India Economic Report 2026: गणतंत्र दिवस से पहले संसद के पटल पर सरकार ने देश का आर्थिक रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इसी दौरान पद्म पुरस्कार 2026 और खिलाड़ियों के योगदान का भी उल्लेख किया गया। संसद में रखी गई इस रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में इस समय 56.2 करोड़ लोग रोजगार में हैं और FY27 में GDP ग्रोथ 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। सरकार का कहना है कि वैश्विक आर्थिक सुस्ती के बीच भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर और मजबूत बनी हुई है।
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भारत की अर्थव्यवस्था: ग्रोथ से आगे स्टेबल ग्रोथ की ओर
रिपोर्ट के मुताबिक भारत अब केवल तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि स्थिर ग्रोथ मॉडल की ओर बढ़ चुका है। बीते कुछ वर्षों में घरेलू मांग, निवेश और उपभोगतीनों का संतुलन बना है। यही वजह है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद ग्रोथ की रफ्तार बनी हुई है। इसके अलावा सरकार ने यह भी साफ किया कि आर्थिक नीतियों का फोकस केवल आंकड़ों पर नहीं, बल्कि जमीन पर असर दिखाने पर है।
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56.2 करोड़ रोजगार,आंकड़ा नहीं, भरोसे की तस्वीर
रिपोर्ट में बताया गया कि देश में 56.2 करोड़ लोग वर्तमान में रोजगार से जुड़े हुए हैं। यह संख्या खेती, निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर और स्टार्टअप इकोसिस्टम से मिलकर बनी है। खास बात यह है कि कोविड के बाद रोजगार बाजार में धीरे-धीरे स्थिरता आई है। नए सेक्टरों में अवसर बढ़े हैं और स्वरोजगार को भी गति मिली है।
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FY27 में 7.2% GDP ग्रोथ का अनुमान क्यों अहम है
जहां दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं 2 से 3 प्रतिशत की ग्रोथ से जूझ रही हैं, वहीं भारत के लिए 7.2 प्रतिशत GDP ग्रोथ का अनुमान मजबूत संकेत माना जा रहा है। इसी क्रम में रिपोर्ट बताती है कि घरेलू खपत, निजी निवेश और सरकारी पूंजीगत खर्च तीनों एक साथ अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा रहे हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बना विकास की रीढ़ (India Economic Report 2026)
सरकार ने संसद को बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश किया गया है। सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट, मेट्रो और बंदरगाह परियोजनाओं से न केवल कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि लाखों रोजगार भी पैदा हुए हैं। वहीं दूसरी ओर निर्माण से जुड़े छोटे उद्योगों और सप्लाई चेन को भी इसका सीधा लाभ मिला है।
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मैन्युफैक्चरिंग में सुधार और मेक इन इंडिया का असर
रिपोर्ट के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हालात पहले से बेहतर हुए हैं। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम और मेक इन इंडिया के तहत मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो और फार्मा सेक्टर में उत्पादन बढ़ा है। इसके साथ ही निर्यात में सुधार और घरेलू रोजगार के नए अवसर सामने आए हैं।
सर्विस सेक्टर और डिजिटल इकोनॉमी की मजबूती (India Economic Report 2026)
भारत की अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर अब भी अहम भूमिका निभा रहा है। IT, फाइनेंस, हेल्थकेयर, टूरिज्म और एजुकेशन में लगातार मांग बनी हुई है। साथ ही डिजिटल इंडिया पहल ने फ्रीलांसिंग, ऑनलाइन सर्विसेज और टेक-आधारित नौकरियों को बढ़ावा दिया है।
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स्टार्टअप इकोसिस्टम और जॉब क्रिएशन
रिपोर्ट में बताया गया कि भारत दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप हब्स में शामिल हो चुका है। नए यूनिकॉर्न्स सामने आ रहे हैं और युवा जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बन रहे हैं। खास बात यह है कि स्टार्टअप्स ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार पैदा किए हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि सुधारों का असर
ग्रामीण इलाकों में क्रय शक्ति बढ़ने को रिपोर्ट ने सकारात्मक संकेत बताया है। फसल बीमा, MSP और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। जब ग्रामीण मांग बढ़ती है, तो उसका सीधा असर GDP ग्रोथ पर पड़ता है। India Economic Report 2026
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India Economic Report 2026: महंगाई, फिस्कल डिसिप्लिन और बैंकिंग सेक्टर
सरकार का कहना है कि वैश्विक तनाव के बावजूद महंगाई को नियंत्रण में रखा गया है। इसके अलावा फिस्कल डिसिप्लिन पर फोकस जारी है ताकि ग्रोथ और स्थिरता में संतुलन बना रहे। बैंकिंग सेक्टर में NPA घटे हैं, जिससे कर्ज देने की क्षमता बढ़ी है।
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रोजगार, स्किल और ग्रीन इकोनॉमी पर आगे की योजना
India Economic Report 2026 रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले वर्षों में स्किल डेवलपमेंट, अप्रेंटिसशिप और नई शिक्षा नीति रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और क्लीन टेक्नोलॉजी नए रोजगार के बड़े स्रोत बन सकते हैं। कुल मिलाकर संसद में पेश आर्थिक रिपोर्ट कार्ड यह संकेत देता है कि भारत की अर्थव्यवस्था स्थिरता और विकास दोनों के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। 56.2 करोड़ रोजगार और FY27 में 7.2 प्रतिशत GDP ग्रोथ का अनुमान सरकार के लिए भरोसे का आधार है। अब असली परीक्षा यह होगी कि इन नीतियों का असर आम आदमी की जिंदगी में कितनी मजबूती लाता है।
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