University Admission Scam: Rajarshi Tandon Open University in Prayagraj facing investigation over alleged University Admission Scam involving more than ₹7.37 crore in admission fee discrepancies.
University Admission Scam: प्रयागराज स्थित उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला किसी शैक्षणिक गतिविधि का नहीं बल्कि करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का है। विश्वविद्यालय में वर्ष 2015-16 से 2019-20 के बीच संचालित ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि प्रवेश शुल्क के रूप में विद्यार्थियों से प्राप्त हुई बड़ी धनराशि विश्वविद्यालय के खातों में पूरी तरह जमा नहीं हुई, जिससे संस्थान को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
यह मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन, उससे जुड़े अध्ययन केंद्रों और उच्च शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। शिकायत पहले केंद्रीय जांच एजेंसी तक पहुंची, लेकिन बाद में इसे राज्य सरकार को भेज दिया गया। अब शासन के निर्देश पर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। इस कथित University Admission Scam ने उच्च शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
CBI को भेजी गई शिकायत से खुला मामला
कौशाम्बी जिले के कड़ा अलीपुरजीता निवासी आनंद कुमार ने वर्ष 2025 में एक विस्तृत शिकायत केंद्रीय जांच एजेंसी को भेजी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2015 से 2019 के बीच विश्वविद्यालय में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों से बड़ी संख्या में आवेदन शुल्क और प्रवेश शुल्क लिया गया, लेकिन उसकी पूरी राशि विश्वविद्यालय के अधिकृत खातों में दर्ज नहीं हुई।
शिकायतकर्ता ने उपलब्ध दस्तावेजों और आंकड़ों के आधार पर दावा किया कि प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या और बैंक खातों में जमा राशि के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। इसी आधार पर उन्होंने पूरे मामले को संभावित University Admission Scam बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
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7.37 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी का आरोप
University Admission Scam शिकायत में कहा गया है कि उपलब्ध वित्तीय अभिलेखों की जांच के दौरान कुल ₹7,37,30,757 की राशि का अंतर सामने आया। आरोप है कि विद्यार्थियों से प्राप्त प्रवेश शुल्क और विश्वविद्यालय को वास्तव में प्राप्त होने वाली राशि के बीच यह अंतर कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
दस्तावेजों के अनुसार यह राशि कई वर्षों की प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी हुई बताई जा रही है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में सामने आए बड़े वित्तीय मामलों में शामिल हो सकता है। इसी कारण University Admission Scam शब्द लगातार चर्चा में बना हुआ है।
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कुछ अधिकारियों के नाम भी शिकायत में शामिल
शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों में विश्वविद्यालय के तत्कालीन प्रवेश प्रभारी और वर्तमान परीक्षा नियंत्रक समेत कुछ अन्य संबंधित अधिकारियों के नामों का भी उल्लेख किया है। हालांकि अभी तक किसी अधिकारी की भूमिका आधिकारिक रूप से तय नहीं हुई है और जांच जारी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी फिलहाल किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है। इसके बावजूद कथित University Admission Scam को लेकर विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर चर्चा तेज हो गई है।
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शासन ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
CBI द्वारा शिकायत राज्य सरकार को भेजे जाने के बाद उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। शासन स्तर से विश्वविद्यालय प्रशासन को विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
University Admission Scam में सूत्रों के अनुसार शासन ने प्रवेश प्रक्रिया, बैंकिंग रिकॉर्ड, शुल्क संग्रहण और परीक्षा संचालन से संबंधित कई वर्षों के दस्तावेज तलब किए हैं। जिला प्रशासन को भी प्राथमिक स्तर पर जांच करने के लिए कहा गया है। इस कार्रवाई के बाद University Admission Scam से जुड़े सभी रिकॉर्ड की गहन समीक्षा की जा रही है।
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ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली पर भी उठे सवाल
University Admission Scam की शिकायत में यह भी कहा गया है कि ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू की गई व्यवस्था का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली का उद्देश्य मानव हस्तक्षेप को कम करना था, लेकिन आरोप है कि इसी प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं की संभावना पैदा हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऑनलाइन सिस्टम में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो भविष्य में राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा सकती है। यही कारण है कि University Admission Scam का यह मामला व्यापक महत्व रखता है।
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विश्वविद्यालय और अध्ययन केंद्रों में बढ़ी बेचैनी
जांच शुरू होने के बाद विश्वविद्यालय से जुड़े कई अध्ययन केंद्रों और प्रशासनिक इकाइयों में बेचैनी का माहौल देखा जा रहा है। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच लगातार इस मामले को लेकर चर्चा हो रही है।
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कहा गया है कि संस्थान जांच में पूरा सहयोग करेगा और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित तथ्यों को शासन के समक्ष रखा जाएगा।
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छात्रों और शिक्षा जगत की निगाहें जांच पर
इस पूरे मामले पर छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर बनी हुई है। बड़ी संख्या में छात्र इस विश्वविद्यालय से जुड़े हुए हैं और वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि संस्थान की विश्वसनीयता प्रभावित न हो।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी विश्वविद्यालय की साख उसकी पारदर्शिता और जवाबदेही पर निर्भर करती है। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी होगी, वहीं आरोप गलत साबित होने पर भी स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है।
फिलहाल University Admission Scam से जुड़े इस पूरे मामले की जांच जारी है। शासन द्वारा मांगी गई रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि करोड़ों रुपये के अंतर के पीछे वास्तविक कारण क्या था। तब तक यह मामला प्रदेश के शिक्षा जगत में चर्चा का प्रमुख विषय बना रहेगा।
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