Kainchi Dham Foundation Day: Devotees gathered at Kainchi Dham during celebrations dedicated to Neem Karoli Baba in Nainital, Uttarakhand.
Kainchi Dham Foundation Day: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम आज Kainchi Dham Foundation Day के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर है। हर वर्ष 15 जून को मनाया जाने वाला यह दिन बाबा नीम करौली महाराज के लाखों भक्तों के लिए किसी पर्व से कम नहीं होता। देश ही नहीं बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत दुनिया के कई देशों से श्रद्धालु इस अवसर पर कैंची धाम पहुंचते हैं और बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
इस वर्ष भी आश्रम परिसर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रशासन और आश्रम समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। Kainchi Dham Foundation Day के अवसर पर विशाल भंडारे, हनुमान चालीसा पाठ, भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है।
1964 में हुई थी कैंची धाम की स्थापना
कैंची धाम का इतिहास आध्यात्मिक ऊर्जा और सेवा भावना से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि बाबा नीम करौली महाराज पहली बार वर्ष 1961 में इस स्थान पर पहुंचे थे। पहाड़ों के बीच स्थित इस शांत और दिव्य स्थल को देखकर उन्होंने यहां आश्रम स्थापित करने का संकल्प लिया।
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इसके बाद अपने भक्त पूर्णानंद जी के सहयोग से 15 जून 1964 को आश्रम की विधिवत स्थापना की गई। तभी से हर साल Kainchi Dham Foundation Day बड़े स्तर पर मनाया जाता है। पिछले छह दशकों में यह आश्रम एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है।
कौन थे नीम करौली बाबा?
नीम करौली बाबा का जन्म उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में हुआ था। उनका वास्तविक नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। बचपन से ही उनका झुकाव आध्यात्मिकता और साधना की ओर था। कम उम्र में उन्होंने सांसारिक मोह-माया से दूरी बनाकर ईश्वर भक्ति और मानव सेवा को अपना जीवन समर्पित कर दिया।
बाबा ने अपने जीवनकाल में प्रेम, सेवा, करुणा और निस्वार्थ भाव का संदेश दिया। उनके अनुयायी उन्हें भगवान हनुमान का स्वरूप मानते हैं। यही कारण है कि Kainchi Dham Foundation Day केवल एक स्थापना दिवस नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का उत्सव बन चुका है।
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देश-विदेश में फैली बाबा की ख्याति
नीम करौली बाबा की लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं रही। दुनिया के कई प्रसिद्ध व्यक्तित्व उनके भक्त रहे हैं। एप्पल के सह-संस्थापक Steve Jobs, लेखक Ram Dass और Mark Zuckerberg जैसे नाम भी बाबा की शिक्षाओं से प्रभावित रहे हैं।
कहा जाता है कि स्टीव जॉब्स अपने जीवन के कठिन दौर में भारत आए थे और कैंची धाम पहुंचे थे। बाद में मार्क जुकरबर्ग ने भी यहां आकर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया। इससे Kainchi Dham Foundation Day की वैश्विक पहचान और भी मजबूत हुई है।
भंडारे की अनोखी परंपरा और आस्था
कैंची धाम के स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाला भंडारा पूरे देश में प्रसिद्ध है। लाखों श्रद्धालु यहां प्रसाद ग्रहण करते हैं। भक्तों का विश्वास है कि बाबा की कृपा से यहां कभी प्रसाद की कमी नहीं होती।
विशेष रूप से मालपुआ प्रसाद को बेहद पवित्र माना जाता है। Kainchi Dham Foundation Day पर आने वाले श्रद्धालु इसे बाबा का आशीर्वाद समझकर ग्रहण करते हैं। आश्रम प्रबंधन के अनुसार हर वर्ष लाखों लोगों को प्रसाद वितरित किया जाता है।
जब पानी घी में बदल गया: सबसे चर्चित चमत्कार
नीम करौली बाबा से जुड़ी अनेक कथाएं और चमत्कार आज भी भक्तों के बीच चर्चित हैं। इनमें सबसे प्रसिद्ध घटना भंडारे के दौरान घी खत्म हो जाने की बताई जाती है।
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कहा जाता है कि एक बार विशाल भंडारे में प्रसाद बनाने के लिए पर्याप्त घी उपलब्ध नहीं था। जब सेवादार चिंतित होकर बाबा के पास पहुंचे तो उन्होंने पास की नदी से पानी लाने को कहा। श्रद्धा के साथ लाया गया पानी कड़ाही में डालते ही घी जैसा हो गया और पूरे भंडारे का कार्य संपन्न हुआ। यह घटना आज भी Kainchi Dham Foundation Day के अवसर पर भक्तों के बीच चर्चा का विषय रहती है।
ट्रेन वाला चमत्कार जिसने बदल दिया नाम
नीम करौली बाबा के नाम के पीछे भी एक रोचक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि एक बार बाबा बिना टिकट ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। टिकट निरीक्षक ने उन्हें ट्रेन से उतार दिया।
बाबा शांत भाव से स्टेशन के पास बैठ गए। इसके बाद ट्रेन लाख कोशिशों के बावजूद आगे नहीं बढ़ सकी। रेलवे अधिकारियों ने जब बाबा से क्षमा मांगकर उन्हें वापस ट्रेन में बैठाया तो ट्रेन तुरंत चल पड़ी।
इस घटना के बाद जिस स्टेशन के पास यह घटना हुई, उसके नाम पर उन्हें “नीम करौली बाबा” कहा जाने लगा। आज भी Kainchi Dham Foundation Day पर श्रद्धालु इस कथा को श्रद्धा के साथ याद करते हैं।
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सेवा और प्रेम का संदेश
बाबा नीम करौली महाराज ने कभी बड़े प्रवचन नहीं दिए। उनका पूरा जीवन ही एक संदेश था। वे कहते थे कि ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग सेवा, प्रेम और करुणा है। उन्होंने लोगों को जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने की प्रेरणा दी।
यही कारण है कि आज भी लाखों लोग उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रयास करते हैं। Kainchi Dham Foundation Day के अवसर पर भी श्रद्धालु सेवा कार्यों, भंडारों और सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
आस्था का वैश्विक केंद्र बन चुका है कैंची धाम
पिछले छह दशकों में कैंची धाम केवल एक आश्रम नहीं बल्कि वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि बाबा आज भी अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं और उन्हें सही मार्ग दिखाते हैं।
Kainchi Dham Foundation Day के अवसर पर उमड़ने वाली भीड़ इस बात का प्रमाण है कि समय बदलने के बावजूद बाबा नीम करौली महाराज के प्रति लोगों की श्रद्धा और विश्वास लगातार बढ़ रहा है। उनकी शिक्षाएं आज भी लाखों लोगों को सकारात्मक जीवन, सेवा और आध्यात्मिकता की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं।
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