GST Deputy Commissioner Divyang Quota Allegation: अयोध्या में जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर पद से इस्तीफा देने वाले प्रशांत सिंह पर उनके ही बड़े भाई विश्वजीत सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि प्रशांत सिंह ने कथित तौर पर दिव्यांग कोटे का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के जरिए नौकरी हासिल की। यह प्रमाण पत्र वर्ष 2009 में मऊ के सीएमओ कार्यालय से जारी होने का दावा किया जा रहा है। भाई का कहना है कि इस कथित फर्जीवाड़े के आधार पर प्रशांत सिंह को 2021 बैच में नियुक्ति मिली।
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क्या है पूरा मामला
विश्वजीत सिंह के अनुसार, प्रशांत सिंह की जन्म तिथि 28 अक्टूबर 1978 है और उन्होंने 27 अक्टूबर 2009 को 31 वर्ष की उम्र में 40 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण पत्र बनवाया। आरोप है कि इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें दिव्यांग कोटे के अंतर्गत चार प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिला। इसके अलावा, भाई का दावा है कि जिस बीमारी के आधार पर प्रमाण पत्र जारी हुआ, वैसी कोई चिकित्सकीय समस्या प्रशांत सिंह को थी ही नहीं।
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CMO कार्यालय से संपर्क का दावा
इसी क्रम में, विश्वजीत सिंह ने बताया कि 16 अगस्त 2021 को उन्हें जानकारी मिली कि प्रशांत सिंह को दिव्यांग कोटे से नौकरी मिली है। इसके बाद उन्होंने मऊ के सीएमओ कार्यालय से संपर्क किया और कथित तौर पर दस्तावेजों की पड़ताल की। उनका कहना है कि प्रस्तुत मेडिकल रिपोर्ट्स और वास्तविक स्थिति में गंभीर अंतर पाया गया।
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बहन पर भी लगाए गए आरोप :GST Deputy Commissioner Divyang Quota Allegation
खास बात यह है कि विश्वजीत सिंह ने प्रशांत सिंह की छोटी बहन जय सिंह पर भी फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि दोनों भाई-बहन ने एक ही डॉक्टर से अलग-अलग वर्षों में प्रमाण पत्र बनवाया। आरोप के मुताबिक, प्रशांत सिंह ने 2009 में और बहन ने 2012 में प्रमाण पत्र प्राप्त किया। वर्तमान में जय सिंह कुशीनगर के हाटा क्षेत्र में तहसीलदार के पद पर तैनात हैं।
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प्रशांत सिंह का प्रशासनिक और राजनीतिक सफर: GST Deputy Commissioner Divyang Quota Allegation
प्रशांत सिंह 2021 बैच के अधिकारी बताए जा रहे हैं। अयोध्या से पहले वे कानपुर में भी तैनात रह चुके हैं। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले वे वर्ष 2011 में अमर सिंह की पार्टी लोकमंच से जुड़े थे और मऊ जिले में जिलाध्यक्ष की भूमिका निभा चुके हैं। वहीं दूसरी ओर, उनका पारिवारिक और शैक्षणिक पक्ष भी चर्चा में है।
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शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि: GST Deputy Commissioner Divyang Quota Allegation
प्रशांत सिंह मूल रूप से मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के सरवां गांव के निवासी हैं। उन्होंने इंटर तक की पढ़ाई आंबेडकरनगर के टांडा से की, जबकि स्नातक शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से पूरी की। उनके बड़े भाई विश्वजीत सिंह लखनऊ में क्लीनिक संचालित करते हैं। प्रशांत सिंह का ससुराल गाजीपुर में है और उनकी पत्नी बीना सिंह हैं। उनके दो बेटियां भी हैं।
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अब क्या आगे जांच होगी ?
फिलहाल, प्रशांत सिंह या प्रशासनिक स्तर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला पूरी तरह आरोपों पर आधारित है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। साथ ही, यह देखना अहम होगा कि संबंधित विभाग और आयोग इस पूरे प्रकरण पर क्या रुख अपनाते हैं।
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