लद्दाख के ऊंचे पहाड़ों पर उगने वाले नारंगी रंग के फल सी बकथॉर्न को लेह बेरी भी कहा जाता है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे 'लद्दाख का सोना' बताया है। इसे साल 2023 में जीआई टैग मिला था।
सी बकथॉर्न अपने खट्टे स्वाद और पोषक तत्वों के लिए जाना जाता है।
इसमें विटामिन सी, विटामिन ई, बी-विटामिन और कैरोटीनॉयड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।
इसके बीज और गूदे से निकलने वाले तेल में ओमेगा-3, 6, 7 और 9 फैटी एसिड होते हैं।
यह पौधा लद्दाख की नुब्रा वैली जैसे ठंडे और कम बारिश वाले इलाकों में भी उगता है।
इसके खट्टेपन को संतुलित करने के लिए जूस, सिरप, कंसन्ट्रेट और जैम बनाया जाता है। इसकी पत्तियों से हर्बल चाय भी तैयार होती है।
सी बकथॉर्न के तेल का इस्तेमाल स्किन केयर उत्पादों और कुछ दवाओं में भी किया जाता है।