Parimal Nathwani Rajya Sabha Victory: Parimal Nathwani celebrating his Rajya Sabha election victory from Jharkhand after the 2026 Rajya Sabha polls amid cross-voting debate.
Parimal Nathwani Rajya Sabha Victory: झारखंड की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) समर्थित उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज की, जबकि दूसरी सीट पर एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने शानदार सफलता हासिल की। नाथवानी को 28 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20 वोट प्राप्त हुए। चुनाव परिणाम आने के बाद क्रॉस-वोटिंग और इंडिया गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं।
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चौथी बार राज्यसभा पहुंचेंगे नाथवानी
Parimal Nathwani Rajya Sabha Victory के साथ वह चौथी बार उच्च सदन के सदस्य बनेंगे। परिणाम घोषित होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्यसभा सदस्य के रूप में चौथे कार्यकाल का अवसर मिलना उनके लिए भावुक क्षण है। उन्होंने कहा कि झारखंड उनकी संसदीय यात्रा की कर्मभूमि रहा है और यहां से फिर से चुना जाना गर्व की बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व का धन्यवाद भी किया।
क्रॉस-वोटिंग के आरोपों से बढ़ी राजनीतिक हलचल
Parimal Nathwani Rajya Sabha Victory के बाद कांग्रेस ने चुनाव परिणाम पर सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना है कि उसके सभी 16 वोट सुरक्षित रहे और झारखंड मुक्ति मोर्चा के चार वोट भी उम्मीदवार प्रणव झा को मिले। पार्टी नेताओं ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और सीपीआई (एमएल) के कुछ विधायकों पर समर्थन नहीं देने का आरोप लगाया। हालांकि इन आरोपों का संबंधित नेताओं ने खंडन किया और कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक रणनीति की कमियों को छिपाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल आरोप और प्रत्यारोप के बीच यह चुनाव राजनीतिक विश्लेषण का विषय बना हुआ है।
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व्यापार जगत से राजनीति तक का सफर
Parimal Nathwani Rajya Sabha Victory ने एक बार फिर उनके लंबे सार्वजनिक जीवन को चर्चा में ला दिया है। 70 वर्षीय परिमल नाथवानी का जन्म गुजरात में हुआ और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत व्यवसाय से की। शुरुआती दौर में उन्होंने कोल्ड ड्रिंक और साबुन निर्माण से जुड़े कारोबार किए। बाद में उन्होंने गुजरात के वडोदरा क्षेत्र में कई पीसीओ भी संचालित किए। कारोबार के दौरान उन्हें आर्थिक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने प्रयास जारी रखे।
धीरूभाई अंबानी से मुलाकात बनी टर्निंग पॉइंट
Parimal Nathwani Rajya Sabha Victory की कहानी में वर्ष 1997 का विशेष महत्व माना जाता है। इसी दौरान उनकी मुलाकात रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक धीरूभाई अंबानी से हुई। इसके बाद जामनगर रिफाइनरी परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह परियोजना आगे चलकर दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी परिसंपत्तियों में शामिल हुई। रिलायंस समूह के साथ जुड़ने के बाद उनका प्रभाव लगातार बढ़ता गया और वे कॉर्पोरेट मामलों के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।
रिलायंस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
Parimal Nathwani Rajya Sabha Victory के पीछे उनकी कॉर्पोरेट पहचान भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। वर्तमान में वह रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में कॉर्पोरेट अफेयर्स के निदेशक हैं। इसके अलावा उन्होंने उद्योग, खेल और सामाजिक क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। वे गुजरात फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं और नाथद्वारा मंदिर बोर्ड से भी जुड़े रहे हैं। कॉर्पोरेट मामलों और जनसंपर्क में उनकी विशेषज्ञता को व्यापक रूप से पहचाना जाता है।
पहले भी मिल चुका है झारखंड का समर्थन
Parimal Nathwani Rajya Sabha Victory कोई पहली राजनीतिक सफलता नहीं है। वह पहली बार वर्ष 2008 में झारखंड से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा पहुंचे थे। इसके बाद 2014 में भी उन्हें झारखंड से ही दूसरा कार्यकाल मिला। तीसरे कार्यकाल में वे आंध्र प्रदेश से वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के समर्थन से राज्यसभा सदस्य बने। अब चौथी बार उनकी वापसी झारखंड से हुई है, जिसने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है।
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राजनीतिक संदेश क्या है?
Parimal Nathwani Rajya Sabha Victory को राजनीतिक विश्लेषक केवल एक चुनावी जीत के रूप में नहीं देख रहे हैं। कई जानकारों का मानना है कि यह परिणाम झारखंड में विपक्षी एकजुटता और गठबंधन प्रबंधन पर नए सवाल खड़े करता है। वहीं दूसरी ओर एनडीए खेमे के लिए यह परिणाम एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि चुनाव परिणामों के राजनीतिक प्रभाव का वास्तविक आकलन आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
आगे की प्राथमिकताएं
Parimal Nathwani Rajya Sabha Victory के बाद नाथवानी ने कहा है कि वह झारखंड के विकास, उद्योग, निवेश और जनहित से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रभावी ढंग से उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने राज्य के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
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