Skip to content
By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
TV Today BharatTV Today BharatTV Today Bharat
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य-शहर
    • उत्तर प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • झारखंड
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • जम्मू-कश्मीर
    • दिल्ली
  • ताजा खबर
  • क्राइम
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • इंटरनेशनल न्यूज़
  • बिज़नेस
  • आस्था
  • हेल्थ
  • टेक्नोलॉजी
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • मनोरंजन
Reading: High-Fat Diet Liver Cancer Risk: लिवर सेल्स का स्ट्रेस सर्वाइवल मोड और कैंसर तक का सफर, स्टडी..
Share
Font ResizerAa
TV Today BharatTV Today Bharat
Search
  • होम
  • राज्य-शहर
    • उत्तर प्रदेश
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • छत्तीसगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • झारखंड
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • जम्मू-कश्मीर
    • दिल्ली
  • ताजा खबर
  • क्राइम
  • राष्ट्रीय
  • खेल
  • इंटरनेशनल न्यूज़
  • बिज़नेस
  • आस्था
  • हेल्थ
  • टेक्नोलॉजी
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • मनोरंजन
Follow US

Home - High-Fat Diet Liver Cancer Risk: लिवर सेल्स का स्ट्रेस सर्वाइवल मोड और कैंसर तक का सफर, स्टडी..

हेल्थ

High-Fat Diet Liver Cancer Risk: लिवर सेल्स का स्ट्रेस सर्वाइवल मोड और कैंसर तक का सफर, स्टडी..

ज़्यादा फैट, ज़्यादा रिस्क: जंक फ़ूड से लिवर कैंसर तक का खामोश सफ़र

Last updated: जनवरी 7, 2026 9:49 अपराह्न
Saloni Sharma Published जनवरी 8, 2026
Share
High-Fat Diet and Liver Cancer Risk study
Junk food ka zyada se zyada istemal liver cells ko stress-survival mode mein dhakel deta hai, jo dheere-dheere fatty liver se cancer tak ka raasta bana sakta hai.Source: Massachusetts Institute of Technology (MIT) Research Study
SHARE
Highlights
  • हाई-फैट डाइट और लिवर पर पड़ने वाला छुपा हुआ असर
  • हेपेटोसाइट्स का स्टेम-सेल मोड में जाना, सर्वाइवल या खतरा?
  • फैटी लिवर से कैंसर तक, धीरे चलने वाली अंदरुनी प्रोसेस
  • जीन्स का खेल, लिवर के नॉर्मल फंक्शन कैसे बंद हो जाते हैं
  • लाइफस्टाइल चेंज से बचाव मुमकिन? रिसर्च क्या संकेत देती है

High-Fat Diet and Liver Cancer Risk: आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में जंक फूड, ऑयली खाना और हाई-फैट डाइट हम सबकी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। बर्गर, पिज्जा, डीप-फ्राइड स्नैक्स और शुगरी ड्रिंक्स को हम सिर्फ टेस्ट के लिए चुनते हैं, लेकिन अब साइंस ने इस आदत का एक ऐसा सच सामने रखा है जो हिला देने वाला है। मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के रिसर्चर्स की एक नई स्टडी के मुताबिक, हाई-फैट डाइट का लंबा समय तक इस्तेमाल लिवर सेल्स को “स्ट्रेस-सर्वाइवल मोड” में ढकेल देता है, जो आखिर में लिवर कैंसर के रिस्क को काफी ज्यादा बढ़ा देता है।

Illustration of the progression of liver disease from fatty liver to cancer

READ MORE: इंडिया फार्मा एक्सपोर्ट्स में तेज़ी, ग्लोबल मार्केट्स में दवाओं का सुपरहिट दबदबा

इस रिसर्च के मुताबिक, जब लिवर को बार-बार फैटी फूड का लोड झेलना पड़ता है, तो लिवर के मैच्योर सेल्स, जिन्हें अपनी एक खास ज़िम्मेदारी होती है, धीरे-धीरे अपनी स्पेशलिटी खो देते हैं। ये सेल्स, जिन्हें हेपेटोसाइट्स कहा जाता है, नॉर्मल तौर पर मेटाबॉलिज्म, डिटॉक्सिफिकेशन और प्रोटीन प्रोडक्शन जैसे कामों के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। लेकिन हाई-फैट डाइट के लगातार प्रेशर में ये सेल्स अपना असली काम छोड़ कर एक प्रिमिटिव, स्टेम-सेल जैसी हालत में चले जाते हैं। ये एक तरह का सर्वाइवल मैकेनिज्म होता है, जिससे सेल्स स्ट्रेस में भी ज़िंदा रह सकें, लेकिन इसकी कीमत पूरा लिवर चुकाता है।

READ MORE: खुद को रिचार्ज करने का बेहतरीन उपाय है योग निद्रा | उत्तराखंड सड़क परियोजनाओं से विकास को नई रफ्तार

जब हेपेटोसाइट्स अपनी पहचान खो देते हैं, तो लिवर की नॉर्मल फंक्शनिंग कमज़ोर हो जाती है। यह वही स्टेज होती है जहाँ से फैटी लिवर डिज़ीज़ शुरू होती है, फिर इन्फ्लेमेशन, फिर स्कारिंग और आखिर में कैंसर तक का सफ़र तय होता है। स्टडी ने पहली बार साफ़ तौर पर दिखाया है कि फैटी लिवर डिज़ीज़ और लिवर कैंसर के बीच का बायोलॉजिकल कनेक्शन क्या है। यह सिर्फ़ कोइंसिडेंस नहीं है, बाल्की एक स्लो और साइलेंट प्रोसेस है जो सालों तक चलता रहता है।

READ MORE: नई कैथ लैब से हृदय रोगियों के इलाज का इंतजार होगा खत्म, लोहिया संस्थान को मिली बड़ी स्वास्थ्य सौगात

रिसर्चर्स ने इस पुअर प्रोसेस को समझने के लिए सिंगल-सेल RNA सीक्वेंसिंग का इस्तेमाल किया। इस टेक्नीक से उन्होंने माउस मॉडल्स में हर एक लिवर सेल की जीन एक्टिविटी को ट्रैक किया। जैसे-जैसे चूहों को हाई-फैट डाइट दी गई, उनके लिवर में पहले इन्फ्लेमेशन हुआ, फिर फाइब्रोसिस आया और आखिर में कैंसर हो गया। इस दौरान एक खतरनाक पैटर्न सामने आया। शुरुआत में ही ऐसे जीन एक्टिव हो गए जो सेल सर्वाइवल और अनकंट्रोल्ड ग्रोथ को प्रमोट करते हैं, जबकी मेटाबॉलिज्म और प्रोटीन सेक्रेशन से जुड़े जीन धीरे-धीरे बंद होने लगे। स्टडी के आखिर तक लगभग सारे चूहे जो हाई-फैट डाइट पर थे, उनमें लिवर कैंसर हो चुका था। ये रिजल्ट इस बात का स्ट्रॉन्ग सिग्नल है कि अगर डाइट और लाइफस्टाइल पर टाइम रहते कंट्रोल न किया गया, तो लिवर डिजीज सिर्फ फैटी लिवर तक सिमित नहीं रहेगी, बालकी कैंसर तक पहुंच सकती है। ये कोई अचानक होने वाली बीमारी नहीं है, बाल्की एक साइलेंट ट्रांसफॉर्मेशन है जो अंदर ही अंदर चलता रहता है।

READ MORE: भारत पर मंडराता नया स्वास्थ्य संकट, ड्रग-रेसिस्टेंट फंगस बन रहा साइलेंट किलर, ऐसे करता है अटैक ?

इस रिसर्च का एक और ज़रूरी हिस्सा ये था कि साइंटिस्ट्स ने कुछ खास ट्रांसक्रिप्शन फैक्टर्स आइडेंटिफाई किए, जो लिवर सेल्स को इस स्ट्रेस-सर्वाइवल मोड में पुश करते हैं। अच्छी खबर ये है कि इनमें से कुछ फैक्टर्स को टारगेट करने वाली दवाएं पहले से ही डेवलपमेंट फेज में हैं या क्लिनिकल ट्रायल्स में इस्तेमाल हो रही हैं, खासकर सीवियर फैटी लिवर डिजीज के पेशेंट्स के लिए। मतलब फ्यूचर में ऐसे ट्रीटमेंट्स मुमकिन हो सकते हैं जो सिर्फ सिम्टम्स नहीं, बाल्की डिजीज के रूट कॉज पर काम करें। सिर्फ एनिमल मॉडल्स ही नहीं, बाल्की ह्यूमन लिवर सैंपल्स का एनालिसिस भी इस स्टडी का हिस्सा था। इंसानों में भी वही जेनेटिक पैटर्न देखा गया। जिन लोगों के लिवर सेल्स में सर्वाइवल से जुड़े जीन ज़्यादा एक्टिव थे और नॉर्मल लिवर फंक्शन वाले जीन कम, उनमें कैंसर डेवलप होने के बाद के नतीजे काफी खराब रहे। यह पता लगाना भी मुश्किल है कि लिवर कैंसर सिर्फ एक स्टेज पर नहीं, बल्कि पहले से चल रहे सेलुलर बदलावों का नतीजा होता है।

READ MORE: स्मार्टफोन की लत और गर्दन का दर्द, स्पॉन्डिलाइटिस की बढ़ती चुनौती जानिये लक्षण

रिसर्चर्स का मानना ​​है कि चूहों में यह प्रोसेस लगभग एक साल में पूरा हो जाता है, लेकिन इंसानों में यह दशकों तक रह सकता है। यह ड्यूरेशन डाइट, मोटापा, शराब पीना और वायरल इन्फेक्शन जैसे फैक्टर्स पर निर्भर करता है। इसी वजह से फैटी लिवर डिजीज को अक्सर लोग सीरियस नहीं लेते, क्योंकि शुरू में कोई सीरियस सिम्टम नहीं दिखता। लेकिन अंदर ही अंदर लिवर सेल्स अपनी असली पहचान छोड़कर कैंसर-फ्रेंडली माहौल बना रहे होते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस प्रोसेस को रिवर्स किया जा सकता है? रिसर्चर्स का अगला फोकस इसी पर है। फ्यूचर स्टडीज़ में यह देखा जाएगा कि अगर डाइट सुधारी जाए, वेट-लॉस ट्रीटमेंट के लिए जाएं या लाइफस्टाइल में बदलाव किए जाएं, तो क्या लिवर सेल्स वापस अपनी नॉर्मल स्टेट में आ सकते हैं और कैंसर का रिस्क कम हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो लाखों लोगों के लिए उम्मीद की एक नई रोशनी होगी।

READ MORE: चुकंदर के पत्तों के फायदे, शरीर को डिटॉक्स करने का प्राकृतिक तरीका, खून की कमी में रामबाण

इस खराब पढ़ाई का सबसे बड़ा मैसेज बिल्कुल सीधा है। हाई-फैट डाइट सिर्फ वज़न बढ़ने या कोलेस्ट्रॉल का मुद्दा नहीं है, बाल्की ये आपके लिवर को धीरे-धीरे एक ऐसी राह पर ले जा सकती है जहाँ से वापस आना मुश्किल हो जाता है। आज जो खाना हम कभी-कभी बोलकर इग्नोर कर देते हैं, वही कल को एक बड़ी बीमारी की नींव बन सकता है। इस समय खुद पर कंट्रोल, बैलेंस्ड डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल ही सबसे बड़ा प्रोटेक्शन है। ये रिसर्च सिर्फ साइंस का डेटा नहीं है, बाल्की एक वॉर्निंग

Follow Us: YouTube| TV TODAY BHARAT LIVE | Breaking Hindi News Live | Website: Tv Today Bharat|  X  | FaceBook | Quora| Linkedin | tumblr | whatsapp Channel | Telegram

You Might Also Like

Char Dham Yatra 2026: यात्रा से पहले GMVN को 2.5 करोड़ की एडवांस बुकिंग, सीजन को लेकर बढ़ी उम्मीदें

Sovereign AI: ‘सॉवरेन एआई’ के जरिए तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

Iran-US-Israel War: हमलों के बाद मुस्लिम देशों की चुप्पी, क्यों बढ़ी Iran की कूटनीतिक तन्हाई?

Karachi Violence: Ali Khamenei की मौत के बाद पाकिस्तान में उबाल, Karachi में हिंसक प्रदर्शन, राजनयिक क्षेत्र के पास तनाव

CENTCOM: US-Iran War के बीच चर्चा में CENTCOM, किसने बनाई यह फोर्स, कहां है तैनाती और कैसे करती है काम?

Quick Link

  • Contact Us
  • Blog Index
TAGGED:Bharat tv liveCancerRiskFattyLiverDiseaseHealthResearchHigh-Fat Diet and Liver Cancer RiskHighFatDietLiverCancerToday Big BreakingWatch Live TV
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Char Dham Yatra 2026
Uttarakhand

Char Dham Yatra 2026: यात्रा से पहले GMVN को 2.5 करोड़ की एडवांस बुकिंग, सीजन को लेकर बढ़ी उम्मीदें

मार्च 1, 2026
Sovereign AI
Technology

Sovereign AI: ‘सॉवरेन एआई’ के जरिए तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

मार्च 1, 2026
Iran US Israel War
International

Iran-US-Israel War: हमलों के बाद मुस्लिम देशों की चुप्पी, क्यों बढ़ी Iran की कूटनीतिक तन्हाई?

मार्च 1, 2026
Karachi Violence
International

Karachi Violence: Ali Khamenei की मौत के बाद पाकिस्तान में उबाल, Karachi में हिंसक प्रदर्शन, राजनयिक क्षेत्र के पास तनाव

मार्च 1, 2026
CENTCOM
International

CENTCOM: US-Iran War के बीच चर्चा में CENTCOM, किसने बनाई यह फोर्स, कहां है तैनाती और कैसे करती है काम?

मार्च 1, 2026
Ali Khamenei Death
International

Ali Khamenei Death: मौत की आधिकारिक पुष्टि, ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक, तेहरान से कर्बला तक उमड़ा जनसैलाब

मार्च 1, 2026

TVTodayBharat एक डिजिटल-फर्स्ट हिंदी समाचार मंच है, जहाँ हम ताज़ा खबरें, राष्ट्रीय व राज्यीय अपडेट, खेल, मनोरंजन, टेक, हेल्थ, एजुकेशन और लाइफ़स्टाइल जैसी श्रेणियों में तेज़, सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग पेश करते हैं। हमारा उद्देश्य सरल भाषा में भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना, हर खबर के संदर्भ और तथ्य स्पष्ट करना, और ज़रूरत पड़ने पर समय पर सुधार प्रकाशित करना है। हम सनसनी से दूर रहते हुए प्रमाणित स्रोतों, डेटा और ग्राउंड इनपुट पर आधारित पत्रकारिता करते हैं, ताकि आप एक ही जगह पर विश्वसनीय समाचार, विश्लेषण, फोटो-वीडियो और वेब स्टोरीज़ पा सकें।

  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions

TVTodayBharat एक डिजिटल-फर्स्ट हिंदी समाचार मंच है, जहाँ हम ताज़ा खबरें, राष्ट्रीय व राज्यीय अपडेट, खेल, मनोरंजन, टेक, हेल्थ, एजुकेशन और लाइफ़स्टाइल जैसी श्रेणियों में तेज़, सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग पेश करते हैं। हमारा उद्देश्य सरल भाषा में भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना, हर खबर के संदर्भ और तथ्य स्पष्ट करना, और ज़रूरत पड़ने पर समय पर सुधार प्रकाशित करना है। हम सनसनी से दूर रहते हुए प्रमाणित स्रोतों, डेटा और ग्राउंड इनपुट पर आधारित पत्रकारिता करते हैं, ताकि आप एक ही जगह पर विश्वसनीय समाचार, विश्लेषण, फोटो-वीडियो और वेब स्टोरीज़ पा सकें।

  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Editorial Policy
  • Disclaimer
  • Terms and Conditions
© TVTodayBharat | Design by Vivek
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?