Illegal Bangladeshis: नई दिल्ली में अवैध प्रवासियों के खिलाफ चल रहा अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। पिछले नौ महीनों में सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस ने मिलकर बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 1500 से अधिक Illegal Bangladeshi नागरिकों की पहचान कर उन्हें डिपोर्ट किया है। इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अभियान की शुरुआत और तेज़ी
इस अभियान की शुरुआत Ministry of Home Affairs के निर्देशों के बाद नवंबर 2024 में हुई थी। शुरुआती दौर में यह प्रक्रिया धीमी रही, लेकिन खुफिया सूचनाएं मिलने के बाद कार्रवाई तेज कर दी गई।
विशेष रूप से Pahalgam Terror Attack 2025 के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने Illegal Bangladeshi मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए अभियान को और तेज किया।
चौंकाने वाले आंकड़े
पुलिस आंकड़ों के अनुसार जून 2025 से फरवरी 2026 के बीच कुल 1,589 Illegal Bangladeshi नागरिकों की पहचान की गई और उन्हें हिरासत में लेकर वापस भेजा गया। इसके अलावा करीब 55 रोहिंग्या नागरिकों को भी पकड़ा गया।
यह आंकड़े बताते हैं कि प्रशासन अब अवैध प्रवास के मुद्दे पर पहले से कहीं ज्यादा सख्त रुख अपना रहा है।
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किन इलाकों में सबसे ज्यादा कार्रवाई?
जांच के दौरान राजधानी के कई इलाकों में Illegal Bangladeshi की मौजूदगी सामने आई। खासकर बाहरी दिल्ली, दक्षिण-पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी जिलों में सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई।
पुलिस के अनुसार, कई लोग हरियाणा और राजस्थान की सीमाओं से लगे इलाकों में Illegal Bangladeshi रह रहे थे और निर्माण कार्य या ईंट-भट्ठों में मजदूरी कर रहे थे।

पहचान करना क्यों था मुश्किल?
अवैध प्रवासियों की पहचान करना आसान नहीं था, क्योंकि कई लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर रखे थे। पुलिस ने स्थानीय नेटवर्क, ठेकेदारों और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करते हुए Illegal Bangladeshi पहचान की।
तकनीक और डेटा विश्लेषण की मदद से संदिग्ध लोगों को चिन्हित किया गया, जिससे अभियान को गति मिली।
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कैसे होती है डिपोर्ट प्रक्रिया?
पकड़े गए Illegal Bangladeshi को पहले Foreigners Regional Registration Office (FRRO) को सौंपा जाता है, जहां उनकी पहचान और दस्तावेजों की जांच होती है।
इसके बाद Illegal Bangladeshi को सड़क या रेल मार्ग से पश्चिम बंगाल भेजा जाता है और फिर सीमा पार कराकर बांग्लादेश वापस भेज दिया जाता है।
हाल के महीनों में Hindon Airbase से विशेष विमानों के जरिए भी डिपोर्टेशन किया गया, जिससे प्रक्रिया तेज हुई।
फर्जी दस्तावेज नेटवर्क पर कार्रवाई
इस अभियान के दौरान केवल Illegal Bangladeshi को पकड़ना ही नहीं, बल्कि उनके पीछे काम कर रहे नेटवर्क को भी खत्म करने पर जोर दिया गया।
पुलिस और क्राइम ब्रांच ने कई मामलों में एफआईआर दर्ज कर उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है, जो फर्जी पहचान पत्र, पते या नौकरी उपलब्ध कराने में मदद कर रहे थे।
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सरकार की रणनीति और निर्देश
Ministry of Home Affairs ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे अवैध प्रवासियों की पहचान और सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत करें।
विशेष रूप से सीमावर्ती राज्यों में निगरानी बढ़ाने और खुफिया नेटवर्क को सक्रिय करने पर जोर दिया गया है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और इसे और व्यापक बनाया जाएगा। तकनीकी संसाधनों और डेटा एनालिसिस की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
दिल्ली में Illegal Bangladeshi के खिलाफ चल रहा यह अभियान प्रशासन की सख्ती और सतर्कता का स्पष्ट संकेत है। 1500 से अधिक लोगों की पहचान और डिपोर्टेशन यह दर्शाता है कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है।
आने वाले समय में इस अभियान के और तेज होने की संभावना है, जिससे राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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