Nikhil Gupta guilty plea: मामले में बड़ा अपडेड सामने आया है। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिका की एक अदालत में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नुन की हत्या की साजिश से जुड़े मामले में दोष स्वीकार कर लिया है। यह फैसला न्यूयॉर्क की मैनहट्टन फेडरल कोर्ट में लिया गया।
परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक, निखिल गुप्ता ने यह कदम अपने और अपने परिवार पर लंबे समय से पड़ रहे मानसिक, आर्थिक और कानूनी दबाव को समाप्त करने के मकसद से उठाया। खास बात यह है कि परिवार को इस फैसले की जानकारी उनके वकील के माध्यम से ही मिली। वहीं दूसरी ओर, इस मामलों के सामने आने के बाद परिवार गहरे सदमे में है। उनकी पत्नी और मां इस फैसले को संवेदनशीलता रूप से देख रही हैं।
ALSO READ: क्या भारत बन सकता है दुनिया का अगला डिजिटल हब? जानिए डेटा सेंटर के नए प्लान
Nikhil Gupta guilty plea: परिवार ने बताया फैसला क्यों लिया
सूत्रों के मुताबिक, Nikhil Gupta guilty plea मामले में गुप्ता के परिवार को पहले से अंदेशा था कि वह ऐसा कोई फैसला ले सकते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय की जानकारी उन्हें उसी दिन मिली, जिस दिन अदालत में दोष स्वीकार किया गया। परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि यह फैसला किसी और के खिलाफ गवाही देने या गवाह बनने का नहीं था। बल्कि उन्होंने खुद पर पूरा दोष लेते हुए इस मामले को समाप्त करने का प्रयास किया। इसके अलावा, परिवार का कहना है कि यह मुकदमा लंबे समय से चल रहा था और इसने परिवार की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर डाला। कानूनी खर्च के कारण उन्हें निजी वकील की सेवाएं भी बंद करनी पड़ीं।
ALSO READ: ‘नरवणे पर भरोसा, पेंगुइन पर सवाल’, FIR जांच के बीच लोक सभा में राहुल गांधी का तीखा बयान
Nikhil Gupta guilty plea: परिवार ने बताई फैसले की वजह
54 वर्षीय निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क की मैनहट्टन फेडरल कोर्ट में यूएस मैजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के सामने दोष को स्वीकारी । उन्होंने निम्न आरोपों में दोष स्वीकार किया, हत्या के लिए सुपारी देने का आरोप (Murder-for-hire), हत्या की साजिश रचने का आरोप, मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश जैसी सभी आरोपों में संयुक्त रूप से 40 साल की जेल की सजा हो सकती है। इसी क्रम में, अदालत अब सजा सुनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी, जिसकी सुनवाई मई के आखिरी सप्ताह में होने की उम्मीद है।
ALSO READ: कागजों में चमकी शिक्षा, हकीकत में बुझते सपने, लाखों बच्चे आज भी अनपढ़
सजा और कानूनी प्रक्रिया क्या होगी
दरसल, निखिल गुप्ता को 30 जून 2023 को चेक गणराज्य (Czech Republic) में गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी अमेरिकी एजेंसियों के कहने पर हुई थी। इसके बाद, 14 जून 2024 को उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया और न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन जेल में रखा गया। अमेरिकी अभियोजन पक्ष के अनुसार, गुप्ता पर न्यूयॉर्क में पन्नुन की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। हालांकि, गुप्ता ने पहले इन आरोपों को फर्जी और सबूत का अभाव बताया था।
परिवार के आर्थिक और मानसिक दबाव का असर
इस पूरे मामले ने निखिल गुप्ता के परिवार को गंभीर आर्थिक संकट में डाल दिया। परिवार के पास कानूनी लड़ाई जारी रखने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं बचे थे। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका में सरकारी वकील की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूरी दी थी। सूत्रों की माने तो, अब परिवार सजा सुनाने की सुनवाई के लिए नया वकील हायर करने के लिए पैसा जुटाने का कोशिश कर रहा है। खास बात यह है कि इस दौरान परिवार ने भारतीय अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश भी की, लेकिन उन्हें कोई औपचारिक सहायता नहीं मिली।
ALSO READ: पूर्व थल सेना प्रमुख नरवणे की अप्रकाशित किताब लीक होने का मामला, स्पेशल सेल ने संभाली जांच
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
हालांकि, भारत सरकार ने इस मामले में किसी भी तरह की भूमिका से साफ इनकार किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस तरह की गतिविधियां सरकार की नीति के खिलाफ हैं। इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी आरोपों को असत्य और अनुचित बताया था। इसी क्रम में, भारत सरकार ने मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति भी बनाई थी। इस समिति का मेन मकसद राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर प्रभाव का आकलन करना था।
पहले भी गुप्ता ने किया था इनकार
जनवरी 2025 में दिए एक साक्षात्कार में निखिल गुप्ता ने अपने आप को निर्दोष बताया था। उन्होंने कहा था कि उनके खिलाफ पेश किए गए सबूत फर्जी हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें अमेरिका में प्रत्यर्पण के बाद शुरुआती महीनों में भारतीय दूतावास से संपर्क नहीं हुआ। हालांकि, अब दोष स्वीकार करने के फैसले ने मामले की दिशा बदल दी है।
ALSO READ: कनाडा में NSA अजीत डोवाल की हाई-लेवल वार्ता, भारत-कनाडा संबंधों में दिखी नई गर्मजोशी
एक लंबी कानूनी लड़ाई का निर्णायक मोड़ (Nikhil Gupta guilty plea)
निखिल गुप्ता द्वारा दोष स्वीकार करना इस लंबे और जटिल मामले का एक महत्वपूर्ण मोड़ है।परिवार के अनुसार, यह फैसला कानूनी लड़ाई और मानसिक दबाव से राहत पाने के उद्देश्य से लिया गया। अब अदालत का अंतिम फैसला इस मामले की दिशा और परिणाम तय करेगा।
सजा और कानूनी प्रक्रिया (Nikhil Gupta guilty plea)
अब अदालत सजा तय करने की प्रक्रिया पूरी करेगी। दोष स्वीकार करने का मतलब यह है कि अदालत बिना मुकदमा चलाए सीधे सजा सुना सकती है। हालांकि, अंतिम सजा कई चीजों पर निर्भर करेगी, जैसे, अपराध की गंभीरता, अभियोजन और बचाव पक्ष की दलील, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड, सजा सुनाए जाने के बाद गुप्ता को अमेरिकी जेल में लंबी अवधि तक रहना पड़ सकता है।
ALSO READ: Savarkar को भारत रत्न देने से सम्मान की गरिमा बढ़ेगी: RSS प्रमुख
अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर प्रभाव (Nikhil Gupta guilty plea)
यह मामला भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, दोनों देशों ने इस मामले में सहयोग बनाए रखने की बात कही है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करता है और किसी भी सुरक्षा चिंता को गंभीरता से लेता है।
Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram |Nikhil Gupta guilty plea
