Modi Lee Jae Myung meeting G20 Johannesburg: दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग शहर में चल रहे जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय कूटनीतिक संपर्क तेज़ हुए। इसी क्रम में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सुरक्षा सहयोग और भविष्य की हाई-टेक भागीदारी जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
READ MORE: PM मोदी और जापानी PM ताकाइची की मुलाक़ात, भारत–जापान रणनीतिक साझेदारी में नया अध्याय
बैठक के दौरान राष्ट्रपति ली ने भारत के साथ और गहरे स्तर पर कार्य करने की इच्छा जताई, विशेष रूप से व्यापार, उद्योग और लोगों-के-बीच संपर्क को बढ़ाने की दिशा में। प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण कोरिया की उन्नत जहाज निर्माण तकनीक और उसकी विश्वस्तरीय क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया भविष्य के रणनीतिक क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं, जिनमें शिपबिल्डिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रक्षा उद्योग शामिल हैं।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने रक्षा और AI सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और इस पर कार्य-स्तर पर बातचीत जारी रखने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
READ MORE: INS Sahyadri और HMAS Ballarat ने उत्तरी प्रशांत में AUSINDEX 2025 में दिखाई सामरिक एकजुटता
इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ली को भारत आने का निमंत्रण दिया, जिसे स्वीकार करते हुए ली जे म्युंग ने भारत यात्रा की इच्छा व्यक्त की। इसे भारत-कोरिया संबंधों के और मज़बूत होने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
इसी शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ली ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने अर्थव्यवस्था, संस्कृति और सुरक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की। साथ ही सामाजिक-आर्थिक नीतियों, आय-वितरण से जुड़ी अवधारणाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को राजकीय यात्रा के लिए निमंत्रण भी दिया।
READ MORE: Piyush Goyal ने PM मोदी की शुभकामनाएं नेतन्याहू तक पहुंचाईं, व्यापार संवाद में प्रगति का संकेत
जी20 सम्मेलन के दौरान शनिवार को राष्ट्रपति ली ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ़्रीड्रिख़ मर्ज़ से भी अलग-अलग वार्ताएं कीं। इन बैठकों का उद्देश्य दक्षिण कोरिया के वैश्विक कूटनीतिक संपर्क को मज़बूत करना और वैश्विक साझेदारी के नए आयाम विकसित करना था।
Read More: जोहान्सबर्ग G20 समिट में भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका और सार्थक वार्ताएं
सम्मेलन के बीच राष्ट्रपति ली ने दक्षिण अफ्रीका में बसे कोरियाई नागरिकों से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि लगभग 4,000 कोरियाई लोग दक्षिण अफ्रीका में रहते हैं, जिनमें से कई मतदान केंद्रों की दूरी के कारण वोट डालने के लिए लंबी यात्रा करने को मजबूर होते हैं। इस समस्या को देखते हुए ली जे म्युंग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम लागू करने की संभावना पर विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘राजनीतिक पार्टियां भी आंतरिक चुनाव के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग का उपयोग करती हैं, इसकी स्थिरता सिद्ध हो चुकी है, इसलिए इसमें कोई समस्या नहीं है।‘
READ MORE: अमेरिकी दबाव, रूसी उम्मीदें भारत फिर बोला, रास्ता शांति का है
कुल मिलाकर, राष्ट्रपति ली की इन उच्च स्तरीय मुलाकातों से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि दक्षिण कोरिया वैश्विक मंच पर अपने राजनयिक और आर्थिक रिश्तों का विस्तार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारत इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat| X | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram
