Assam Air Force Plane Crash: Squadron Leader Prashant Singh from Uttarakhand who lost his life in the involving an AN-32 transport aircraft.
Assam Air Force Plane Crash: देश की रक्षा करते हुए एक और वीर जवान ने सर्वोच्च बलिदान दे दिया। Assam Air Force Plane Crash में भारतीय वायु सेना के पांच जवानों के शहीद होने की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दुखद हादसे में उत्तराखंड के देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र निवासी स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह भी शहीद हो गए। जैसे ही उनके बलिदान की सूचना परिवार और क्षेत्रवासियों तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
32 वर्षीय स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह भारतीय वायु सेना के एक समर्पित और साहसी अधिकारी थे। उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष देश सेवा को समर्पित किए और अंतिम समय तक अपने कर्तव्य का निर्वहन करते रहे। Assam Air Force Plane Crash ने न केवल भारतीय वायु सेना को एक बहादुर अधिकारी से वंचित किया, बल्कि एक परिवार का इकलौता बेटा भी उनसे छीन लिया।
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जोरहाट एयरबेस पर हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार 13 जून को असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन के निकट भारतीय वायु सेना का एएन-32 ट्रांसपोर्ट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान लैंडिंग प्रक्रिया के दौरान हादसे का शिकार हो गया। इस दुर्घटना में विमान में सवार पांच जवानों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि एक अधिकारी का उपचार जारी है।
Assam Air Force Plane Crash की खबर सामने आते ही भारतीय वायु सेना ने जांच के आदेश जारी कर दिए। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी भी गठित की गई है। फिलहाल तकनीकी खराबी, मौसम और अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है।
उत्तराखंड के विकासनगर का था वीर सपूत
स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह देहरादून जिले के सेलाकुई क्षेत्र स्थित श्रीरामपुरम कॉलोनी के निवासी थे। वे अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। बचपन से ही अनुशासित और देशभक्ति की भावना से प्रेरित प्रशांत ने सेना में जाकर देश सेवा का सपना देखा था।
परिवार के अनुसार उन्होंने लगभग आठ वर्षों तक भारतीय वायु सेना में अपनी सेवाएं दीं। अपनी मेहनत, लगन और कर्तव्यनिष्ठा के कारण उन्होंने कम समय में ही एक सक्षम अधिकारी के रूप में पहचान बनाई। Assam Air Force Plane Crash में उनके बलिदान की खबर ने विकासनगर सहित पूरे उत्तराखंड को गर्व और दुख दोनों भावनाओं से भर दिया है।
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डेढ़ साल पहले हुई थी शादी, परिवार ने देखे थे सुनहरे सपने
प्रशांत सिंह के जीवन में खुशियों का नया अध्याय अभी हाल ही में शुरू हुआ था। 23 नवंबर 2024 को उनका विवाह हुआ था। परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य को लेकर कई सपने संजोए थे। माता-पिता को उम्मीद थी कि बेटा देश सेवा के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियों को भी आगे बढ़ाएगा।
The Indian Air Force deeply regrets the loss of five personnel in the An-32 accident at Jorhat, Assam.
— Indian Air Force (@IAF_MCC) June 13, 2026
Sqn Ldr Prashant Singh, Flt Lt Shubham Kumar, Sgt Jitendra Sharma, Agniveervayu Khemaram Kumawat and Agniveervayu Danish Alam made the supreme sacrifice in the line of duty.… pic.twitter.com/9SmOjtS5mU
लेकिन Assam Air Force Plane Crash ने अचानक सब कुछ बदल दिया। जिस घर में कुछ समय पहले शादी की खुशियां गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिवार के सदस्य इस दुखद समाचार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
पिता भी सेना से रहे हैं जुड़े
प्रशांत सिंह के पिता उमेश सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने भी वर्षों तक देश की सेवा की है। बेटे को वर्दी में देखकर उन्हें हमेशा गर्व महसूस होता था। अब बेटे की शहादत ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया है।
माता बृजेश देवी गृहिणी हैं और अपने इकलौते बेटे के निधन से पूरी तरह टूट चुकी हैं। परिवार में उनकी एक बड़ी बहन भी हैं, जिनका विवाह हो चुका है। Assam Air Force Plane Crash की खबर मिलने के बाद पूरा परिवार जोरहाट के लिए रवाना हो गया, जहां सैन्य अधिकारियों द्वारा आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
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क्षेत्र में शोक, लोगों ने दी श्रद्धांजलि
स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह की शहादत की खबर फैलते ही विकासनगर और सेलाकुई क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने उनके घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी। कई सामाजिक संगठनों और पूर्व सैनिकों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशांत हमेशा विनम्र और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने अपने व्यवहार और समर्पण से सभी का दिल जीता था। Assam Air Force Plane Crash में उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, नगर पंचायत अध्यक्ष सुमित चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि देश ने एक बहादुर अधिकारी खो दिया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह की सेवा, समर्पण और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार और प्रशासन से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।
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AN-32 विमान क्यों है महत्वपूर्ण?
जिस विमान का हादसा हुआ, वह एएन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट था। भारतीय वायु सेना लंबे समय से इस विमान का उपयोग सैनिकों, रसद सामग्री और आवश्यक उपकरणों के परिवहन के लिए करती रही है। विशेष रूप से पूर्वोत्तर और सीमावर्ती इलाकों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
हालांकि Assam Air Force Plane Crash के बाद विमान की तकनीकी स्थिति और संचालन प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
देश हमेशा याद रखेगा यह बलिदान
Assam Air Force Plane Crash केवल एक विमान दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह उन परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है जिन्होंने अपने प्रियजनों को देश सेवा के लिए समर्पित किया था। स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह का बलिदान राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है।
उनकी शहादत यह याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा में जुटे सैनिक हर दिन जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना करते हैं। उत्तराखंड का यह वीर सपूत भले ही आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की कहानी हमेशा लोगों को प्रेरित करती रहेगी।
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