Char Dham Yatra: Char Dham Yatra 2026 को लेकर उत्तराखंड में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हर साल बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए इस बार प्रशासन और मंदिर समिति ने कई अहम फैसले लिए हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य यात्रा को अधिक अनुशासित, सुरक्षित और आध्यात्मिक बनाना है।
इस बार सबसे बड़ा बदलाव मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नई गाइडलाइन के रूप में सामने आया है।
मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरा पूरी तरह प्रतिबंधित
Char Dham Yatra के दौरान Badrinath Kedarnath Temple Committee ने साफ कर दिया है कि मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन और कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों के बाहर क्लॉकरूम की व्यवस्था की जाएगी, जहां वे अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सुरक्षित रख सकेंगे। बीकेटीसी के अध्यक्ष Hemant Dwivedi ने कहा कि यह फैसला मंदिरों की गरिमा बनाए रखने के लिए लिया गया है।
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यूट्यूबर और ब्लॉगर्स के लिए नई गाइडलाइन
डिजिटल युग में चारधाम यात्रा सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई है, लेकिन अब प्रशासन ने कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सीमाएं तय कर दी हैं। मंदिर परिसर के एक निश्चित दायरे में वीडियो रिकॉर्डिंग और कंटेंट क्रिएशन पर रोक रहेगी।
अधिकारियों का मानना है कि धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थल की तरह पेश करने से आध्यात्मिक वातावरण प्रभावित होता है, इसलिए यह कदम जरूरी था।

121 करोड़ रुपये का बजट पास
Char Dham Yatra 2026-27 को सफल बनाने के लिए बीकेटीसी ने 121 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पास किया है। इस बजट का उपयोग मंदिरों के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और डिजिटल सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
इसके साथ ही ऑनलाइन पूजा सेवा और आधिकारिक वेबसाइट को भी और मजबूत किया जाएगा।
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कपाट खुलने की तारीखें घोषित
Char Dham Yatra की शुरुआत 19 अप्रैल को Akshaya Tritiya के दिन Gangotri Temple और Yamunotri Temple के कपाट खुलने के साथ होगी।
इसके बाद 22 अप्रैल को Kedarnath Temple और 23 अप्रैल को Badrinath Temple के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
तीर्थ पुरोहितों के लिए कल्याण कोष
बीकेटीसी ने “तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष” बनाने का फैसला लिया है, जिससे पुरोहितों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रिकॉर्ड स्तर पर रजिस्ट्रेशन
Char Dham Yatra को लेकर इस बार जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मात्र दो हफ्तों में 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। सबसे ज्यादा पंजीकरण केदारनाथ धाम के लिए हुआ है।
शीतकालीन Char Dham Yatra में भी बढ़ी भीड़
इस साल शीतकालीन यात्रा में भी श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है। Omkareshwar Temple Ukhimath, Yog Badri Temple Pandukeshwar और Narsingh Temple Joshimath में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
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अनुशासन और आस्था का संतुलन
इस बार प्रशासन का फोकस केवल सुविधाएं बढ़ाने पर नहीं, बल्कि अनुशासन बनाए रखने पर भी है। मोबाइल बैन और कंटेंट क्रिएशन पर नियंत्रण जैसे फैसले इसी दिशा में उठाए गए हैं।
ज्यादा व्यवस्थित और आध्यात्मिक यात्रा
Char Dham Yatra 2026 में किए गए ये बदलाव Char Dham Yatra को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आध्यात्मिक अनुभव बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रशासन और मंदिर समिति का लक्ष्य है कि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के शांत और पवित्र वातावरण में दर्शन कर सकें।
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