Mauni Amavasya Holy Bath at Triveni Sangam: मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर सनातन संस्कृति की तपोभूमि प्रयागराज में आस्था का ऐसा महासंगम देखने को मिला, जिसने भारतीय संस्कृति की शाश्वत परंपरा को एक बार फिर जीवंत कर दिया। पावन त्रिवेणी संगम में आज 4.52 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान कर धर्म, साधना और संस्कृति के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर उमड़ा यह जनसैलाब भारत की आध्यात्मिक चेतना की विराटता का साक्षी बना।
सनातन आस्था का पावन पर्व, मौनी अमावस्या का महत्व
मौनी अमावस्या को सनातन परंपरा में विशेष पुण्यदायी माना गया है। इस दिन मौन, संयम और आत्मचिंतन के साथ गंगा स्नान का विधान है। शास्त्रों के अनुसार मौनी अमावस्या पर किया गया स्नान जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति और मोक्ष की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। इसी आध्यात्मिक विश्वास के चलते देश-विदेश से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे और त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

ALSO READ: सनातन प्रीमियर लीग 2026 का सनातनी संकल्प, हर रन बने सेवा का संगम
4.52 करोड़ श्रद्धालुओं की सहभागिता, एक ऐतिहासिक क्षण
इस पावन अवसर पर संगम तट पर श्रद्धालुओं की संख्या ने नए कीर्तिमान स्थापित किए। कल्पवासी साधक, नागा साधु, अखाड़ों से जुड़े संत-महात्मा, धर्माचार्य, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी ने एक साथ संगम में स्नान कर सनातन संस्कृति की सामूहिक शक्ति का दर्शन कराया। हर हर गंगे और हर हर महादेव के जयघोष से पूरा प्रयागराज गूंज उठा, मानो आस्था स्वयं साकार हो उठी हो।
साधु संतों और कल्पवासियों का आध्यात्मिक समागम
मौनी अमावस्या के स्नान पर्व में साधु-संतों की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। अखाड़ों से निकले संतों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संगम में स्नान किया। वहीं कल्पवास के लिए पधारे साधकों ने तप, साधना और संयम का संदेश दिया। यह दृश्य न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, जिसने नई पीढ़ी को सनातन मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया।
सुव्यवस्थित आयोजन, प्रशासन और सेवाभाव की मिसाल
इतने विशाल आयोजन को शांतिपूर्ण और सफल बनाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। पुलिस प्रशासन, मेला प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों ने आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संभाला। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और चिकित्सा सेवाओं की व्यापक व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालु निर्भय होकर स्नान कर सके।
स्वच्छता सेवक, स्वयंसेवक और नाविक बंधुओं का योगदान
इस ऐतिहासिक स्नान पर्व को सफल बनाने में स्वच्छता सेवकों, स्वयंसेवी संगठनों और नाविक बंधुओं की भूमिका भी सराहनीय रही। संगम क्षेत्र की निरंतर सफाई, श्रद्धालुओं की सहायता और सुरक्षित नौका संचालन ने आयोजन को अनुशासित और गरिमामय बनाए रखा। इन सभी सेवाभावी कर्मियों का योगदान वास्तव में अभिनंदन योग्य है।
ALSO READ: मकर संक्रांति पर पुरी के जगन्नाथ मंदिर पहुंचीं शिल्पा शेट्टी, साझा किया आध्यात्मिक अनुभव
भारतीय संस्कृति का जीवंत स्वरूप
मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय संस्कृति आज भी अपनी जड़ों से मजबूती से जुड़ी हुई है। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक निरंतरता और आध्यात्मिक चेतना का उत्सव है। विविध प्रांतों से आए श्रद्धालु एक सूत्र में बंधकर ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को साकार करते नजर आए।
वैश्विक दृष्टि से भारत की आध्यात्मिक पहचान
इस प्रकार के विशाल धार्मिक आयोजन न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर भी भारतीय संस्कृति की पहचान को सुदृढ़ करते हैं। मौनी अमावस्या का यह पावन स्नान पर्व भारत की उस आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है, जो सदियों से मानवता को शांति, संयम और सद्भाव का संदेश देती आई है।
ALSO READ: ‘अपनों को बचाना नफरत नहीं’ बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर देवकीनंदन ठाकुर का तीखा प्रहार
आस्था, अनुशासन और समर्पण का अद्भुत संगम
मौनी अमावस्या के इस पावन अवसर पर तीर्थराज प्रयाग में जो दृश्य सामने आया, वह आस्था, अनुशासन और समर्पण का अद्भुत संगम था। संगम में स्नान करने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और कल्पवासियों का यह समागम सनातन संस्कृति की अमरता का प्रतीक बन गया।
ALSO READ: अमित शाह ने जगन्नाथ मंदिर में पूजा, गुरुद्वारे में मत्था टेका, पतंग महोत्सव में हुए शामिल
सनातन परंपरा को नमन
मौनी अमावस्या का यह महापर्व एक बार फिर यह संदेश देता है कि भारत की आत्मा उसकी सनातन परंपराओं में बसती है। त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं ने न केवल पुण्य अर्जित किया, बल्कि भारतीय संस्कृति की शाश्वत परंपरा को नमन भी किया। इस पावन स्नान पर्व के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी सहभागी संस्थाओं और सेवाभावी कर्मियों को कोटिश, साधुवाद।
Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
