Bageshwar Dham Mass Marriage Ceremony: बुंदेलखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम में इस वर्ष महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 300 गरीब बेटियों का सामूहिक विवाह कराया जाएगा। 15 फरवरी को आयोजित होने जा रहा यह कार्यक्रम Bageshwar Dham Mass Marriage Ceremony के नाम से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। दान पेटी से प्राप्त राशि से होने वाला यह आयोजन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। आयोजकों के अनुसार, Bageshwar Dham Mass Marriage Ceremony का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराना और समाज में फिजूलखर्ची को कम करना है। हर वर्ष आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम अब एक सामाजिक अभियान का रूप ले चुका है।
हल्दी समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
शुक्रवार को Bageshwar Dham Mass Marriage Ceremony के तहत हल्दी की रस्म धूमधाम से संपन्न हुई। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav विशेष रूप से उपस्थित रहे। धाम के प्रमुख संत Dhirendra Krishna Shastri ने मंडप के नीचे बैठकर मुख्यमंत्री को शगुन की हल्दी लगाई। जवाब में मुख्यमंत्री ने भी बाबा को हल्दी लगाकर शुभकामनाएं दीं। हल्दी समारोह के दौरान दोनों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से मंडप पूजन किया। इस अवसर पर मंत्री दिलीप अहिरवार, सांसद और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस भव्य उपस्थिति ने Bageshwar Dham Mass Marriage Ceremony की गरिमा को और बढ़ा दिया।
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सातवां वर्ष, बढ़ता सामाजिक प्रभाव
यह Bageshwar Dham Mass Marriage Ceremony का सातवां वर्ष है। हर साल सैकड़ों बेटियों का विवाह यहां वैदिक रीति-रिवाजों से कराया जाता है। Dhirendra Krishna Shastri स्वयं आयोजन की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं और भागवत कथा का वाचन भी कर रहे हैं। सामूहिक विवाह के माध्यम से गरीब परिवारों को आर्थिक सहयोग मिलता है। आयोजन में हर जोड़े को आवश्यक गृहस्थी का सामान भी प्रदान किया जाता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि Bageshwar Dham Mass Marriage Ceremony ने दहेज प्रथा और अनावश्यक खर्च जैसी सामाजिक कुरीतियों पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।

गुरुकुलम की शुरुआत से नई पहचान
सामूहिक विवाह के साथ ही बागेश्वर धाम में सनातन वैदिक गुरुकुलम का भी शुभारंभ किया गया। अब तक आस्था के केंद्र के रूप में पहचाने जाने वाले इस स्थल को शिक्षा के क्षेत्र में भी नई पहचान मिल रही है। गुरुकुलम में वैदिक शास्त्र, कर्मकांड और परंपरागत शिक्षा दी जाएगी। बनारस से आए चार विद्वान आचार्य यहां विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देंगे। प्रथम वर्ष में 31 बच्चों को प्रवेश दिया गया है। यह पहल दर्शाती है कि Bageshwar Dham Mass Marriage Ceremony केवल विवाह आयोजन तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक विकास का हिस्सा है।
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मुख्यमंत्री का संदेश- विवाह में सादगी अपनाएं
मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने अपने संबोधन में कहा कि Bageshwar Dham Mass Marriage Ceremony जैसे आयोजन समाज को सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि विवाह में अनावश्यक खर्च से बचें और बच्चों की शिक्षा व रोजगार पर ध्यान दें। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जिन जोड़ों का विवाह इस कार्यक्रम के तहत हो रहा है, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार प्रयास करेगी।
संत समाज और सरकार का सहयोग
Dhirendra Krishna Shastri ने कहा कि जब संत समाज और सरकार मिलकर कार्य करते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि Bageshwar Dham Mass Marriage Ceremony सेवा और संस्कार का अद्भुत उदाहरण है।
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आस्था और सामाजिक सेवा का संगम
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित होने वाला Bageshwar Dham Mass Marriage Ceremony धार्मिक आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा संगम है। 300 बेटियों का विवाह कर यह आयोजन समाज में समरसता और सहयोग का संदेश दे रहा है। लगातार बढ़ती लोकप्रियता के साथ Bageshwar Dham Mass Marriage Ceremony आने वाले वर्षों में भी जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा और सम्मान का प्रतीक बना रहेगा।
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