Jal Sanchay Jan Bhagidari 2.0: नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जल संरक्षण को लेकर बड़े फैसले लिए गए। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल वर्चुअल माध्यम से जुड़े और राज्य में चल रहे Jal Sanchay Jan Bhagidari 2.0 अभियान की प्रगति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने स्पष्ट कहा कि जल संरक्षण अब केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि विकास और भविष्य की सुरक्षा का आधार है।
बैठक में बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। जल संरचनाओं के निर्माण, भू-जल रिचार्ज और जनभागीदारी से जुड़े प्रयासों पर विस्तार से प्रस्तुति दी गई।
पानी को ‘प्रसाद’ की तरह मानने का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में जल संकट आर्थिक और सामाजिक चुनौती बन चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को ‘प्रसाद’ की तरह मानते हुए उसके प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने की बात कही गई है।
सीएम साय ने कहा कि Jal Sanchay Jan Bhagidari 2.0 को सफल बनाने के लिए जनभागीदारी सबसे अहम है। सरकार केवल योजनाएं बना सकती है, लेकिन उन्हें धरातल पर उतारने के लिए जनता की भागीदारी अनिवार्य है।
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पहले चरण में देशभर में दूसरा स्थान
मुख्यमंत्री ने बताया कि Jal Sanchay Jan Bhagidari 2.0 के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया। कई जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार भी मिले। Jal Sanchay Jan Bhagidari 2.0 के पहले चरण में बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का बड़े पैमाने पर निर्माण किया गया।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का सकारात्मक असर भी दिखाई देने लगा है। राज्य में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है।
31 मई 2026 तक 10 लाख संरचनाओं का लक्ष्य
Jal Sanchay Jan Bhagidari 2.0 के दूसरे चरण में तकनीक आधारित रणनीति अपनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इसे उन्होंने जल सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
इस चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग की जाएगी। ग्राम पंचायत स्तर पर वॉटर बजट तैयार किए जाएंगे और जल सुरक्षा योजनाओं को व्यवस्थित रूप से लागू किया जाएगा।
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किसानों को डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहन
राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से ज्यादा किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिला प्रशासन और औद्योगिक समूह इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
इन डबरियों से न केवल भू-जल स्तर में सुधार होगा, बल्कि किसानों को सिंचाई के साथ मछली पालन जैसी अतिरिक्त आय के अवसर भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताया।
गांवों के युवा बनेंगे ‘जल मित्र’
Jal Sanchay Jan Bhagidari 2.0 को जनआंदोलन का रूप देने के लिए गांवों के युवाओं को ‘जल मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। ये युवा जल संरक्षण के महत्व को घर-घर तक पहुंचाने और संरचनाओं की निगरानी में सहयोग करेंगे।
क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि सबसे ज्यादा जरूरत वाले क्षेत्रों पर पहले फोकस किया जाए।
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केंद्रीय मंत्री की सराहना
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री C. R. Patil ने बैठक में छत्तीसगढ़ के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय काम किया है और दूसरे चरण में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
उन्होंने सभी कलेक्टरों को मनरेगा के तहत उपलब्ध राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जल संरक्षण में जनभागीदारी को और बढ़ाने पर जोर दिया।
जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि जल संरचनाओं की सुरक्षा और रखरखाव भी उतना ही जरूरी है जितना उनका निर्माण।
बैठक का निष्कर्ष साफ रहा छत्तीसगढ़ जल सुरक्षा की दिशा में बड़े कदम उठा रहा है और Jal Sanchay Jan Bhagidari 2.0 को व्यापक जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी है। यदि निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरे होते हैं, तो राज्य जल प्रबंधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक मिसाल बन सकता है।
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