Japan Snap Election 2026: जापान की राजनीति में बड़ी घटना सामने आई है। देश के प्रधानमंत्री साने ताकाइची संसदीय भंग कर अचानक (स्नैप) संसदीय चुनाव की तैयारी में हैं। लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के महासचिव शुनिची सुजुकी ने संकेत दिया है कि अगले सप्ताह संसद भंग हो सकती है और 8 फरवरी को मतदान की संभावना पर विचार चल रहा है। यह निर्णय ऐसे समय पर आया है जब सरकार की लागत वृद्धि की मंजूरी से समझौता हो गया है और चीन के साथ आर्थिक तनाव चरम पर है।
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क्यों जरूरी बताया जा रहा है नया जनादेश?
एलडीपी नेतृत्व का कहना है कि सरकार को जनता से ताज़ा स्टॉक चाहिए। सुजुकी के अनुसार, कम्युनिस्ट पार्टी का चुनाव पुराने ऑल-ऑस्ट्रेलियाई गठबंधन में हुआ था, जबकि अब एलडीपी ने अपने पारंपरिक सहयोगी कोइतो से अलग जापान इनोवेशन पार्टी (ईशिन) के साथ मिलकर नया गठबंधन बनाया है। ऐसे में चॉकलेट की राय का पता डेमोक्रेटिक रूप से जरूरी बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री ताकाइची सोमवार को अपनी नीतिगत विचारधारा और आगे की योजना सार्वजनिक सर्वेक्षण। पार्टी का मानना है कि अक्टूबर में सत्या राय के बाद प्राथमिकता में आई रैपिड को शामिल करना सही समय है।
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आर्थिक एजेंडा, खर्च बढ़ाने पर दांव
ताकाइची सरकार आर्थिक पुनरुद्धार के लिए सरकारी खर्च बढ़ाने और रक्षा बजट में बढ़ोतरी करने की दिशाधर है। प्राधि राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के तहत रक्षा जिम को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता में है। हालांकि, चुनाव की चर्चा सामने आते ही येन और सरकारी बॉन्ड में बिकवाली देखी गई इंजीनियरों को चिंता है कि अत्यधिक कर्ज वाले देश में यह विस्तार कैसे वित्तपोषित होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा अर्थव्यवस्था ही रहेगा। रोजगार, मुद्रास्फीति नियंत्रण, वेतन वृद्धि और वित्तीय स्थिरता इन सभी पर सरकार की विश्वसनीयता की परीक्षा होगी।
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चीन के साथ तनाव और ताइवान कारक
चुनाव ऐसे वक्त पर हो रहा है जब जापान और चीन के रिश्ते पिछले एक दशक में सबसे तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ताकाइची ने कहा था कि ताइवान पर किसी भी तरह का हमला जापान के लिए अस्तित्वगत खतरा हो सकता है। ताइवान को लेकर दिए गए इस बयान को बीजिंग ने वापस लेने की मांग की, लेकिन ताकाइची अपने रुख पर कायम रहीं। इसके बाद चीन ने अपने नागरिकों को जापान यात्रा से सावधान रहने की सलाह दी और अप्रत्यक्ष उपयोग वाले निर्यात पर अंकुश की घोषणा की। ऐसे में यह चुनाव केवल घरेलू राजनीति नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संदेश भी माना जा रहा है।
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बाजारों की चिंता और निवेशकों की नजर
स्नैप पोल की खबरों से फाइनेंशियल मार्केट में मंदी दिखी। उम्मीदवारों को खतरा है कि चुनावी वादों के दबाव में राजकोषीय अनुशासन ढीला पड़ सकता है। सरकार के भीतर इस बात पर विचार है कि यदि चुनावी समयसीमा के कारण 2026 का बजट मार्च तक पारित नहीं हो पाया, तो अस्थायी खर्च उपाय अपनाए जाएं।
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गठबंधन राजनीति की परीक्षा
एलडीपी का नया गठबंधन इशिन के साथ है, जिसे दक्षिणपंथी और सुधार समर्थक माना जाता है। इस बदलाव के लिए अहम होगा कि वे इस नई दिशा को मंजूरी क्यों देते हैं? पार्टी नेतृत्व का तर्क है कि मतपेटी के माध्यम से इस बदलाव पर निर्णय लेना चाहिए।
क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?
यूरेशिया ग्रुप के सीनियर एनालिस्ट जेरेमी चान के अनुसार, चुनाव में जीत का मुख्य आधार अर्थव्यवस्था होगी। लेकिन अगर ताकाइची बिल्डर जनादेश हासिल करती हैं, तो यह बीजिंग को स्पष्ट संकेत देगा कि दबाव की रणनीतियां काम नहीं करतीं। यानी, घरेलू जीत का अंतरराष्ट्रीय प्रभाव भी पड़ेगा।
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पहली महिला प्रधानमंत्री और नेतृत्व की छवि
जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री के तौर पर ताकाइची की छवि मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट सुरक्षा दृष्टिकोण और निष्पक्ष राजनीति से जुड़ी है। समर्थक उन्हें जुटा की प्रतीक मानते हैं, जबकि आलोचक खर्च और कूटनीति पर सवाल निष्पक्ष हैं। चुनाव उनके नेतृत्व पर अंतिम मुहर लगाने या चुनौती देने का मंच बनेगा।
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आगे की राह
अगर 8 फरवरी को चुनाव हुए तो जापान की राजनीति में मंदी आ जाएगी। आर्थिक अवसंरचना, सुरक्षा रणनीति, चीन के साथ सहयोग और गठबंधन की दिशा इन सब पर जनता निर्णय सुनाएगी। रिज़ल्ट रिज़ जो होन, एशिया-प्रशांत की भू राजनीति और वैश्विक संस्थाओं पर असर तय माना जा रहा है। स्नैप चुनाव ताकाइची सरकार के लिए जोखिम भी है और अवसर भी। स्थिर मिला तो वे उद्यमियों को तेजी से आगे बढ़ाया गया; नहीं मिला तो राजनीतिक बदलाव बढ़ सकता है। अब देखिए फरवरी पर टिकी हैं।
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