CBSE Board Exams 2026: 17 फरवरी 2026, मंगलवार से शुरू हो रहे CBSE Board Exams 2026 को लेकर देशभर में उत्साह और तनाव का माहौल है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में भारत समेत 26 देशों के 46 लाख से अधिक छात्र शामिल हो रहे हैं। यह परीक्षा न केवल शैक्षणिक मूल्यांकन का महत्वपूर्ण चरण है, बल्कि छात्रों के भविष्य और करियर की दिशा तय करने वाला मोड़ भी मानी जाती है। इसी संदर्भ में ईटीवी भारत ने प्रो. नवीन चंद्र लोहानी, कुलपति, उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी से विशेष बातचीत की।
बेहतर प्रदर्शन का दबाव और करियर की चिंता
CBSE Board Exams 2026 के दौरान छात्रों के सामने दोहरी चुनौती है-एक ओर अच्छे अंक लाने का दबाव और दूसरी ओर उच्च शिक्षा में प्रवेश की तैयारी। आज अधिकांश केंद्रीय विश्वविद्यालय University Grants Commission के दिशा-निर्देशों के तहत Common University Entrance Test (CUET) के माध्यम से प्रवेश दे रहे हैं। ऐसे में 12वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी संतुलित रूप से करनी पड़ रही है। प्रो. लोहानी के अनुसार, सही जानकारी और समय प्रबंधन ही सफलता की कुंजी है।
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बारहवीं के छात्रों के लिए विशेष संदेश
प्रो. लोहानी ने कहा कि CBSE Board Exams 2026 को पूरी गंभीरता से लें और एकाग्रचित्त होकर तैयारी करें। परीक्षा के समय स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और नियमित विश्राम से ही बेहतर प्रदर्शन संभव है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जो छात्र स्नातक में प्रवेश की तैयारी कर रहे हैं, वे साथ में किसी कौशल आधारित सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स पर भी विचार कर सकते हैं। ओपन सिस्टम के माध्यम से ऐसे कोर्स करने से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और व्यावहारिक कौशल विकसित होते हैं।
तनाव और एकाग्रता की समस्या से कैसे निपटें
परीक्षा के दौरान तनाव एक सामान्य समस्या है, खासकर CBSE Board Exams 2026 जैसे बड़े स्तर की परीक्षाओं में। प्रो. लोहानी ने सलाह दी कि छात्र अत्यधिक पढ़ाई के दबाव में नींद और स्वास्थ्य की अनदेखी न करें। चिकित्सा और मनोविज्ञान दोनों ही यह बताते हैं कि मानसिक और शारीरिक संतुलन से ही बेहतर परिणाम मिलते हैं। जरूरी विषयों को प्राथमिकता दें, कठिन टॉपिक को बार-बार दोहराएं और यदि किसी विषय में भ्रम हो तो शिक्षकों से मार्गदर्शन लें।
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CUET की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मार्गदर्शन
जो छात्र CUET के माध्यम से केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेना चाहते हैं, उन्हें पहले संबंधित कोर्स की पात्रता और सिलेबस की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए। प्रो. लोहानी ने बताया कि विश्वविद्यालयों की वेबसाइट पर उपलब्ध पाठ्यक्रम और दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है। यदि पहले प्राप्त की गई डिग्री या योग्यता यूजीसी के मानकों के अनुरूप है, तो आगे की पढ़ाई की योजना उसी आधार पर बनाई जानी चाहिए। CBSE Board Exams 2026 के बाद सही दिशा में तैयारी करने से प्रवेश की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।
नियमित प्रवेश न मिलने पर क्या करें
कई बार छात्रों को मनचाहे नियमित विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति में दूरस्थ शिक्षा प्रणाली एक प्रभावी विकल्प है। देश में कई राज्य स्तरीय ओपन विश्वविद्यालय कार्यरत हैं, जिनमें जुलाई और जनवरी सत्र में प्रवेश की सुविधा मिलती है। बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम, एमबीए और बीसीए जैसे पाठ्यक्रम ऑनलाइन माध्यम से भी उपलब्ध हैं। दूरस्थ शिक्षा की डिग्री पूरी तरह मान्यता प्राप्त होती है और सरकारी तथा निजी दोनों क्षेत्रों में स्वीकार्य है।
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गैप ईयर और पढ़ाई में अंतराल की स्थिति
यदि किसी छात्र की पढ़ाई नौकरी, व्यवसाय या पारिवारिक कारणों से बीच में छूट गई हो, तो भी अवसर समाप्त नहीं होते। ओपन और डिस्टेंस लर्निंग सिस्टम की खासियत यह है कि इसमें उम्र या समय का बंधन नहीं है। तीन वर्ष की डिग्री को छह वर्ष में और दो वर्ष की डिग्री को चार वर्ष में पूरा करने की अनुमति मिलती है। यह लचीलापन छात्रों को अपनी गति से शिक्षा पूरी करने का अवसर देता है, जिससे वे फिर से मुख्यधारा में लौट सकते हैं।
डुअल डिग्री की वैधता और अवसर
प्रो. लोहानी ने बताया कि यूजीसी ने अब डुअल डिग्री की अनुमति दे दी है। यानी छात्र एक नियमित डिग्री के साथ-साथ एक दूरस्थ शिक्षा की डिग्री भी कर सकते हैं। हालांकि, एक ही स्तर की दो डिग्री एक साथ नहीं की जा सकतीं। स्नातक स्तर पर छात्र डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं, लेकिन सीधे परास्नातक डिग्री में प्रवेश नहीं ले सकते। दूरस्थ शिक्षा से प्राप्त डिग्री पूरी तरह वैध और मान्यता प्राप्त होती है।
अंत में प्रो. लोहानी ने छात्रों को स्पष्ट संदेश दिया CBSE Board Exams 2026 जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन यह अंतिम लक्ष्य नहीं है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें, लक्ष्य स्पष्ट रखें और उपलब्ध हर शैक्षणिक अवसर का सही उपयोग करें। सही योजना, सकारात्मक सोच और संतुलित तैयारी ही सफलता की असली कुंजी है।
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