Gold $5,000 forecast 2026: वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में तेज़ उतार-चढ़ाव के बीच सोना एक बार फिर सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Asset) के रूप में चमकता दिखाई दे रहा है। Bank of America (BofA) की नवीनतम रिपोर्ट में 2026 के लिए सोने का औसत मूल्य $4,538 प्रति औंस रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि समानांतर परिस्थितियों में यह $5,000 प्रति औंस तक जा सकता है। जो इतिहास में अभूतपूर्व स्तर माना जाएगा।
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ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद ने दी तेज़ी
मंगलवार को वैश्विक सोना बाज़ार ने बढ़त दर्ज की, जब न्यूयॉर्क फेडरल रिज़र्व के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने संकेत दिया कि ब्याज दरों में कटौती मुद्रास्फीति के खिलाफ फेड की लड़ाई को नुकसान नहीं पहुंचाएगी। इसी बयान के बाद बाज़ारों में यह संभवना तेज़ हुई कि दिसंबर में फेड दरों में कटौती कर सकता है। CME FedWatch Tool के अनुसार, दिसंबर में दरों में कटौती की संभावना 40% से सीधे 81% पर पहुंच गई। जब ब्याज दरें गिरती हैं, तो बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने का आकर्षण बढ़ जाता है।
भारतीय बाज़ार में सोने का नया रिकॉर्ड
सोने ने घरेलू बाज़ार में भी मजबूती दिखाई। 24 कैरेट सोने का 10 ग्राम मूल्य ₹1,25,342 रहा, जो पिछले दिन ₹1,23,308 था — यानी लगभग ₹2,034 की उछाल। IBJA के अनुसार यह उछाल वैश्विक संकेतकों के अनुरूप है। वहीं MCX पर दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स 1% बढ़कर ₹1,25,106 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हुए। सिल्वर भी पीछे नहीं रही दिसंबर अनुबंध 1.34% बढ़कर ₹1,56,551 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए।
BofA की रिपोर्ट में चार मुख्य कारण
BofA का मानना है कि सोने की कीमतों को अगले वर्ष और 2026 में ऊपर धकेलने वाले चार मुख्य मैक्रो फैक्टर हैं:
सरकारों का बढ़ता कर्ज स्तर (Elevated Government Debt) – अमेरिका, जापान और यूरोप के देशों का सार्वजनिक कर्ज ऐतिहासिक स्तर पर है।
लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति (Stubborn Inflation) – मुद्रास्फीति कम होने के बावजूद कीमतों का दबाव कायम है।
ब्याज दरों का संभावित नीचे जाना (Lower Interest Rates) – इससे सोने को यील्ड-लेस एसेट होने का लाभ मिलता है।
अमेरिकी आर्थिक नीतियों में असामान्य रुझान (Unconventional US Policies) – यह सोने को सुरक्षित निवेश बनाता है।
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चीन की मांग और आपूर्ति संकट भी प्रमुख कारक
रिपोर्ट इस बात का भी उल्लेख करती है कि, चीन में सोने की मांग धीमी पड़ सकती है। प्रमुख माइनिंग देशों में सोना निकालने की क्षमता घट रही है। वैश्विक गोल्ड इन्वेंटरी कम है इन तत्वों के सम्मिलित प्रभाव से सोने में लॉन्ग-टर्म बुलिश ट्रेंड जारी रहने की संभावना है।
जोखिम यदि फेड ‘हॉकिश’ हो गया तो?
BofA ने चेतावनी दी है कि यदि फेडरल रिज़र्व ने अचानक सख्त रुख अपनाते हुए ब्याज दरों में कटौती को रोका, या बढ़ोतरी का संकेत दिया, तो सोने की रैली प्रभावित हो सकती है।
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निवेशकों के लिए संकेत
दीर्घकालिक निवेशकों के लिए, सोना 2025–2026 में लाभदायक एसेट रह सकता है। अल्पकालिक ट्रेडर्स के लिए, फेड संकेतों, डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड्स पर करीबी नजर रखना ज़रूरी। रिटेल इंडियंस के लिए, शादी–सीज़न, सोना खरीद पर GST व मेकिंग चार्ज का असर पहले जैसा रहेगा, लेकिन दीर्घकालिक ट्रेंड पॉज़िटिव।
फिलहाल वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोना एक बार फिर भरोसे की मुद्रा साबित हो रहा है। BofA और अन्य वित्तीय विश्लेषक संकेत दे रहे हैं कि आने वाले 12–24 महीनों में सोना एक ऐतिहासिक रैली दर्ज कर सकता है, बशर्ते ब्याज दरों में नरमी और सरकारी कर्ज का दबाव जारी रहे।
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