Ayodhya Ram Mandir: श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच गया है। Ayodhya Ram Mandir में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब भक्तों के मन में यह सवाल था कि उस पुराने अस्थायी स्थल का क्या होगा, जहाँ प्रभु वर्षो तक विराजमान रहे। Ayodhya Ram Mandir निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने इस पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि उस पवित्र स्थान को एक ‘स्मृति स्मारक’ के रूप में संरक्षित किया जा रहा है।
पुराना स्थल बनेगा स्मृति स्मारक
नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, वह स्थान जहाँ भव्य Ayodhya Ram Mandir बनने से पहले रामलला विराजमान थे, उसे एक यादगार स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को उस संघर्ष और धैर्य की याद दिलाएगा जो मंदिर निर्माण के संकल्प से जुड़ा रहा है। इस परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है और उम्मीद है कि मार्च के अंत तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
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IIT मद्रास तैयार कर रहा है आधुनिक हनुमान गैलरी
Ayodhya Ram Mandir परिसर के भीतर बन रहा भव्य म्यूजियम (संग्रहालय) वर्तमान में निर्माण समिति के लिए सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती है। इस संग्रहालय में कुल 20 गैलरी होंगी, जिनमें रामायण काल, मंदिर आंदोलन के इतिहास और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।
इस म्यूजियम का सबसे खास हिस्सा हनुमान गैलरी होगी, जिसे IIT मद्रास के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। यह गैलरी 30 सितंबर तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है। यहाँ भक्तों को 3-डी तकनीक के माध्यम से 12 मिनट का एक विशेष शो दिखाया जाएगा, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर भगवान हनुमान के चरित्र को जीवंत किया जाएगा।
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भक्तों के लिए पास सिस्टम और प्रवेश व्यवस्था
Ayodhya Ram Mandir समिति ने निर्णय लिया है कि सितंबर के बाद आम श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से म्यूजियम और निर्माणाधीन स्थलों के भ्रमण की अनुमति दी जाएगी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ हुई चर्चा के बाद यह तय किया गया है कि राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे के बाद रोजाना लगभग 1,000 से 1,500 भक्तों को विशेष पास के जरिए परिसर के इन विशेष हिस्सों को देखने की अनुमति मिलेगी।

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राम कथा संग्रहालय की कुछ तकनीकी दीर्घाओं (गैलरी) में प्रवेश को नियंत्रित रखा जाएगा। इसके लिए भविष्य में पास या टिकट की व्यवस्था भी लागू की जा सकती है, हालांकि शुल्क को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
परकोटा और बुनियादी ढांचा विकास
Ayodhya Ram Mandir की सुरक्षा दीवार यानी ‘परकोटा’ के निर्माण को लेकर नृपेंद्र मिश्र ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में किसी बड़े अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की योजना नहीं है। ट्रस्ट के पास उपलब्ध जमीन पर ही निर्माण सुचारू रूप से चल रहा है। हालांकि, बिजली, पानी और सीवर जैसी उपयोगिताओं को बिना हटाए परकोटे का काम आसान करने के लिए पास के अरबिंदो आश्रम से लगभग 300 वर्ग मीटर की एक छोटी पट्टी (100 मीटर लंबी और 3 मीटर चौड़ी) के उपयोग का अनुरोध किया गया है।
राम नवमी और सूर्य तिलक की तैयारी
आगामी राम नवमी के अवसर पर भगवान रामलला के ‘सूर्य तिलक’ की तैयारियां भी जोरों पर हैं। इसके साथ ही राष्ट्रपति के प्रस्तावित चार घंटे के दौरे के लिए ट्रस्ट और जिला प्रशासन सुरक्षा व स्वागत की रूपरेखा को अंतिम रूप दे रहे हैं। निर्माण समिति का लक्ष्य है कि तय समय सीमा के भीतर सभी सांस्कृतिक और धार्मिक परियोजनाओं को धरातल पर उतार दिया जाए।
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