Himachal Government: Himachal Pradesh की Himachal Pradesh Government ने प्रशासनिक अनुशासन और पेशेवर छवि को मजबूत करने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए सख्त ड्रेस कोड लागू कर दिया है। नए नियमों के तहत अब सरकारी कार्यालयों और न्यायालयों में जींस और टी-शर्ट पहनकर आने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
फॉर्मल ड्रेस अनिवार्य, उल्लंघन पर कार्रवाई
Himachal Government के जारी आदेश के अनुसार, सभी सरकारी कर्मचारियों को साफ-सुथरे और औपचारिक (फॉर्मल) कपड़ों में ही कार्यालय आना होगा। पुरुष कर्मचारियों के लिए शर्ट-पैंट, कॉलर वाली शर्ट के साथ ट्राउजर और फॉर्मल जूते अनिवार्य किए गए हैं।
वहीं महिला कर्मचारियों को साड़ी, सलवार-सूट, चूड़ीदार-कुर्ता या फॉर्मल ट्राउजर-शर्ट पहनने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसका उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
पुराने निर्देशों के बाद भी नहीं हुआ पालन
Himachal Government ने बताया कि इसी तरह के दिशा-निर्देश वर्ष 2021 में भी जारी किए गए थे, लेकिन कई कर्मचारियों ने उनका पालन नहीं किया। इसी को देखते हुए अब सख्ती बढ़ाते हुए नए सिरे से आदेश लागू किया गया है।
इस कदम का उद्देश्य सरकारी दफ्तरों की कार्यसंस्कृति को बेहतर बनाना और कर्मचारियों में जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।
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सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी सख्ती
ड्रेस कोड के साथ-साथ Himachal Government ने कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखने का निर्णय लिया है।
Himachal Government के अधिकारियों का कहना है कि कई बार कर्मचारी सोशल मीडिया पर ऐसे विचार या टिप्पणियां साझा कर देते हैं, जिससे सरकारी नीतियों और छवि पर असर पड़ता है। ऐसे में कर्मचारियों को संयम और जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करने की हिदायत दी गई है।

सरकार का उद्देश्य अनुशासन और प्रोफेशनलिज्म
Himachal Government का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों का पहनावा और व्यवहार सीधे तौर पर जनता के बीच सरकार की छवि को प्रभावित करता है।
इसलिए ड्रेस कोड लागू करने का उद्देश्य केवल कपड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में शालीनता, अनुशासन और प्रोफेशनलिज्म को बढ़ावा देना है। कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्वच्छता और ग्रूमिंग पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
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मुख्यमंत्री का बयान
Himachal Government के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने कहा कि कर्मचारियों को “डिसेंट ड्रेस” पहननी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि पहले से लागू दिशा-निर्देशों को ही सख्ती से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर अनावश्यक गतिविधियों को नियंत्रित करना जरूरी है, ताकि अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों पर अधिक ध्यान दे सकें।
CCS नियमों का हवाला
Himachal Government ने इस फैसले के समर्थन में केंद्रीय सिविल सेवा (CCS) नियमों का हवाला दिया है। नियम 3(1)(iii) के तहत सरकारी कर्मचारियों को ऐसा कोई भी आचरण नहीं करना चाहिए, जो उनके पद की गरिमा के खिलाफ हो।
इसमें उनका सार्वजनिक व्यवहार और प्रस्तुति भी शामिल है, जिसके आधार पर ड्रेस कोड और सोशल मीडिया गाइडलाइन को लागू किया गया है।
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कर्मचारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
Himachal Government के इस फैसले को लेकर कर्मचारियों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे अनुशासन और पेशेवर माहौल के लिए जरूरी मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर अंकुश के रूप में देख रहे हैं।
Himachal Government का यह कदम प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे सरकारी कार्यालयों में पेशेवर माहौल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, अब यह देखना अहम होगा कि इस आदेश का जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ता है और क्या यह वास्तव में सरकारी कार्यसंस्कृति में बदलाव ला पाता है या नहीं।
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