India Oman CEPA: भारत और ओमान के बीच India Oman CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement) को लेकर बढ़ती बातचीत और रणनीतिक सहमति दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाली है। यह समझौता केवल व्यापार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे भारत के निर्यात, ऊर्जा सुरक्षा और निवेश अवसरों को भी मजबूत आधार मिलने वाला है। पश्चिम एशिया में ओमान की भौगोलिक स्थिति और स्थिर राजनीतिक वातावरण भारत के लिए एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार के रूप में उसे खास बनाता है, जबकि भारत ओमान के लिए एक विशाल बाजार और तकनीकी क्षमता वाला देश है।
READ MORE: नितिन नबीन के पटना आगमन पर जोरदार स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
India Oman CEPA के तहत टैरिफ में कमी, नॉन-टैरिफ बैरियर्स को आसान बनाने और कस्टम्स प्रक्रियाओं को सरल करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे भारतीय उत्पादों—जैसे इंजीनियरिंग गुड्स, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और आईटी सेवाओं—को ओमान के बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। खास बात यह है कि ओमान के जरिए भारतीय कंपनियों को खाड़ी देशों और अफ्रीकी बाजारों तक पहुंच आसान हो सकती है, जिससे भारत का निर्यात नेटवर्क और मजबूत होगा।
ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी India Oman CEPA भारत के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। ओमान तेल और गैस के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है और भारत पहले से ही अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से पूरा करता है। इस समझौते के बाद लॉन्ग-टर्म एनर्जी सप्लाई एग्रीमेंट, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण और रिफाइनिंग व पेट्रोकेमिकल्स में संयुक्त निवेश के नए रास्ते खुल सकते हैं। इससे वैश्विक बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति ज्यादा स्थिर और सुरक्षित हो सकेगी।
READ MORE: बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत से सजेगी गणतंत्र दिवस की शोभायात्रा
निवेश के मोर्चे पर India Oman CEPA दोनों देशों के लिए विन-विन स्थिति पैदा करता है। ओमान भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश बढ़ा सकता है, वहीं भारतीय कंपनियों को ओमान के विशेष आर्थिक क्षेत्रों में टैक्स और रेगुलेटरी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। यह साझेदारी खास तौर पर ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर और विंड एनर्जी जैसे भविष्य के सेक्टरों में सहयोग को गति दे सकती है, जो भारत की नेट-जीरो लक्ष्यों की दिशा में भी सहायक होगी।
रणनीतिक स्तर पर देखें तो India Oman CEPA हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की मौजूदगी को और मजबूत करता है। ओमान के बंदरगाहों के जरिए भारत की समुद्री लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ेगी, जिससे सप्लाई चेन अधिक कुशल बनेगी। इसके साथ ही, यह समझौता भारत की “मेक इन इंडिया” और “विकसित भारत” जैसी पहलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रभावी जरिया बन सकता है।
READ MORE: सरल कानून और विश्वास आधारित प्रशासन देश के विकास की कुंजी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
कुल मिलाकर, India Oman CEPA सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं, बल्कि निर्यात विस्तार, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और रणनीतिक सहयोग का एक व्यापक ढांचा है। आने वाले वर्षों में इसके प्रभाव भारत-ओमान संबंधों को नई मजबूती देंगे और भारत को वैश्विक आर्थिक मंच पर और सशक्त बनाएंगे।
Follow Us: YouTube| Tv today Bharat Live | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
