LPG Price Hike: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब भारतीय घरों की रसोई तक पहुंचने लगा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत में 33 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन वैश्विक ऊर्जा बाजार में होने वाले बदलावों के प्रति संवेदनशील हो गए हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि होती है तो इसका सीधा असर देश के करोड़ों परिवारों के मासिक खर्च और रसोई के बजट (LPG Price Hike) पर पड़ सकता है।
आंकड़ों के अनुसार, Petroleum Planning and Analysis Cell (PPAC) की रिपोर्ट बताती है कि 1 अक्टूबर 2025 तक भारत में कुल 33.06 करोड़ सक्रिय एलपीजी कनेक्शन मौजूद हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश की बड़ी आबादी खाना पकाने के लिए एलपीजी पर निर्भर है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में होने वाले बदलाव सीधे घरेलू जीवन को प्रभावित कर सकते हैं।
राज्यों में एलपीजी कनेक्शन की संख्या
PPAC के आंकड़ों के अनुसार एलपीजी कनेक्शन के मामले में उत्तर प्रदेश देश में सबसे आगे है, जहां लगभग 4.85 करोड़ कनेक्शन हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में करीब 3.18 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दर्ज किए गए हैं।
अन्य बड़े राज्यों में भी एलपीजी का उपयोग तेजी से बढ़ा है। पश्चिम बंगाल में लगभग 2.72 करोड़, बिहार में करीब 2.30 करोड़, जबकि दक्षिण भारत में तमिलनाडु लगभग 2.38 करोड़ कनेक्शन के साथ अग्रणी राज्यों में शामिल है।
LPG Price Hike को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि जिन राज्यों में एलपीजी कनेक्शन की संख्या अधिक है, वहां वैश्विक ऊर्जा कीमतों में होने वाले बदलाव का असर भी ज्यादा दिखाई देता है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में थोड़ी भी वृद्धि होती है तो इसका असर सीधे लाखों परिवारों के खर्च पर पड़ सकता है।
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आयात पर निर्भरता बड़ी चुनौती
LPG Price Hike के चलते भारत में एलपीजी की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसकी आपूर्ति का बड़ा हिस्सा अभी भी आयात पर निर्भर है। अनुमान के अनुसार देश अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करता है।
यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली भू-राजनीतिक घटनाएं भारत में गैस सिलेंडर की कीमतों को प्रभावित कर देती हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, समुद्री व्यापार मार्गों में बाधा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट जैसे कारक घरेलू ऊर्जा बाजार को प्रभावित करते हैं।
मार्च 2026 के दौरान भी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बढ़ते दबाव के कारण गैस और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता देखी गई, जिसका असर घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों पर भी पड़ा है। (LPG Price Hike)

उज्ज्वला योजना से बढ़ी गैस की पहुंच
भारत में एलपीजी के उपयोग को बढ़ाने में Pradhan Mantri Ujjwala Yojana की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस योजना के तहत अब तक 10.33 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।
इस पहल से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पारंपरिक ईंधन जैसे लकड़ी और कोयले से राहत मिली है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें बढ़ती हैं और सब्सिडी का दबाव बढ़ता है, तो गरीब परिवारों के लिए गैस सिलेंडर की रिफिल कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
आंकड़ों के मुताबिक एक औसत भारतीय परिवार अब अपने मासिक बजट का लगभग 7.5 से 10 प्रतिशत हिस्सा ईंधन और ऊर्जा पर खर्च करता है। ऐसे में गैस सिलेंडर की कीमतों में थोड़ी भी बढ़ोतरी घरेलू खर्च को प्रभावित कर सकती है।
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वैश्विक ऊर्जा संकट का बढ़ता प्रभाव (LPG Price Hike)
दुनिया भर में ऊर्जा बाजार इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा आपूर्ति में कमी और मांग में वृद्धि जैसे कारणों से ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है।
LPG Price Hike को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता है तो भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों को अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसका असर केवल गैस सिलेंडर ही नहीं बल्कि पेट्रोल और डीजल जैसी ऊर्जा वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
सरकार की तैयारी और राहत के उपाय
स्थिति को देखते हुए Ministry of Petroleum and Natural Gas ने कई कदम उठाए हैं। मंत्रालय ने देश की रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करें ताकि घरेलू बाजार में गैस की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।
सरकार के अनुसार इन प्रयासों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अधिकतम उत्पादन घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचे।
सरकार का कहना है कि देश में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को घबराकर खरीदारी करने की जरूरत नहीं है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए।
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रसोई के बजट पर बढ़ती चिंता (LPG Price Hike)
LPG Price Hike के चलते विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी जारी रहती है तो इसका असर भारतीय परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ सकता है।
हालांकि सरकार का दावा है कि आपूर्ति बनाए रखने और कीमतों के असर को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। फिर भी 33 करोड़ से अधिक एलपीजी (LPG Price Hike)उपभोक्ताओं के लिए यह मुद्दा आने वाले समय में बेहद महत्वपूर्ण बना रहेगा।
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