India-EU partnership: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत-यूरोपीय संघ (EU) (India-European Union) संबंधों को मजबूती मिली है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) ने यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष और विदेश व सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि काजा कलास (Kaja Kallas) से मुलाकात कर व्यापक और उत्पादक बातचीत की। इस दौरान दोनों पक्षों ने सहयोगी एजेंडा को आगे बढ़ाने और संवाद को तेज करने पर सहमति जताई। इसी क्रम में, गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में एंटोनियो कोस्टा (Antonio Costa) और उर्सुला वॉन डेर लेयेन की भारत यात्रा ने भारत-EU रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम दिया।
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क्या, कौन, कब और क्यों ?
रविवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और EU HRVP काजा कलास ने भारत-EU संबंधों की मौजूदा स्थिति और भविष्य की दिशा पर चर्चा की। गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर यूरोपीय परिषद और यूरोपीय आयोग के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने द्विपक्षीय रिश्तों को प्रतीकात्मक और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर मजबूती दी। खास बात यह है कि दोनों पक्षों ने भरोसे, विश्वसनीयता और साझा हितों के आधार पर सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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India-EU partnership: जयशंकर-कलास बैठक, सहयोगी एजेंडा पर सहमति
बैठक के बाद सोशल मीडिया मंच X पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि बातचीत वाइड-रेंजिंग और प्रोडक्टिव रही। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ता सहजता का स्तर और मजबूत समानताएं अब ठोस सहयोग में बदल रही हैं। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने विदेश नीति, सुरक्षा, वैश्विक चुनौतियों और बहुपक्षीय मंचों पर तालमेल बढ़ाने पर सहमति जताई।
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India-EU partnership: भारत-EU संबंधों में बढ़ता भरोसा
वहीं दूसरी ओर, भारत में EU के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने यह स्पष्ट किया कि दोनों पक्ष एक-दूसरे को भरोसेमंद साझेदार मानते हैं। ME-A के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत-EU साझेदारी को “ट्रस्ट और रिलायबिलिटी” पर आधारित बताया। खास बात यह है कि यह साझेदारी केवल कूटनीतिक संवाद तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापार, तकनीक, जलवायु और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित है।
India-EU partnership: गणतंत्र दिवस पर विशेष संदेश
इसी क्रम में, एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।
नई दिल्ली पहुंचने पर उन्हें केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने रिसीव किया और औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। यह प्रतीकात्मक सम्मान भारत-EU रिश्तों की गहराई और आपसी सम्मान को दर्शाता है।
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प्रधानमंत्री से होने वाली वार्ता पर निगाहें
इसके साथ ही, विदेश मंत्री जयशंकर ने विश्वास जताया कि EU नेताओं की नरेंद्र मोदी से होने वाली बातचीत भारत-EU संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत करेगी। यह वार्ता व्यापार समझौतों, सप्लाई-चेन, डिजिटल सहयोग और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन चर्चाओं से रणनीतिक साझेदारी को व्यावहारिक परिणाम मिल सकते हैं।
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रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्र
खास बात यह है कि भारत और EU के बीच सहयोग कई अहम क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा, हरित ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन से निपटना, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक में स्थिरता जैसे मुद्दे साझा प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इसी क्रम में, दोनों पक्ष वैश्विक मंचों पर नियम-आधारित व्यवस्था के समर्थन में भी एक-दूसरे के साथ खड़े दिखते हैं।
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आगे की राह
साथ ही, विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत-EU संबंधों का महत्व और बढ़ गया है। व्यापार और निवेश के साथ-साथ टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग से दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिलने की संभावना है। इसी क्रम में, हालिया बैठकें और उच्च-स्तरीय दौरे भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करते हैं।
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