Delhi Fire Accident: दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के हुआ भीषण अग्निकांड राजधानी को झकझोर गया। चार मंजिला रिहायशी इमारत में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया और एक ही परिवार समेत 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे की वजह दूसरी मंजिल पर लगे एयर कंडीशनर में ब्लास्ट और शॉर्ट सर्किट हो सकता है। इस Delhi Fire Accident ने एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना सुबह करीब 3:15 बजे बताई जा रही है। उस समय अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते दूसरी मंजिल से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी।
दूसरी मंजिल से शुरू हुई आग, छह फ्लैट चपेट में आए
जानकारी के अनुसार इमारत में कुल आठ फ्लैट बने हुए थे। हर मंजिल पर दो फ्लैट थे और बाहर निकलने के लिए केवल एक संकरी सीढ़ी मौजूद थी। जैसे ही आग फैली, पूरे भवन में धुआं भर गया। बिजली सप्लाई बंद होने के कारण लिफ्ट भी काम करना बंद कर गई। इससे लोग अपने फ्लैट्स में ही फंस गए।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पीछे की तरफ बने फ्लैट सबसे ज्यादा प्रभावित हुए क्योंकि वहां से बाहर निकलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था। कई घरों में इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम लगा हुआ था। बिजली जाने के बाद ये लॉक खुल नहीं पाए और लोग अंदर ही फंस गए। यही वजह रही कि कई परिवार समय रहते बाहर नहीं निकल सके।
इस Delhi Fire Accident में सबसे दर्दनाक बात यह रही कि छत का दरवाजा भी बंद मिला। कई लोग जान बचाने के लिए ऊपर भागे, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण वे सीढ़ियों और कमरों में ही फंस गए। दमकल कर्मियों को कई जगह लोहे की ग्रिल काटकर अंदर पहुंचना पड़ा।
अलग-अलग मंजिलों से मिले शव
राहत और बचाव अभियान के दौरान अलग-अलग फ्लोर से शव बरामद किए गए। एक शव पहली मंजिल से मिला, जबकि पांच शव दूसरी मंजिल से निकाले गए। तीन लोगों के शव तीसरी मंजिल की सीढ़ियों के पास मिले, जहां वे शायद छत की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे।
मृतकों में अरविंद जैन, उनकी पत्नी अनीता जैन, परिवार के सदस्य निशांत जैन, अंचल जैन और आकाश जैन शामिल हैं। पहली मंजिल पर रहने वाली शिखा जैन की भी आग में मौत हो गई। वहीं तीसरी मंजिल पर रहने वाले नितिन जैन, उनकी पत्नी शैले जैन और बेटे सम्यक जैन भी इस हादसे का शिकार हो गए।
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परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक अरविंद जैन पेशे से फाइनेंसर थे जबकि निशांत जैन कंपनी सेक्रेटरी के रूप में काम कर रहे थे। पूरे इलाके में इस हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है। पड़ोसियों का कहना है कि कुछ ही मिनटों में पूरा परिवार खत्म हो गया।
12 लोग गंभीर रूप से घायल
इस Delhi Fire Accident में 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। सभी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ लोगों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीज धुएं की वजह से दम घुटने का शिकार हुए हैं।
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग इतनी भयावह थी कि पूरे भवन का तापमान अचानक बढ़ गया। बचाव कार्य के दौरान दमकल कर्मियों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। धुएं की वजह से विजिबिलिटी लगभग खत्म हो चुकी थी।
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फायर सेफ्टी सिस्टम पर उठे सवाल
इस घटना के बाद इमारत में मौजूद फायर सेफ्टी इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि बिल्डिंग में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण मौजूद नहीं थे। इमरजेंसी एग्जिट की भी कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली समेत देश के कई शहरों में बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी नियमों का पालन केवल कागजों तक सीमित है। इस Delhi Fire Accident ने दिखा दिया कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
फॉरेंसिक टीम और फायर विभाग के अधिकारी अब यह जांच कर रहे हैं कि एसी ब्लास्ट की असली वजह क्या थी। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इमारत निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।
सीएम और नेताओं ने जताया दुख
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों को हर संभव सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जांच तेज करने के निर्देश भी दिए हैं।
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केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने भी घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता था।
बढ़ती गर्मी में बढ़ रहे AC Blast के मामले
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में एयर कंडीशनर पर लगातार बढ़ते लोड की वजह से शॉर्ट सर्किट और AC Blast के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खराब वायरिंग, ओवरलोडेड मीटर और पुराने इलेक्ट्रिकल सिस्टम इस तरह के हादसों को और खतरनाक बना देते हैं।
दिल्ली फायर सर्विस ने लोगों से अपील की है कि समय-समय पर एसी और बिजली के उपकरणों की जांच कराते रहें। साथ ही बहुमंजिला इमारतों में फायर अलार्म, इमरजेंसी एग्जिट और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से होने चाहिए। यह Delhi Fire Accident सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि शहरी सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा चेतावनी संकेत बनकर सामने आया है।
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