Haryana Smart Agriculture Zone: गणतंत्र दिवस, पद्म पुरस्कार 2026 और देश के खिलाड़ियों को लेकर जारी राष्ट्रीय विमर्श के बीच हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए एक अहम पहल की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण की चौथी बैठक की अध्यक्षता करते हुए किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती से जोड़ने के निर्देश दिए। इस बैठक में राज्य में खेती को घाटे से उबारने और किसानों की आय सुरक्षित रखने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
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हरियाणा में खेती को लेकर क्या बदलेगा?
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खेती को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर, उसे लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसी क्रम में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर करीब 5 हजार एकड़ भूमि पर “स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन” विकसित करने का निर्णय लिया गया है।

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स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन का उद्देश्य
खास बात यह है कि इन जोन में शामिल किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा, किसानों को यह भरोसा भी दिया जाएगा कि प्राकृतिक खेती अपनाने के कारण उन्हें किसी भी तरह का आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।
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आमदनी में घाटा नहीं, सरकार करेगी भरपाई
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को जागरूक किया जाए कि प्राकृतिक खेती घाटे का सौदा नहीं है। वहीं दूसरी ओर, सरकार ने यह भी साफ किया कि यदि बेहतर बाजार मूल्य मिलने के बावजूद किसानों की आमदनी कम होती है, तो राज्य सरकार उसकी भरपाई करेगी।
प्राकृतिक खेती को मिलेगा बेहतर बाजार (Haryana Smart Agriculture Zone)
इसी क्रम में यह भी बताया गया कि प्राकृतिक खेती से तैयार उपज के लिए अलग बाजार व्यवस्था और उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही लाभ मिल सके।
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मत्स्य पालन क्षेत्र को भी बढ़ावा (Haryana Smart Agriculture Zone)
साथ ही बैठक के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा मत्स्य पालन विभाग की पुस्तिका ‘Report of Working Group on Fisheries Development in Haryana’ का विमोचन भी किया गया।
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क्यों अहम है मत्स्य पालन रिपोर्ट? (Haryana Smart Agriculture Zone)
यह रिपोर्ट हरियाणा में मत्स्य पालन क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, संभावनाओं और भविष्य की रणनीति को दर्शाती है। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने और किसानों की आय के वैकल्पिक स्रोत विकसित करने पर ज़ोर दिया गया है।
सुरक्षित खेती, सुरक्षित आय (Haryana Smart Agriculture Zone)
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का फोकस अब ऐसी खेती पर है जो पर्यावरण के अनुकूल हो, किसानों के लिए सुरक्षित हो और आमदनी के स्तर पर स्थिरता दे। इसी दिशा में स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन को एक मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
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हरियाणा में जैविक और प्राकृतिक खेती को लेकर यह पहल किसानों के लिए राहत भरी मानी जा रही है। अगर यह पायलट योजना सफल रहती है, तो आने वाले समय में इसे राज्य के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है।
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