेश देती आई है। पिपरहवा से जुड़े ये अवशेष भगवान बुद्ध के जीवन, उनके तप, उनके विचार और उनके सार्वभौमिक संदेश की स्मृति को सजीव करते हैं।
READ MORE: पौष पूर्णिमा पर संगम में उमड़ी आस्था की महासागर, 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई पावन डुबकी
मुख्यमंत्री के अनुसार, भगवान बुद्ध का जीवन मानव इतिहास में एक ऐसे मोड़ का प्रतिनिधित्व करता है जहाँ हिंसा, वैमनस्य और अहंकार के स्थान पर करुणा, अहिंसा और प्रज्ञा को सर्वोच्च स्थान दिया गया। बुद्ध के अवशेष इतिहास की अमूल्य धरोहर होने के साथ-साथ मानव आत्मा के जागरण का प्रतीक हैं। ये अवशेष हमें स्मरण कराते हैं कि सच्ची शक्ति बाहुबल में नहीं, बल्कि आत्मबल, विवेक और संवेदनशीलता में निहित होती है। आज जब विश्व युद्ध, संघर्ष और असहिष्णुता के दौर से गुजर रहा है, तब बुद्ध का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी सांस्कृतिक कूटनीति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। चाहे वह योग को वैश्विक पहचान दिलाना हो, बौद्ध सर्किट का विकास हो या ऐतिहासिक धरोहरों को पुनर्जीवित कर विश्व के सामने प्रस्तुत करना भारत आज अपनी जड़ों से जुड़कर भविष्य की दिशा तय कर रहा है। पिपरहवा अवशेषों की यह प्रदर्शनी उसी सोच का विस्तार है, जिसमें भारत अपने अतीत को संजोते हुए वैश्विक शांति और सद्भाव का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
READ MORE: अंकिता हत्याकांड पर वायरल वीडियो से सियासी उबाल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जताई साजिश की आशंका
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि भारत की सांस्कृतिक विरासत किसी एक काल या समुदाय तक सीमित नहीं है। यह विविधता, समावेशिता और सह-अस्तित्व का जीवंत उदाहरण है। बुद्ध की शिक्षाएँ जाति, राष्ट्र और सीमाओं से परे हैं। उनका संदेश मानवता को एक सूत्र में बाँधता है। यही कारण है कि बुद्ध भारत के ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के हैं। पिपरहवा अवशेषों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी इस वैश्विक स्वीकार्यता और विश्व-बंधुत्व की भावना को और सुदृढ़ करती है।
READ MORE: देहरादून में छात्र की मौत पर सीएम धामी का एक्शन, राहुल गांधी का BJP पर तीखा हमला
धामी ने कहा कि उत्तराखंड, जिसे देवभूमि कहा जाता है, आध्यात्मिक चेतना की भूमि रही है। यहाँ से निकलने वाले संदेशों ने सदैव मानवता को दिशा दी है। आज जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है, तब उत्तराखंड जैसे राज्य भी इस सांस्कृतिक पुनर्जागरण के सहभागी बनकर गौरव का अनुभव कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भारत की आध्यात्मिक विरासत वैश्विक संवाद का एक सशक्त स्तंभ बनेगी।
READ MORE: कोटाबाग से विकास का संदेश, उत्तराखंड में ₹114 करोड़ की परियोजनाओं के साथ नई दिशा
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियाँ युवाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। नई पीढ़ी जब अपनी जड़ों, इतिहास और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ती है, तो उसमें आत्मविश्वास और नैतिक स्पष्टता विकसित होती है। बुद्ध के अवशेष केवल अतीत की स्मृति नहीं हैं, बल्कि भविष्य के लिए मार्गदर्शक प्रकाश हैं। ये हमें यह सिखाते हैं कि विकास और करुणा, विज्ञान और संवेदना, शक्ति और शांति सब एक साथ चल सकते हैं।
अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “प्रकाश और कमल : जागृत व्यक्ति के अवशेष” जैसी प्रदर्शनी भारत की आत्मा को विश्व के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम है। यह आयोजन यह संदेश देता है कि भारत केवल आर्थिक या सामरिक शक्ति नहीं, बल्कि आध्यात्मिक नेतृत्व की भी क्षमता रखता है। भगवान बुद्ध की करुणा और शांति की शिक्षाएँ आज के विश्व को नई दिशा देने की सामर्थ्य रखती हैं, और भारत इस संदेश का स्वाभाविक वाहक है।
Follow Us: YouTube| Tv today Bharat Live | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
