Delhi Electric Bus Expansion: New electric buses added to Delhi’s public transport fleet during the Delhi Electric Bus Expansion program alongside announcements for modern bus depots and a high-security jail project in Narela.
Delhi Electric Bus Expansion: दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार का दिन महत्वपूर्ण साबित हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के बेड़े में शामिल 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इसी कार्यक्रम के दौरान राजधानी में अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो, ऑटोमेटेड वाहन फिटनेस परीक्षण केंद्र और नरेला में बनने वाली हाई सिक्योरिटी जेल की भी शुरुआत की गई।
राजधानी में शुरू हुई यह Delhi Electric Bus Expansion पहल न केवल सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाएगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण, यात्री सुरक्षा और टिकाऊ शहरी विकास के लक्ष्यों को भी गति देगी। दिल्ली सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में राजधानी का परिवहन नेटवर्क देश के सबसे आधुनिक सार्वजनिक परिवहन मॉडल के रूप में विकसित होगा।
300 नई इलेक्ट्रिक बसों से बढ़ी परिवहन क्षमता
नई शामिल की गई 300 बसों में 195 नौ मीटर लंबी ‘देवी’ श्रेणी की इलेक्ट्रिक बसें और 105 बारह मीटर लंबी आधुनिक बसें शामिल हैं। इन बसों को विशेष रूप से शहरी यातायात और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
Delhi Electric Bus Expansion के तहत शामिल की गई सभी बसें लो-फ्लोर और एयर-कंडीशंड हैं। इनमें महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। बसों में अत्याधुनिक सुरक्षा तंत्र लगाया गया है, जिससे सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुरक्षित बनाने का प्रयास किया गया है।
इन बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, रियल टाइम जीपीएस ट्रैकिंग, डिजिटल सूचना प्रणाली और स्मार्ट मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
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दिल्ली के बस बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ी
नई बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन बेड़े का आकार लगभग 6,600 बसों तक पहुंच गया है। इनमें बड़ी संख्या इलेक्ट्रिक बसों की है, जो राजधानी को हरित परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाने का संकेत देती है।
सरकार के अनुसार Delhi Electric Bus Expansion योजना के तहत वर्ष 2028-29 तक लगभग 14,000 बसों का आधुनिक बेड़ा तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य में इलेक्ट्रिक बसों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ाने की योजना है ताकि वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।
आधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो का हुआ उद्घाटन
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को प्रभावी बनाने के लिए राजधानी में कई नए बस डिपो भी विकसित किए गए हैं। नरेला सेक्टर ए-1 और ए-4, रिठाला तथा कोहाट एन्क्लेव में बनाए गए आधुनिक डिपो अब परिचालन के लिए तैयार हैं।
Delhi Electric Bus Expansion की सफलता के लिए इन डिपो की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नरेला के दोनों डिपो में कुल 250 इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग और रखरखाव की क्षमता विकसित की गई है। यहां बसों के संचालन, चार्जिंग और तकनीकी रखरखाव के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
कोहाट एन्क्लेव डिपो विशेष रूप से फीडर और लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, जबकि रिठाला डिपो इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को अधिक व्यवस्थित और कुशल बनाने में मदद करेगा।
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नंद नगरी में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान राजधानी में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नंद नगरी में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का भी उद्घाटन किया गया।
यह केंद्र भारी, हल्के और दोपहिया वाहनों की पूरी तरह स्वचालित फिटनेस जांच करेगा। यहां वाहन परीक्षण की प्रक्रिया तकनीक आधारित होगी, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
ब्रेक, सस्पेंशन, उत्सर्जन स्तर, हेडलाइट अलाइनमेंट और अन्य तकनीकी मानकों की जांच आधुनिक मशीनों के माध्यम से की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे सड़क सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जा सकेगा।
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नरेला में बनेगी हाई सिक्योरिटी जेल
परिवहन परियोजनाओं के साथ-साथ राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कार्यक्रम में नरेला स्थित अत्याधुनिक हाई सिक्योरिटी जेल का ई-शिलान्यास भी किया गया।
यह परियोजना देश की सबसे आधुनिक जेल व्यवस्थाओं में से एक मानी जा रही है। प्रस्तावित जेल में 250 से अधिक कैदियों को रखने की क्षमता होगी और इसका निर्माण वैश्विक सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार यह जेल पारंपरिक जेलों से पूरी तरह अलग होगी और तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली पर आधारित होगी।
AI आधारित सुरक्षा व्यवस्था होगी खास
नरेला की प्रस्तावित हाई सिक्योरिटी जेल में सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। यहां AI आधारित सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक एक्सेस कंट्रोल, ऑटोमेटेड लॉकिंग सिस्टम, फुल बॉडी स्कैनर और मोबाइल सिग्नल जैमर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
जेल परिसर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, इन-हाउस कोर्ट कॉम्प्लेक्स और उन्नत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक कैदी के लिए अलग सेल की व्यवस्था होगी ताकि सुरक्षा जोखिमों और आपसी संपर्क को न्यूनतम किया जा सके। सरकार का मानना है कि यह परियोजना जेल प्रबंधन के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगी।
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हरित परिवहन और आधुनिक सुरक्षा की ओर बढ़ती दिल्ली
दिल्ली में एक साथ परिवहन और सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत यह संकेत देती है कि राजधानी को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की कोशिश तेज हो चुकी है।
Delhi Electric Bus Expansion केवल नई बसों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ ऊर्जा, बेहतर सार्वजनिक परिवहन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण संरक्षण की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। वहीं नरेला हाई सिक्योरिटी जेल और आधुनिक परीक्षण केंद्र जैसी परियोजनाएं सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता को नई दिशा देने का प्रयास हैं।
आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं का प्रभाव दिल्ली की परिवहन व्यवस्था, पर्यावरणीय स्थिति और सार्वजनिक सुरक्षा पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।
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