NCP merger talks: गणतंत्र दिवस 2026 के मुख्य आकर्षण पर घोषित पद्म पुरस्कारों में रोहित शर्मा, हरमनप्रीत कौर और सविता पुनिया जैसे खिलाड़ियों के नाम पर भी चर्चा हो रही है। इसी बीच शनिवार (31 जनवरी 2026) को एनसीपी के विलय की बातचीत पर बड़ा स्पष्टीकरण सामने आया, जिसमें शरद पवार ने कहा कि अजित पवार दोनों गुटों के एक होने के पक्ष में थे और 12 फरवरी को विलय की तारीख तय करने की बात चल रही थी, लेकिन बारामती विमान हादसे के बाद बातचीत रुक गई।
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विलय बातचीत पर शरद पवार का दावा,4 महीने से चर्चा चल रही थी (NCP merger talks)
शरद पवार के मुताबिक, दोनों धड़ों के विलय को लेकर करीब चार महीनों से बातचीत चल रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि इन चर्चाओं में Jayant Patil भी शामिल थे और अजित पवार 12 फरवरी को मर्जर डेट के तौर पर देख रहे थे। इसके अलावा, शरद पवार ने यह संकेत भी दिया कि वे खुद भी चाहते हैं कि दोनों पक्ष साथ आएं। राजनीतिक तौर पर इसे NCP के अंदर ‘री-यूनियन की दिशा में अब तक का सबसे स्पष्ट बयान माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व और आगे की रणनीति को लेकर बैठकों का दौर तेज होने की बात सामने आई है।
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जुलाई 2023 का विभाजन और दो गुटों की कहानी (NCP merger talks)
याद दिला दें कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)में बड़ा विभाजन जुलाई 2023 में हुआ था, जब अजित पवार अपने साथ पार्टी के बड़ी संख्या में विधायकों को लेकर भारतीय जनता पार्टी Bharatiya Janata Party नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए थे। इसके बाद शरद पवार गुट ने अलग पहचान के साथ संगठन चलाया।
इसी क्रम में, पिछले कुछ समय से दोनों गुटों के बीच संवाद और ‘वर्किंग-टुगेदर’ के संकेत कभी-कभार दिखे, लेकिन औपचारिक विलय पर स्पष्टता नहीं थी। अब शरद पवार के बयान के बाद इस मुद्दे पर चर्चाएं फिर केंद्र में आ गई हैं।
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पुणे पिंपरी चिंचवड़ चुनाव में ‘दुर्लभ साथ’, लेकिन फायदा BJP को (NCP merger talks)
खास बात यह है कि हाल ही में पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनावों में NCP के दोनों धड़े एक साथ आते दिखे थे। हालांकि, नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने निर्णायक बढ़त बना ली।
चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, पिंपरी-चिंचवड़ (128 सीटों) में BJP ने 84 सीटें जीतीं और पुणे (165 सीटों) में BJP ने 119 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इसके अलावा, इन नतीजों को सियासी जानकार NCP की यूनिटी सिग्नल रणनीति के अपेक्षित असर न दिखा पाने के तौर पर भी देख रहे हैं क्योंकि वोटर व्यवहार में बड़ा बदलाव नहीं आया।
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सनैत्रा पवार के शपथ की तैयारी ‘निर्णय में शामिल नहीं था’ -शरद पवार (NCP merger talks)
इसी बीच रिपोर्ट्स में कहा गया कि अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सनैत्रा पवार (Sunetra Pawar) को महाराष्ट्रा (Maharashtra) का उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की तैयारी है और शपथ ग्रहण शनिवार शाम को प्रस्तावित है।
शरद पवार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम की जानकारी नहीं है और वे निर्णय प्रक्रिया में शामिल नहीं थे। साथ ही जब जल्दबाज़ी पर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि वे नहीं जानते कि इसमें कोई हड़बड़ी है या नहीं।
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इसके अलावा, यह भी बताया गया कि अजित पवार गुट के विधायक मुंबई में विधान भवन Vidhan Bhavan में बैठक कर अपने नेता का चयन कर सकते हैं।
आगे क्या विलय की संभावना, लेकिन टाइमलाइन पर सस्पेंस (NCP merger talks)
फिलहाल, शरद पवार के बयान ने विलय वार्ता को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है, लेकिन हादसे के बाद टाइमलाइन और नेतृत्व-संतुलन जैसे मुद्दे और संवेदनशील हो गए हैं। साथ ही, सियासी संकेत यह भी हैं कि अगले कुछ दिनों में दोनों पक्षों की बैठकों, संदेशों और गठबंधन सहयोगियों की प्रतिक्रिया से ही तस्वीर साफ होगी कि यह बातचीत आगे बढ़ेगी या फिर एक बार फिर ठहर जाएगी।
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