अंकिता भंडारी केस क्यों बना पूरे देश का मुद्दा
Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी मर्डर केस सिर्फ एक क्राइम नहीं रहा, बाल्की उत्तराखंड की राजनीति, गवर्नेंस और जस्टिस सिस्टम पर सबसे बड़ा सवाल बन चुका है। एक युवा लड़की की हत्या ने पूरे राज्य को हिला दिया। सड़कों पर गुस्सा, सोशल मीडिया पर तीखी बहस और विपक्ष के विरोध सब कुछ एक साथ चल रहा है। इसी बीच CM पुष्कर सिंह धामी का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि ‘अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई में जो लोग साजिश कर रहे हैं, उन्हें जनता खुद जवाब देगी।‘
CM पुष्कर सिंह धामी का सीधा संदेश
CM धामी ने अपने बयान में बिना नाम के लिए कहा कि कुछ लोग इस केस को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार का एक ही एजेंडा है न्याय। उन्होंने कहा, ‘यह केस किसी पार्टी का नहीं, एक बेटी का है। सरकार पूरी ताकत से काम कर रही है। कानून अपना काम करेगा और दोषी चाहे जितना भी पावरफुल हो, बचेगा नहीं।‘ धामी के इस बयान को रूलिंग पार्टी के सपोर्टर्स “मजबूत लीडरशिप” का सिग्नल बता रहे हैं, जबकी विपक्ष इसे डैमेज कंट्रोल कह रही है।
विपक्ष पर हमला, ‘राजनीति नहीं, न्याय चाहिए’
CM धामी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी केस को वोट-बैंक पॉलिटिक्स के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग झूठी कहानियाँ फैलाकर पब्लिक को भड़का रहे हैं। उनका कहना है, ‘जो लोग आज सरकार पर उंगली उठा रहे हैं, वही लोग सच को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उत्तराखंड की जनता सब देख रही है।‘ इस लाइन के बाद CM के बयान को सोशल मीडिया पर काफी वायरल रिएक्शन मिले, जहां समर्थकों ने इसे ‘पब्लिक वर्डिक्ट’ से जोड़ कर देखा।
इन्वेस्टिगेशन पर सरकार का स्टैंड
अंकिता भंडारी मर्डर केस में इन्वेस्टिगेशन को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। CM धामी ने क्लियर किया कि जांच एजेंसियों पर किसी तरह का प्रेशर नहीं है। उन्होंने कहा, केस को फास्ट-ट्रैक प्रोसेस में आगे बढ़ाया जा रहा है सबूत के साथ कानूनी कार्रवाई हो रही है।
विक्टिम के परिवार को पूरा सपोर्ट दिया जा रहा है
CM ने यह भी कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसी को भी न्याय के साथ खिलवाड़ करने का मौका न मिले।
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अंकिता भंडारी, एक नाम, जो अब आवाज़ बन गया
आज अंकिता भंडारी सिर्फ एक नाम नहीं, बाल्की एक प्रतीक बन चुकी हैं सिस्टम से सवाल पूछने का। इस केस के बाद महिला सुरक्षा, रिसॉर्ट कल्चर, और पावर का गलत इस्तेमाल जैसे मुद्दे भी सामने आए। सोशल मीडिया पर #JusticeForAnkita ट्रेंड कर रहा है, जिसमें आम लोगों ने सरकार से जवाब मांगा है। CM धामी के मुताबिक, ‘यह केस उत्तराखंड की बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा है। इस सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर काम कर रही है।’
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पब्लिक का गुस्सा और राजनीतिक प्रेशर
ग्राउंड रियलिटी यह है कि पब्लिक का गुस्सा अभी थामा नहीं है। सड़कों पर प्रोटेस्ट, कैंडल मार्च और डिजिटल कैंपेन चल रहे हैं। विपक्ष गुस्से को सरकार के खिलाफ हवा बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन CM धामी का कहना है कि ‘पब्लिक का जवाब इलेक्शन और समाज दोनों जगह मिलेगा।‘ इस लाइन को काफी लोग 2027 के पॉलिटिकल सिग्नल के रूप में भी देख रहे हैं।
‘साजिश करने वालों को जनता देगी जवाब’ का मतलब क्या है? पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, CM धामी का यह बयान दो लेवल पर काम करता है, सपोर्टर्स के लिए सरकार मजबूत है, झुकने वाली नहीं विपक्ष के लिए, राजनीति से ज्यादा सच इंपॉर्टेंट है । यह बयान एक तरह से नैरेटिव सेटिंग भी है, जहां सरकार खुद को ‘जस्टिस के साथ खड़ी’ दिखाना चाहती है।
न्याय, राजनीति और जनता का फैसला
अंकिता भंडारी मर्डर केस ने उत्तराखंड की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है। CM पुष्कर सिंह धामी का बड़ा खुलासा और उनका अग्रेसिव स्टैंड यह बताता है कि सरकार प्रेशर में आने के मूड में नहीं है। अब सबकी नज़र एक ही चीज़ पर है क्या अंकिता को पूरा न्याय मिलेगा? और जब CM कहते हैं कि साज़िश करने वालों को जनता जवाब देगी, तो इसका असली मतलब आने वाले समय में ग्राउंड पर ही सामने आएगा। यह केस सिर्फ कानून का नहीं, भरोसे का भी टेस्ट है सरकार का, सिस्टम का और समाज का।
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