Gold Prices: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों की धड़कनें तेज कर दी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच सीधी टकराव की खबरों के बाद निवेशकों का रुख एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर मुड़ता दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो भारतीय वायदा बाजार में Gold Prices में बड़ा उछाल दर्ज किया जा सकता है। कुछ आकलन तो 15 फीसदी तक की तेजी का संकेत दे रहे हैं।
भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में सोना परंपरागत रूप से सेफ हेवन माना जाता है। जब भी युद्ध, प्रतिबंध या वैश्विक आर्थिक अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक इक्विटी और जोखिम वाले एसेट से निकलकर सोने-चांदी में पैसा लगाते हैं। यही वजह है कि ताजा घटनाक्रम के बीच कमोडिटी बाजार में हलचल तेज हो गई है।
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सोमवार को बाजार खुलते ही दिख सकती है तेजी
कमोडिटी विश्लेषकों का कहना है कि यदि US Iran War कम नहीं हुआ, तो सप्ताह की शुरुआत में ही वायदा कारोबार में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। जानकारों के मुताबिक मौजूदा स्तर से 10 से 15 फीसदी तक की संभावित तेजी से Gold Prices 1.75 लाख से 1.85 लाख रुपए प्रति दस ग्राम के दायरे में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यह अनुमान इस आधार पर है कि युद्ध की स्थिति लंबी खिंचती है और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ता है।
कमोडिटी मार्केट से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय निवेशक जोखिम से बचाव की रणनीति अपना रहे हैं। डॉलर इंडेक्स, क्रूड ऑयल और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव का सीधा असर बुलियन बाजार पर पड़ सकता है। यदि कच्चे तेल की कीमतें और चढ़ती हैं, तो महंगाई की आशंका बढ़ेगी और इससे सोने की मांग को अतिरिक्त सहारा मिल सकता है।
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चांदी भी दिखा सकती है दम
केवल Gold Prices ही नहीं, चांदी भी तेजी की दौड़ में पीछे नहीं रहने वाली। विश्लेषकों का अनुमान है कि मौजूदा स्तर से 20,000 से 40,000 रुपए प्रति किलोग्राम तक की बढ़ोतरी संभव है। ऐसे में चांदी 2.90 लाख से 3.20 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के दायरे को छू सकती है। कुछ जानकारों का यह भी कहना है कि अगर तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो कीमतें इससे भी ऊपर जा सकती हैं।
चांदी की खासियत यह है कि वह औद्योगिक धातु भी है और निवेश विकल्प भी। इसलिए वैश्विक अनिश्चितता के समय इसमें दोहरी मांग बनती है- एक ओर निवेशक इसे सुरक्षित ठिकाना मानते हैं, दूसरी ओर औद्योगिक उपयोग की उम्मीदें इसे सहारा देती हैं।
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मौजूदा स्तर क्या संकेत दे रहे हैं?
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू वायदा बाजार में सोना हाल ही में मजबूती के साथ बंद हुआ और कीमतें 1.62 लाख रुपए प्रति दस ग्राम के आसपास पहुंचीं। इससे पहले यह ऐतिहासिक ऊंचाई के करीब जा चुका है। चांदी भी तेजी के साथ 2.80 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास बंद हुई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल शुरुआती प्रतिक्रिया हो सकती है, असली दिशा आने वाले दिनों में साफ होगी।
वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों की निगाहें पश्चिम एशिया की गतिविधियों पर टिकी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी बड़े सैन्य कदम से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिसका सीधा असर महंगाई और मुद्रास्फीति पर पड़ेगा। ऐसे हालात में सोने को स्वाभाविक बढ़त मिलती है।
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निवेशकों के लिए क्या रणनीति?
विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशक जल्दबाजी में बड़े दांव लगाने से बचें। चरणबद्ध निवेश और जोखिम संतुलन की रणनीति बेहतर मानी जा रही है। यदि Gold Prices में तेज उछाल आता है, तो मुनाफावसूली भी उतनी ही तेजी से हो सकती है। इसलिए दीर्घकालिक नजरिए से सोच-समझकर निवेश करना ही समझदारी होगी।
फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल है और हर नई खबर के साथ कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है। अगर US Iran War लंबा चलता है, तो बुलियन बाजार में ऐतिहासिक तेजी दर्ज हो सकती है। लेकिन यदि कूटनीतिक समाधान निकलता है, तो तेजी सीमित भी रह सकती है।
पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रम ने Gold Prices-चांदी को फिर सुर्खियों में ला दिया है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि यह संभावित ‘महा-विस्फोट’ वास्तविकता बनता है या नहीं। निवेशकों की नजरें अब बाजार खुलने के पहले कारोबारी सत्र पर टिकी हैं।
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