UP Census 2026: उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद जनगणना 2026 का पहला चरण 22 मई से शुरू होने जा रहा है। इस बार की प्रक्रिया कई मायनों में खास होगी, क्योंकि पहली बार पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था के जरिए डेटा एकत्र किया जाएगा। UP Census 2026 को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन ने बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी के अनुसार, पहले चरण में मकानों और आवासीय सुविधाओं की गणना की जाएगी। यह चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा, जिसमें जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।
पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना
UP Census 2026 की सबसे बड़ी खासियत इसका डिजिटल स्वरूप है। इस बार डेटा कलेक्शन के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
इसके अलावा सरकार ने लोगों को Self Enumeration यानी स्वयं ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प भी दिया है। नागरिक 7 मई से 21 मई 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। ऑनलाइन डेटा भरने के बाद एक SE ID जनरेट होगी, जिसे प्रगणक को दिखाना होगा। इससे दोबारा डेटा भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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पहले चरण में क्या-क्या होगा?
UP Census 2026 के पहले चरण को House Listing Operation कहा जा रहा है। इसमें मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और संपत्ति से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी।
इस चरण में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें मकान की संरचना, पीने के पानी की सुविधा, बिजली, इंटरनेट, शौचालय, रसोई गैस, वाहन और अन्य सुविधाओं से संबंधित जानकारियां शामिल होंगी। अधिकारियों ने साफ किया है कि पहले चरण में किसी व्यक्ति की जाति, धर्म या शिक्षा से जुड़े सवाल नहीं पूछे जाएंगे। यह जानकारी दूसरे चरण में जुटाई जाएगी।
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फरवरी 2027 में होगा दूसरा चरण
UP Census 2026 का दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी एकत्र की जाएगी। इस चरण में धर्म, जाति, भाषा, शिक्षा, रोजगार और साक्षरता जैसे सवाल शामिल होंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया पूरे देश में एक साथ आयोजित की जाएगी ताकि डेटा का राष्ट्रीय स्तर पर सही विश्लेषण किया जा सके।
लाखों कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी
UP Census 2026 को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक तैयारियां की हैं। करीब 5.25 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
यह सर्वे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों, 783 शहरी निकायों और 350 तहसीलों में किया जाएगा। इसके लिए राज्यभर में लगभग 3.9 लाख हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इतनी बड़ी आबादी वाले राज्य में डिजिटल जनगणना कराना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन तकनीक की मदद से इसे आसान बनाया जाएगा।
डेटा सुरक्षा पर सरकार का जोर
UP Census 2026 को लेकर लोगों के मन में डेटा सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जनगणना से जुड़ी सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना का डेटा टैक्स, पुलिस या कोर्ट मामलों में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं, नीति निर्माण और विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल सिस्टम में कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
आम लोगों के लिए हेल्पलाइन जारी
UP Census 2026 के दौरान लोगों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है। यदि किसी नागरिक को ऑनलाइन फॉर्म भरने, Self Enumeration या जनगणना प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी जानकारी की जरूरत होगी, तो वह इस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकता है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
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क्यों अहम है यह जनगणना?
UP Census 2026 केवल जनसंख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह भविष्य की विकास योजनाओं की नींव भी मानी जाती है। सरकार इसी डेटा के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं तैयार करती है। इसलिए सही और सटीक जानकारी देना बेहद जरूरी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल जनगणना से डेटा की गुणवत्ता बेहतर होगी और रिपोर्ट तैयार करने में कम समय लगेगा।
अधिकारियों ने क्या कहा?
मुख्य जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पहला चरण पूरी तरह मकानों और आवासीय सुविधाओं की गणना पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने कहा कि इस चरण में परिवार के सदस्यों की व्यक्तिगत जानकारी शामिल नहीं होगी। यह जानकारी दूसरे चरण में ली जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार तकनीक आधारित व्यवस्था अपनाने से जनगणना प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
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लोगों से सहयोग की अपील
प्रशासन ने जनता से UP Census 2026 में पूरा सहयोग देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सही जानकारी देने से सरकार को बेहतर योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी। जनगणना के दौरान प्रगणक पहचान पत्र के साथ घरों तक पहुंचेंगे। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि राज्य और देश के विकास के लिए मजबूत डेटा तैयार किया जा सके।
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