India Retail Market: India Retail Market आने वाले दस वर्षों में जिस रफ्तार से आगे बढ़ने वाला है, India Retail Market न केवल कारोबारियों के लिए, बल्कि आम ग्राहकों के लिए भी बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। हाल ही में जारी ‘Winning Codes for Retail 2035’ रिपोर्ट ने इस परिवर्तन की स्पष्ट तस्वीर पेश की है। यह रिपोर्ट Boston Consulting Group (BCG) और Retailers Association of India (RAI) ने मिलकर तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2035 तक भारत का रिटेल बाजार ₹210 से ₹215 ट्रिलियन यानी लगभग 210 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच सकता है।
हालांकि, इस रिपोर्ट में केवल बाजार के आकार की बात नहीं है, बल्कि खरीदारी के बदलते स्वरूप पर भी बड़ा फोकस है। अनुमान है कि आने वाले समय में ग्राहक खुद कम और उनके लिए काम करने वाले ‘एआई एजेंट’ ज्यादा सक्रिय होंगे। यानी खरीदारी की प्रक्रिया पूरी तरह तकनीक आधारित हो सकती है।
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एजेंटिक कॉमर्स का दौर शुरू
(India Retail Market) अभी तक हम ई-कॉमर्स और मोबाइल कॉमर्स की सहूलियत को अपना रहे थे, लेकिन आने वाला दशक ‘एजेंटिक कॉमर्स’ की एक नई क्रांति लाने वाला है। अब आपको अपनी ज़रूरत की चीज़ें खरीदने के लिए ऐप्स पर घंटों समय बर्बाद करने की ज़रूरत नहीं होगी; बल्कि आपकी ओर से आपका पर्सनल एआई एजेंट ये फैसले लेगा। यह डिजिटल सहायक न केवल आपकी पसंद और बजट को बारीकी से समझेगा, बल्कि आपके पिछले व्यवहार के आधार पर यह भी जान लेगा कि आपको कब और किस चीज़ की ज़रूरत है।
कल्पना कीजिए, घर का राशन खत्म होने से पहले ही आपका एजेंट बाज़ार में उपलब्ध बेहतरीन गुणवत्ता और दामों की तुलना कर खुद-ब-खुद ऑर्डर प्लेस कर दे। यह बदलाव न केवल हमारी जीवनशैली को आसान बनाएगा, बल्कि खरीदारी के फैसलों को भावनाओं के बजाय पूरी तरह तार्किक और डेटा-आधारित (Data-driven) बना देगा। संक्षेप में कहें तो, यह सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि हमारे समय और मानसिक ऊर्जा को बचाने का एक आधुनिक समाधान है।
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बाजार की तेजी के पीछे क्या वजहें?
(India Retail Market) दूसरा बड़ा कारक डिजिटल विस्तार है। देश में स्मार्टफोन उपयोग और इंटरनेट की पहुंच तेजी से बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऑनलाइन खरीदारी की प्रवृत्ति मजबूत हुई है। डिजिटल भुगतान और तेज डिलीवरी सिस्टम ने ग्राहकों का भरोसा बढ़ाया है। तीसरा पहलू है पर्सनलाइजेशन। अब कंपनियां हर ग्राहक को अलग पहचान के साथ देख रही हैं। डेटा और एआई की मदद से ग्राहकों को उनकी पसंद के मुताबिक उत्पाद और ऑफर दिए जा रहे हैं।
छोटे कारोबारियों के लिए क्या अवसर? (India Retail Market)
तकनीक का यह विस्तार केवल बड़े ब्रांड्स तक सीमित नहीं रहेगा। छोटे दुकानदार और किराना स्टोर भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़कर इसका लाभ उठा सकते हैं। अगर वे ऑनलाइन ऑर्डर और डिजिटल भुगतान को अपनाते हैं, तो उनका ग्राहक दायरा बढ़ सकता है। हालांकि, इसके लिए प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी। सरकार और उद्योग संगठनों को मिलकर छोटे व्यापारियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना होगा।
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डेटा सुरक्षा बड़ी जिम्मेदारी
एआई आधारित खरीदारी के बढ़ते चलन के साथ डेटा सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरेगा। जब डिजिटल एजेंट ग्राहकों की ओर से फैसले लेंगे, तो उनके निजी और वित्तीय डेटा की सुरक्षा सर्वोपरि होगी। कंपनियों को मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचा विकसित करना होगा, ताकि ग्राहकों का भरोसा बना रहे।
बदलाव की ओर बढ़ता भारत
कुल मिलाकर, 2035 का India Retail Market केवल आकार में बड़ा नहीं होगा, बल्कि सोच और संरचना में भी पूरी तरह बदला हुआ दिखाई देगा। तकनीक और उपभोक्ता व्यवहार के मेल से एक नया युग शुरू होने जा रहा है। अगर अनुमान सही साबित होते हैं, तो आने वाला दशक भारत के रिटेल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है जहां खरीदारी सिर्फ एक लेन-देन नहीं, बल्कि तकनीक से संचालित एक स्मार्ट अनुभव होगी।
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