25 Crore Log Garibi Rekha Se Bahar: लखनऊ से वाराणसी तक BJP के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का संदेश बिल्कुल सीधा है यह सिर्फ़ सरकारी दवा नहीं, बाल्की ज़मीन पर दिखती हुई बदलाव की कहानी है। पिछले 11 सालों में NDA सरकार ने जो काम किया है, उसका सबसे बड़ा सबूत यह है कि 25 करोड़ से ज़्यादा लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। यह संख्या कोई पॉलिटिकल नारा नहीं, बाल्की ग्रामीण भारत की बदली हुई तस्वीर है। जहां कभी रोज़गार और इज़्ज़त दोनों की कमी थी, आज वहां मौके और इज़्ज़त का माहौल बन रहा है।
रोजगार के साथ सम्मान
मोदी सरकार का कोर एजेंडा सिर्फ़ पैसा देना नहीं, बाल्की गरीब, वंचित, जनजाति और पिछड़े वर्ग के मज़दूरों को इज़्ज़त के साथ जीने का हक देना है। रोज़गार के साथ-साथ आत्मनिर्भरता पर ज़ोर दिया गया है। डेवलप्ड इंडिया 2047 के विज़न के तहत रूरल डेवलपमेंट का एक नया रोडमैप तैयार हुआ है, जो महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने और राम राज्य के कॉन्सेप्ट से इंस्पायर्ड है। यह सिर्फ़ योजना नहीं, बाल्की एक लॉन्ग-टर्म नेशनल मिशन है।
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कांग्रेस और इंडिया अलायंस पर सीधा सवाल
पंकज चौधरी ने कांग्रेस और इंडिया अलायंस पर करारा हमला बोलते हुए पूछा, ‘आखिर विकसित भारत और भगवान श्री राम के नाम से इतनी नफरत क्यों?’ उनका कहना है कि कांग्रेस चाहे जितनी भी पॉलिटिकल चाल चले, भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। यह संकल्प सिर्फ एक पार्टी का नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक का है।
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नई ग्रामीण रोजगार गारंटी, 125 दिन का विश्वास
सबसे बड़ी घोषणा यह है कि नई ग्रामीण रोजगार व्यवस्था के तहत हर ग्रामीण परिवार को 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। जंगल वाले इलाकों में काम करने वाले शेड्यूल्ड ट्राइब मज़दूरों को एक्स्ट्रा 25 दिन का रोज़गार दिया जाएगा। मतलब सीधा-सीधा, ज़्यादा काम, ज़्यादा कमाई और ज़्यादा सुरक्षा। पेमेंट सिस्टम को भी फास्ट-ट्रैक किया गया हैअब वीकली पेमेंट का प्रोविज़न है, जबकी पुराने MGNREGA मॉडल में 15 दिन तक इंतज़ार करना पड़ता था।
MGNREGA पर सबसे ज़्यादा खर्च
कांग्रेस के आरोपों का जवाब नंबर खुद दे रहे हैं। MGNREGA पर टोटल 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जिसमें से 8.53 लाख करोड़ रुपये सिर्फ मोदी सरकार के दौरान दिए गए। यह डेटा साफ़ बताता है कि किसने सिर्फ़ बात की और किसने काम किया। ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी के साथ फंड का इस्तेमाल ही इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है।
गरीबी में ऐतिहासिक गिरावट
2005 में शुरू हुई MGNREGA उस समय की ज़रूरत थी, लेकिन आज ग्रामीण भारत की ज़रूरतें बिल्कुल बदल चुकी हैं। 2011-12 में ग्रामीण गरीबी दर 25.7% थी, जो 2023-24 में घटकर सिर्फ़ 4.86% रह गई। बेहतर कनेक्टिविटी, नए रोज़गार के ऑप्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ने गाँव की इकॉनमी को नई स्पीड दी है। इसी के लिए पुराने ओपन-एंडेड मॉडल को 2025 की रियलिटी के हिसाब से रीस्ट्रक्चर करना जरूरी था।
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टेक्नोलॉजी से ट्रांसपेरेंसी तक
UPA के दौरान MGNREGA करप्शन का सिंबल बन गया था। लेकिन नए सिस्टम में रियल-टाइम डेटा अपलोड, GPS ट्रैकिंग, मोबाइल मॉनिटरिंग और AI-बेस्ड फ्रॉड डिटेक्शन जैसे टूल्स शामिल हैं। इससे न सिर्फ करप्शन पर लगाम लगेगी, बल्कि असली बेनिफिशियरी को टाइम पर काम और पेमेंट मिलेगी। यह है डिजिटल इंडिया का रियल इम्पैक्ट।
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काम का फोकस-पानी, सड़क, रोज़गार
नए कानून का फोकस चार साफ प्रायोरिटी पर है पानी से जुड़े काम, कोर रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइवलीहुड-लिंक्ड एसेट्स और बदलते मौसम की वजह से रोज़गार के नुकसान को कम करना। इससे जल सुरक्षा, खेती, सड़क, बाज़ार और स्टोरेज जैसे सेक्टर्स को डायरेक्ट बूस्ट मिलेगा। क्लाइमेट-रेज़िलिएंट रूरल डेवलपमेंट अब सिर्फ कॉन्सेप्ट नहीं, ग्राउंड रियलिटी बन रहा है। एक और बड़ा रिफॉर्म यह है कि बुआई और कटाई के सीज़न में 60 दिन तक काम रोका जाएगा, ताकि खेती के दौरान मज़दूरों की कमी न हो। पहले ऐसा कोई प्रोविज़न नहीं था। यह फ़ैसला साफ़ दिखाता है कि सरकार किसान और मज़दूर दोनों के इंटरेस्ट को बैलेंस कर रही है।
नाम नहीं, काम की राजनीति
कांग्रेस के नामकरण प्रेम पर निशाना साधते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ने लगभग 600 संस्थाओं और योजनाओं को नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर रखा है। मोदी सरकार में किसी योजना का नाम अपने पर नहीं रखा गया यहां नाम नहीं, काम बोलता है। राजपथ का कर्तव्य पथ बनना और रेसकोर्स रोड का लोक कल्याण मार्ग बनना इसी सोच का प्रतीक है।
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VB-G राम जी गांव, किसान और मज़दूर का मंत्र
आखिर में संदेश बिल्कुल साफ है-VB-G राम जी सिर्फ एक बिल नहीं, बाल्की गाँव, किसान और मज़दूर के समग्र विकास का उधारण है। कांग्रेस का विरोध जन-हित के लिए नहीं, बाल्की भ्रष्टाचार और पुरानी व्यवस्था को बचाने के लिए है। बदलते भारत में अब वोट भी परफॉर्मेंस पर मिलेगा और फैसला भी डेवलपमेंट के आधार पर होगा।
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