Hemkund Sahib: Hemkund Sahib के कपाट इस वर्ष 23 मई 2026 से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच स्थित यह पवित्र स्थल हर साल हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।
यात्रा की तिथि तय होने के साथ ही Uttarakhand में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन ट्रस्ट ने यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
इस बार दो दिन पहले शुरू होगी यात्रा
Hemkund Sahib की पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यात्रा दो दिन पहले शुरू हो रही है। वर्ष 2025 में जहां कपाट 25 मई को खुले थे, वहीं इस बार 23 मई को श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार इस साल कम बर्फबारी के कारण Hemkund Sahib यात्रा मार्ग जल्दी तैयार हो गया है। हालांकि हिमालयी क्षेत्रों में मौसम अनिश्चित रहता है, इसलिए श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
श्रद्धालुओं के लिए खास व्यवस्थाएं
Hemkund Sahib यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई प्रमुख पड़ावों पर विशेष इंतजाम किए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- Haridwar
- Rishikesh
- Joshimath
- Govindghat
- Ghangaria
इन स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त ठहरने और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
हालांकि Hemkund Sahib में रात में रुकने की अनुमति नहीं होती और श्रद्धालुओं को दर्शन के बाद वापस लौटना पड़ता है।
कठिन लेकिन दिव्य यात्रा
Hemkund Sahib लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां तक पहुंचने का मार्ग चुनौतीपूर्ण और शारीरिक रूप से कठिन माना जाता है।
श्रद्धालुओं को पहले
- Rishikesh से
- Rudraprayag होते हुए
- Joshimath
और फिर गोविंदघाट पहुंचना होता है।
गोविंदघाट से घांघरिया तक पैदल या खच्चर के माध्यम से यात्रा करनी पड़ती है, जबकि आगे का मार्ग और भी कठिन होता है।
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आध्यात्मिक महत्व
Hemkund Sahib का सिख धर्म में विशेष महत्व है। मान्यता है कि यहां Guru Gobind Singh ने तपस्या की थी।
यह गुरुद्वारा सात बर्फीली चोटियों से घिरी झील के किनारे स्थित है, जिसे Hemkund झील कहा जाता है। यहां का शांत वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है।
पास में स्थित लक्ष्मण मंदिर
Hemkund Sahib के पास ही Lokpal Laxman Temple स्थित है। मान्यता है कि यहां भगवान लक्ष्मण ने तपस्या की थी।
इस कारण यह स्थान हिंदू और सिख दोनों धर्मों के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है।

सरकार की तैयारियां
Uttarakhand सरकार ने यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े इंतजाम मजबूत करने का आश्वासन दिया है।
यह यात्रा Char Dham Yatra के साथ राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सलाह
प्रबंधन समिति ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले अपनी शारीरिक तैयारी करें।
- ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी हो सकती है
- ठंड और मौसम में अचानक बदलाव संभव है
- जरूरी दवाइयां और गर्म कपड़े साथ रखें
प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना भी अनिवार्य बताया गया है।
आस्था और प्रकृति का संगम
Hemkund Sahib की यात्रा आस्था, प्रकृति और साहस का अद्भुत संगम है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां और शांत झील इस स्थान को दुनिया के सबसे खास तीर्थ स्थलों में शामिल करती हैं।
23 मई से शुरू होने वाली Hemkund Sahib यात्रा एक बार फिर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ हिमालय की अद्भुत सुंदरता का अनुभव कराएगी।
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