Tina Dabi Republic Day salute: गणतंत्र दिवस के मौके पर राजस्थान के बाड़मेर में हुए ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान टीना डाबी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसी दिन राष्ट्रीय स्तर पर पद्म पुरस्कार 2026 की प्रक्रियाओं और नीरज चोपड़ा व पी. वी. सिंधु जैसे खिलाड़ियों से जुड़ी चर्चाएं भी सुर्खियों में रहीं।
ALSO READ: भारतीय सेना की भैरव बटालियन, ड्रोन-आधारित आधुनिक युद्ध की नई तैयारी
वायरल वीडियो में सैल्यूट की दिशा को लेकर बहस शुरू हुई, जिससे ‘कैमरा प्रेम’ जैसे व्यंग्यात्मक शब्द ट्रेंड करने लगे। प्रशासनिक कार्यक्रम में हुई इस छोटी-सी चूक को लेकर लोग सवाल और टिप्पणियां कर रहे हैं। बाड़मेर में ध्वजारोहण के दौरान टीना डाबी के सैल्यूट का वीडियो ने मीडिया जगत में हलचल मचा कर रख दी, जिस पर सोशल मीडिया में व्यंग्य और समर्थन दोनों देखने को मिल रहे हैं
ALSO READ: लखनऊ गणतंत्र दिवस समारोह, राज्यपाल के साथ परेड व सांस्कृतिक प्रस्तुति
क्या है वायरल वीडियो का संदर्भ (Tina Dabi’s Republic Day salute)
वायरल क्लिप में ध्वजारोहण के बाद सैल्यूट का क्षण दिखता है। इसके अलावा, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि सैल्यूट तिरंगे की बजाय कैमरों की ओर हुआ। वहीं दूसरी ओर, कई लोगों ने इसे कोण, फ्रेमिंग या पलभर की चूक बताया। खास बात यह है कि वीडियो की लंबाई कुछ सेकंड की है, लेकिन चर्चा लंबी हो गई।
ALSO READ: शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र, नायर को कीर्ति चक्र
सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया व्यंग्य भी, समर्थन भी (Tina Dabi’s Republic Day salute)
इसी क्रम में सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ यूजर्स ने हल्के-फुल्के व्यंग्य में इसे ‘कैमरा प्रेम’ कहा। साथ ही, कई लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर अनावश्यक ट्रोलिंग से बचने की अपील की। वहीं दूसरी ओर, समर्थकों का कहना है कि एक क्षणिक वीडियो से नीयत तय नहीं की जानी चाहिए।
ALSO READ: वृंदावन धाम में आस्था का संदेश, BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किये श्री बांके बिहारी के दर्शन
प्रशासनिक प्रोटोकॉल और व्यावहारिक पहलू (Tina Dabi’s Republic Day salute)
ध्वजारोहण जैसे औपचारिक कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल स्पष्ट होते हैं। इसके अलावा, मंच की ऊंचाई, कैमरों की स्थिति और भीड़ का दबाव भी रहता है। इसी क्रम में विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार कैमरा एंगल भ्रम पैदा कर देता है। खास बात यह है कि आधिकारिक स्तर पर किसी नियम उल्लंघन की पुष्टि नहीं हुई है।
ALSO READ: मेरठ में अवैध मजारों के खिलाफ प्रदर्शन, बुलडोजर कार्रवाई की मांग
संतुलन जरूरी, आलोचना बनाम तथ्य
साथ ही यह भी जरूरी है कि आलोचना तथ्य आधारित हो। वहीं दूसरी ओर, सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों से अपेक्षाएं अधिक होती हैं। इसी क्रम में, सोशल मीडिया पर जिम्मेदार संवाद की जरूरत महसूस की जा रही है। खास बात यह है कि प्रशासन ने अब तक इस पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है। टीना धाबी हमेशा अपने काम काज को लेकर हमेशा चर्चा में रही आई हैं |
ALSO READ: अमरोहा में एक ही सड़क पर लगातार गिरती बाइकें, आखिर वजह क्या है ? घटना ने उठाए गंभीर सवाल
कुल मिलाकर, गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर सामने आया यह वीडियो चर्चा का विषय बन गया। इसके अलावा, पद्म पुरस्कार 2026 और खिलाड़ियों की उपलब्धियों से जुड़ी सकारात्मक खबरों के बीच यह मुद्दा भी चला। वहीं दूसरी ओर, यह घटना सोशल मीडिया की त्वरित प्रतिक्रिया संस्कृति को भी दिखाती है। खास बात यह है कि तथ्य, संदर्भ और संतुलन तीनों के साथ ही किसी निष्कर्ष पर पहुँचना अधिक उचित होगा। हालांकि टीवी टूडे भारत इस वीडियो की पृष्ठी नही करता लेकिन एक IAS का इस तरह का वीडियो लोगों के लिये चर्चा का केंद्र बनता है ।
Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
