Crude Oil Prices: Middle East Tension में तेजी से बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को झकझोर कर रख दिया है। New Delhi से सामने आ रही आर्थिक रिपोर्टों के अनुसार सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में Crude Oil Prices में अचानक जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। यह उछाल इतना तेज था कि कुछ ही घंटों में तेल की कीमतें करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ गईं, जो पिछले कई वर्षों में सबसे बड़ी छलांग मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस तेजी की मुख्य वजह Iran, United States और Israel के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है। क्षेत्र में लगातार हो रही सैन्य गतिविधियों और राजनीतिक बयानों ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिसका सीधा असर तेल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड तेजी
सोमवार सुबह अमेरिकी बेंचमार्क West Texas Intermediate (WTI) की कीमतों में 30 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद यह बढ़कर लगभग 118 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह वैश्विक मानक Brent Crude की कीमत भी तेजी से बढ़ते हुए लगभग 118 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई।
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पिछले एक सप्ताह में ही Crude Oil Prices में करीब 35 प्रतिशत की तेजी देखी जा चुकी थी, लेकिन हालिया सैन्य घटनाओं ने इस उछाल को और तेज कर दिया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अगर क्षेत्र में तनाव कम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
ऊर्जा बाजार से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार यह उछाल वर्ष 2020 के बाद कच्चे Crude Oil Prices में आया सबसे बड़ा उछाल है।
ईरान की राजनीति में बदलाव का असर
तेल बाजार में तेजी के पीछे एक अहम कारण Tehran में हुआ सत्ता परिवर्तन भी माना जा रहा है। हाल ही में Mojtaba Khamenei को उनके पिता Ali Khamenei का उत्तराधिकारी घोषित किया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस बदलाव से ईरान की विदेश नीति और सैन्य रणनीति में और कठोर रुख देखने को मिल सकता है। निवेशकों को आशंका है कि इससे क्षेत्र में संघर्ष लंबा खिंच सकता है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ेगा।
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राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों और तेल कंपनियों ने जोखिम को ध्यान में रखते हुए Crude Oil Prices में तेजी से प्रतिक्रिया दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक Strait of Hormuz भी इस संकट का केंद्र बन गया है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा संभालता है और खाड़ी देशों से निकलने वाले तेल का प्रमुख रास्ता है।
हालिया Middle East Tension के कारण इस मार्ग से गुजरने वाली कई शिपमेंट बाधित हो गई हैं। इससे वैश्विक बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि Saudi Arabia लाल सागर के रास्ते तेल निर्यात बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी कमी की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक यदि इस मार्ग में लंबे समय तक व्यवधान बना रहा तो तेल बाजार में और बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।
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सैन्य घटनाओं ने बढ़ाई बाजार की चिंता
Middle East Tension उस समय और बढ़ गया जब Beirut में इजरायली हमलों की खबर सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार इन हमलों में ईरानी कमांडरों को निशाना बनाया गया। इसके बाद क्षेत्र में स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।
इसी बीच Donald Trump के कड़े बयानों ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने संकेत दिया कि यह संघर्ष लंबे समय तक चल सकता है और इसका उद्देश्य ईरान के मौजूदा शासन को समाप्त करना हो सकता है। ऐसे बयान निवेशकों में अस्थिरता पैदा करते हैं और बाजार तुरंत प्रतिक्रिया देता है।
महंगाई और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर
Crude Oil Prices में इतनी तेज वृद्धि का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। तेल महंगा होने से परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ जाती है, जिससे कई देशों में महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह Middle East Tension जल्दी खत्म भी हो जाए, तब भी क्षतिग्रस्त आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक्स को सामान्य होने में समय लगेगा। इस दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं।
भारत जैसे देशों के लिए चुनौती
तेल आयात करने वाले देशों के लिए यह स्थिति खासतौर पर चिंताजनक मानी जा रही है। India जैसे देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि यहां ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल पर निर्भर करता है।
Crude Oil Prices बढ़ने से सरकारों पर सब्सिडी का दबाव बढ़ सकता है और व्यापार घाटा भी प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा मुद्रा विनिमय दर पर भी इसका असर पड़ने की संभावना रहती है।
इसी वजह से वैश्विक बाजार की नजर अब मध्य-पूर्व की स्थिति पर टिकी हुई है। अगर आने वाले दिनों में तनाव कम नहीं हुआ, तो ऊर्जा बाजार में और बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।
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