Padma Awards 2026: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कार (2026 Padma Awards 2026) की घोषणा की। इस वर्ष कुल 131 नागरिकों को पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। सूची में राजनीति, कला, साहित्य, खेल और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हैं। खास बात यह है कि पूर्व केरल मुख्यमंत्री वी एस अच्युतानंदन (V Achuthanandan) और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक शिबू सोरेन (Shibu Soren) को मरणोपरांत पद्म सम्मान देने का निर्णय लिया गया है।
ALSO READ: खेल जगत को बड़ा सम्मान, रोहित शर्मा-हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री, विजय अमृतराज को पद्म भूषण
Padma Awards 2026: वी.एस. अच्युतानंदन को पद्म विभूषण
केरल की राजनीति में दशकों तक निर्णायक भूमिका निभाने वाले वी.एस. अच्युतानंदन को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। उनका निधन 21 जुलाई 2025 को 101 वर्ष की आयु में हुआ था। वे 2006 से 2011 तक केरल के मुख्यमंत्री रहे और राज्य विधानसभा में 15 वर्षों तक नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई। इसके अलावा, वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे।
इसी क्रम में, पार्टी संगठन में उनकी भूमिका भी उल्लेखनीय रही। वे 1980 से 1992 तक CPI(M) की केरल राज्य समिति के सचिव रहे और 1996 से 2000 तक एलडीएफ के संयोजक की जिम्मेदारी संभाली। साथ ही, तीन अलग-अलग कार्यकालों में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनकी मौजूदगी ने केरल की संसदीय राजनीति को गहराई दी।
ALSO READ: मथुरा-वृंदावन में BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का प्रेरक संबोधन
Padma Awards 2026: शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण
वहीं दूसरी ओर, झारखंड आंदोलन की आवाज रहे शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण देने की घोषणा की गई है। उनका निधन 4 अगस्त 2025 को 81 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद हुआ था। शिबू सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का नेतृत्व करीब 38 वर्षों तक किया और वे झारखंड के तीसरे मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा, उनका संसदीय सफर भी लंबा और प्रभावशाली रहा। वे आठ बार लोकसभा के लिए चुने गए और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे। आदिवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में उनकी भूमिका को व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है।
ALSO READ: वृंदावन धाम में आस्था का संदेश, BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किये श्री बांके बिहारी के दर्शन
Padma Awards 2026: विजय कुमार मल्होत्रा को भी मरणोपरांत सम्मान
इसी क्रम में, वरिष्ठ भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा (Vijay Kumar Malhotra) को भी मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा। उनका निधन 30 सितंबर 2025 को हुआ था। वे वैचारिक प्रतिबद्धता और संगठनात्मक क्षमता के लिए जाने जाते थे। खास तौर पर दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है। साथ ही, वे विभिन्न दलों के नेताओं के बीच सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में पहचाने जाते थे।
ALSO READ: गुजरात में SIR पर राहुल गांधी का बड़ा आरोप, ‘रणनीतिक वोट चोरी’ से लोकतंत्र पर खतरा
भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण
इसके अलावा, पूर्व महाराष्ट्र राज्यपाल और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) को भी पद्म भूषण देने की घोषणा की गई है। उन्होंने 2008 से 2014 तक राज्यसभा सांसद के रूप में कार्य किया। इसके बाद, वे लोकसभा में नैनीताल-उधमसिंह नगर सीट से निर्वाचित हुए। सार्वजनिक जीवन में उनकी सक्रिय भूमिका और प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए यह सम्मान दिया जा रहा है।
131 हस्तियों को मिलेगा पद्म सम्मान
खास बात यह है कि वर्ष 2026 में कुल 131 नागरिकों को पद्म सम्मान देने का निर्णय लिया गया है। इसमें
- पद्म विभूषण
- पद्म भूषण
- पद्म श्री
तीनों श्रेणियों के तहत देश के अलग-अलग क्षेत्रों से योगदान देने वाली हस्तियां शामिल हैं। राजनीति के अलावा, इस सूची में कला, सिनेमा, साहित्य, खेल, विज्ञान और सार्वजनिक सेवा से जुड़े कई नाम भी शामिल हैं।
ALSO READ: राष्ट्र प्रेरणा स्थल में भव्य आयोजन, अमित शाह का लखनऊ आगमन
पद्म पुरस्कारों का महत्व
साथ ही, यह समझना जरूरी है कि पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं। इन्हें हर वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किया जाता है और बाद में राष्ट्रपति भवन में औपचारिक समारोह के दौरान प्रदान किया जाता है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट और दीर्घकालिक योगदान को मान्यता देना है, न कि किसी राजनीतिक विचारधारा का समर्थन करना।
ALSO READ: संविधान से संकल्प तक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत का संदेश
राजनीतिक और सामाजिक योगदान को मान्यता
इसी संदर्भ में, 2026 की सूची यह संकेत देती है कि सरकार ने राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक योगदान को व्यापक दृष्टिकोण से देखा है।
जहां एक ओर केरल और झारखंड जैसे राज्यों के नेताओं को सम्मानित किया गया है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय राजनीति और प्रशासन में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को भी जगह मिली है। इससे पद्म पुरस्कारों की समावेशी प्रकृति सामने आती है।
ALSO READ: केरल विधानसभा चुनाव 2026, कांग्रेस की रणनीति, खड़गे राहुल की बैठक और पीएम मोदी का सीधा हमला
कुल मिलाकर, पद्म पुरस्कार 2026 ( Padma Awards 2026) की सूची भारत के लोकतांत्रिक और सामाजिक इतिहास के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती है। वी.एस. अच्युतानंदन और शिबू सोरेन जैसे नेताओं को मरणोपरांत सम्मान देकर उनके दीर्घकालिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गई है। इसके साथ ही, अन्य सम्मानित व्यक्तित्वों के चयन से यह स्पष्ट होता है कि पद्म पुरस्कार केवल उपलब्धियों का नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सार्वजनिक प्रभाव का भी सम्मान हैं।
Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
