Bullet Train Project: देश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल Mumbai Ahmedabad Bullet Train Project ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। गुजरात के भरूच जिले के ट्रालसी गांव के पास भारतीय रेलवे ट्रैक के ऊपर 130 मीटर लंबा विशाल स्टील ब्रिज सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया है। यह उपलब्धि भारत की हाई स्पीड रेल परियोजना के लिए अहम मानी जा रही है।
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) की ओर से तैयार किया जा रहा यह Bullet Train Project देश के परिवहन नेटवर्क को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत पहली बार भारत में जापानी तकनीक की हाई स्पीड ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनकी रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी।
2900 मीट्रिक टन वजनी स्टील स्पैन ने खींचा ध्यान
भरूच में लॉन्च किए गए इस स्टील ब्रिज का 130 मीटर लंबा हिस्सा करीब 2900 मीट्रिक टन वजन का है। इसकी चौड़ाई लगभग 15.5 मीटर और ऊंचाई 18 मीटर बताई जा रही है। इसे विशेष ऑटोमैटिक लॉन्चिंग सिस्टम के जरिए रेलवे ट्रैक के ऊपर स्थापित किया गया।
Bullet Train Project के इस स्टील ब्रिज को जमीन से करीब 14 मीटर ऊंचाई पर अस्थायी संरचना पर तैयार किया गया था। इंजीनियरों की टीम ने कई दिनों तक लगातार काम करके इसे सफलतापूर्वक लॉन्च किया। ब्रिज लॉन्चिंग के दौरान मालगाड़ी ट्रैक पर विशेष ट्रैफिक मैनेजमेंट लागू किया गया ताकि ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित न हो।
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100 साल की उम्र को ध्यान में रखकर तैयार हुआ ब्रिज
इस स्टील ब्रिज को गुजरात के उमरगांव स्थित कार्बन फैक्ट्री में तैयार किया गया है। इंजीनियरों के अनुसार इस ब्रिज की डिजाइनिंग लगभग 100 साल की आयु को ध्यान में रखकर की गई है।
130 मीटर लंबे इस हिस्से में करीब 1.21 लाख हाई स्ट्रेंथ बोल्ट लगाए गए हैं। यही वजह है कि यह संरचना बेहद मजबूत और आधुनिक तकनीक से लैस मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि Bullet Train Project में इस्तेमाल की जा रही तकनीक भविष्य में भारत के अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए भी उदाहरण बनेगी।
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कुल 330 मीटर लंबा होगा पूरा ब्रिज
जानकारी के अनुसार यह पूरा स्टील ब्रिज 330 मीटर लंबा होगा। इसमें 100+130 मीटर का कंटीन्यूअस स्पैन और अलग से 100 मीटर लंबा स्पैन शामिल है। फिलहाल 330 मीटर में से 230 मीटर हिस्से का निर्माण पूरा हो चुका है।
अब शेष 100 मीटर लंबे हिस्से का निर्माण भी जल्द पूरा किया जाएगा। पूरा पुल तैयार होने के बाद इसका कुल वजन करीब 6100 मीट्रिक टन तक पहुंच जाएगा। Bullet Train Project के तहत यह पुल पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के सूरत-वडोदरा सेक्शन में डीएफसीसी ट्रैक को पार करेगा।
गुजरात में तेजी से आगे बढ़ रहा प्रोजेक्ट
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में कुल 28 स्टील ब्रिज बनाए जाने हैं। इनमें से गुजरात में प्रस्तावित 17 ब्रिज में से 14 का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इससे साफ है कि गुजरात में Bullet Train Project तेजी से आगे बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार सूरत से बिलिमोरा के बीच का सेक्शन सबसे पहले तैयार होगा। इसी हिस्से पर बुलेट ट्रेन का ट्रायल रन भी किए जाने की संभावना है। इस रूट पर ट्रैक बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब ओवरहेड सिस्टम, नॉइज बैरियर और अन्य तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं।
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अगले साल शुरू हो सकता है ट्रायल रन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही संकेत दे चुके हैं कि अगले साल 15 अगस्त तक बुलेट ट्रेन के संचालन की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। माना जा रहा है कि उससे पहले गुजरात में ट्रायल रन शुरू किया जाएगा।
Bullet Train Project को भारत की आधुनिक परिवहन व्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। जहां फिलहाल ट्रेन से यात्रा में कई घंटे लगते हैं, वहीं बुलेट ट्रेन के जरिए यह सफर कुछ घंटों में पूरा किया जा सकेगा।
पीएम मोदी भी कर चुके हैं निरीक्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस प्रोजेक्ट के प्रगति कार्यों का निरीक्षण कर चुके हैं। केंद्र सरकार लगातार इस परियोजना को प्राथमिकता दे रही है। माना जा रहा है कि बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा फायदा मिलेगा।
Bullet Train Project केवल तेज यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे भारत की तकनीकी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता के प्रतीक के तौर पर भी देखा जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में जापान की अत्याधुनिक शिंकानसेन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही निर्माण क्षेत्र, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी नई गति मिलेगी।
इसके अलावा Bullet Train Project के आसपास विकसित होने वाले क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। नए स्टेशन, रोड कनेक्टिविटी और शहरी विकास के चलते कई शहरों की तस्वीर बदल सकती है।
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भारत के हाई स्पीड रेल सपने की ओर बड़ा कदम
130 मीटर लंबे स्टील ब्रिज की सफल लॉन्चिंग को भारत के हाई स्पीड रेल मिशन की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह सिर्फ एक पुल नहीं बल्कि देश के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विजन का प्रतीक बन चुका है।
अगर सबकुछ तय समय के अनुसार आगे बढ़ता है तो आने वाले वर्षों में भारत भी उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां हाई स्पीड बुलेट ट्रेन नेटवर्क सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
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